COVID-19 Update: UP में कोरोना के एक दिन में रिकॉर्ड 817 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 16594
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COVID-19 Update: UP में कोरोना के एक दिन में रिकॉर्ड 817 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 16594
यूपी में कोरोना संक्रमण के मृतकों का आंकडा 507 हो गया है. (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बीते 24 घंटे के दौरान किसी एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 817 मामले सामने आने के साथ ही कुल मामले बढ़कर 16594 हो गये हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 19 और मौतों के साथ शुक्रवार को कोविड-19 संक्रमण (COVID-19 Infection) से मरने वालों की संख्या 500 से अधिक हो गई है. जबकि प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान किसी एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 817 मामले सामने आने के साथ ही कुल मामले बढ़कर 16594 हो गये हैं. जबकि यूपी के अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में संक्रमण का इलाज कराने वाले लोगों की संख्या 6092 है जबकि 9995 लोगों को पूर्णतया स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है.

उत्‍तर प्रदेश में कोरोना से अब तक 507 लोगों की मौत
अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के कारण बीते 24 घंटे में 19 और मौतों के साथ ही इस संक्रमण के मृतकों का आंकडा 507 हो गया है. पृथक-वास में 6095 लोगों का विभिन्न चिकित्सालयों में अपना इलाज चल रहा है. जबकि पृथक-वास में रह रहे 7378 लोगों के सैंपल एकत्र कर उनकी जांच की जा रही है. गुरुवार को प्रदेश में सैम्पलिंग की संख्या एक बार फिर से बढ़ी और यह 17 हजार के आंकडे के पार हो गयी. कुल 17221 सैम्पल की जांच की गयी. जबकि अब तक उत्‍तर प्रदेश में अब तक कुल 5, 32, 505 सैम्पल की जांच की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि पूल सैम्पल के माध्यम से गुरुवार को ही पांच- पांच सैम्पल के 1229 पूल लगाये गये, जिनमें से 167 पॉजिटिव निकले जबकि दस दस सैम्पल के 110 पूल लगाये गये, जिनमें से 24 पॉजिटिव पाये गये हैं.

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आरोग्य सेतु ऐप का लगातार इस्तेमाल


अपर मुख्य सचिव ने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है.इसके माध्यम से जिन लोगों को एलर्ट आये, ऐसे 86, 889 लोगों को स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष से फोन कर उन्हें सावधान किया गया कि वे किसी ना किसी संक्रमित व्यक्ति के नजदीक आये हैं. कुल 3420 लोगों ने बताया कि वे पृथक-वास में हैं, तो 167 ने बताया कि वे संक्रमित हैं और उनका इलाज चल रहा है. वहीं, 110 लोगों ने बताया कि वे इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने अब तक 17, 54, 920 प्रवासी श्रमिकों और कामगारों के गांव- गांव, घर- घर जाकर सर्वेक्षण किया. आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 1522 ऐसे लोग पाये गये, जिनमें कोरोना संक्रमण को लेकर कोई ना कोई लक्षण मिले. कुल 1144 प्रवासी कामगारों की जांच करायी गयी, जिनमें से 185 प्रवासी श्रमिक संक्रमित पाये गये हैं. यह आंकडा 16 प्रतिशत है, जिनकी रिपोर्ट आशा कार्यकर्ताओं ने की.प्रसाद ने बताया कि 6354 हॉटस्पॉट क्षेत्रों सहित कुल 19, 189 क्षेत्रों में सर्विलांस का कार्य चल रहा है. कुल 97, 33, 508 घरों में 4, 96, 85, 930 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया ये निर्देश
प्रसाद ने बताया कि गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो—तीन महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किये गये. पहले जब किसी व्यक्ति की अस्पताल में मौत होती थी और अगर कोरोना संक्रमण के लिए उसका सैम्पल लिया गया है तो जब तक सैम्पल की जांच नहीं हो जाती थी, तब तक शव परिजनों को नहीं दिया जाता था. शव अस्पताल में ही रहता था और परिजनों को इंतजार करना पडता था, लेकिन अब शासनादेश जारी किया गया है कि टेस्ट के रिजल्ट का इंतजार नहीं किया जाएगा. अगर किसी की मौत हुई है तो उसका शव तत्काल परिजनों को सौंप दिया जाएगा. परिजन पूरी सावधानी बरतेंगे, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के लिए बरती जाती है. ये मानते हुए कि उसमें संक्रमण हो सकता है. प्रसाद ने एक अन्य शासनादेश के बारे में बताया कि निजी लैब अभी तक कोरोना संक्रमण की जांच का 4500 रुपये जांच शुल्क ले रही थीं , लेकिन अब उसका मूल्य नियंत्रित कर दिया गया है. अगर कोई सैम्पल जाकर प्रयोगशाला में देता है तो उससे केवल 2000 रुपये लिया जाएगा. अगर प्रयोगशाला किसी को भेजकर घर से सैम्पल लेती है तो अधिकतम 2500 रुपया लिया जाएगा.

जबकि एक और आदेश किया गया है, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) पर अब ओपीडी की सुविधा प्रारंभ कर दी गयी है. वहां पर ये निर्णय लिया गया है कि कोविड हेल्थ डेस्क की स्थापना की जाएगी जो एक कमरे में होगा, जिसे भी कोरोना के लक्षण होंगे, उसे तत्काल हेल्थ डेस्क पर ले जाया जाएगा. उसकी थर्मल स्क्रीनिंग होगी और पल्स आक्सीमीटर से जांच होगी.

 

 
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