लखनऊ के पॉश इलाके में हॉस्पिटल मैनेजर की धारधार हथियार से हत्या, पुलिस मान रही एक्सीडेंट

विश्वजीत महानगर के मिडलैंड हॉस्पिटल में मैनेजर था. विश्वजीत रईस, प्रतिष्ठित खानदान से ताल्लुक रखता था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 17, 2019, 11:33 AM IST
लखनऊ के पॉश इलाके में हॉस्पिटल मैनेजर की धारधार हथियार से हत्या, पुलिस मान रही एक्सीडेंट
मृतक विश्वजीत सिंह पुंडीर की फाइल फोटो
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Updated: July 17, 2019, 11:33 AM IST
राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर के विश्वास खंड में सुबह सवेरे ही सनसनी फैल गई. मंगलवार देर रात घर में घुसकर 28 साल के विश्वजीत सिंह पुंडीर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजन और दोस्त इसे हत्या बता रहे हैं, जबकि पुलिस एक्सीडेंट मानकर जांच कर रही है. परिजनों का कहना है कि किसी धारदार हथियार से उसकी हत्या की गई है.

विश्वजीत महानगर के मिडलैंड हॉस्पिटल में मैनेजर था. विश्वजीत रईस, प्रतिष्ठित खानदान से ताल्लुक रखता था. पुलिस के मुताबिक रात तकरीबन 2 बजे खून से लथपथ विश्वजीत ने अपनी मां के कमरे का दरवाजा खटखटा और बताया कि उसे चोट लग गई है. उसकी पीठ से लगातार खून बह रहा था. परिजन उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में ले गए जहां 2 घंटे की मशक्कत के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला कि विश्वजीत पहली मंजिल पर अकेले रहता था. पुलिस जांच के लिए सुबह कमरे में पहुंची है तो कमरे में टीवी, एसी भी चल रहा था. कई बियर केन और गांजे की सिगरेट भी कमरे से मिली है. पुलिस ने फॉरेंसिक यूनिट मंगवा कर भी मौके की जांच पड़ताल की. एसपी ग्रामीण विक्रांतवीर के मुताबिक सभी एंगल को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है.

एसपी ग्रामीण विक्रांतवीर


एसपी ग्रामीण के मुताबिक मृतक विश्वजीत करीब दो बजे अपने घर पहुंचा और लहूलुहान हालत में दरवाजा खटखटाया. उसने अपनी मां को बताया कि वह गिर गया है और उसे चोट लगी है. जिसके बाद परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौके पर पुलिस तफ्तीश में जुटी है.

उधर परिजनों का कहना है कि यह एक्सीडेंट नहीं हत्या है. किसी ने उस पर धारधार हथियार से हमला किया है. मौके पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है और जांच में जुटी है. मामले में एडीजी जोन लखनऊ राजीव कृष्णा भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ चीजें साफ हो रही हैं जबकि कुछ जगह विरोधाभास देखने को मिल रहा है. सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की सत्यता से जांच कर विधिक कार्रवाई की जाए.
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(इनपुट: ऋषभमणि त्रिपाठी)

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First published: July 17, 2019, 11:19 AM IST
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