सपा-बसपा 'गठबंधन' के भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं: आकाश आनंद

2019 लोकसभा चुनाव में बीएसपी को संतोषजनक सीटें न मिलने और कुछ प्रदेशों में करारी हार को लेकर मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अखिल भारतीय स्तर पर मीटिंग बुलाई थी.

News18Hindi
Updated: June 4, 2019, 10:39 AM IST
सपा-बसपा 'गठबंधन' के भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं: आकाश आनंद
मायावती-अखिलेश और आकाश आनंद
News18Hindi
Updated: June 4, 2019, 10:39 AM IST
लोकसभा चुनाव से पहले हुआ सपा-बसपा गठबंधन अंतत: दरकता हुआ दिखाई दे रहा है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में सोमवार को बुलाई बैठक में गठबंधन के टूटने के संकेत दिए थे. इसको लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने अपने ट्विटर अकाउंट से मंगलवार को जानकारी दी कि बीएसपी प्रमुख मायावती प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. आकाश ने अपने एक अन्य ट्वीट के जरिए यह भी बताया था कि सपा-बसपा गठबंधन टूट नहीं रहा है, केवल उपचुनाव अकेले लड़ने की बात है.

आकाश आनंद ने अपने फेसबुक पोस्‍ट में लिखा कि लोकसभा चुनाव के दौरान सपा और बसपा गठजोड़ को जमीनी स्‍तर पर मजबूती देने के लिए गठित 'भाईचारा समितियों' को आगे भी काम करते रहने का निर्देश दिया गया है. उन्‍होंने आगे लिखा कि सपा-बसपा गठबंधन के भविष्‍य को लेकर किसी तरह का फैसला नहीं लिया गया है. आकाश आनंद ने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा कि गठबंधन को लेकर मीडिया में आ रही खबरें गलत हैं. बसपा ने कहा कि मीटिंग (3 जून को दिल्‍ली में हुई समीक्षा बैठक) में इस बारे में चर्चा हुई कि चुनाव में हार कैसे हुई और EVM को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. लेकिन, गठबंधन के भविष्य को लेकर कोई भी फ़ैसला नहीं लिया गया.

समीक्षा बैठक में नाखुश थीं मायावती

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के सेंट्रल ऑफिस में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मायावती गठबंधन से नाखुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि गठबंधन से पार्टी को फायदा नहीं हुआ. यादव का वोट हमारी पार्टी (बसपा) को ट्रांसफर नहीं हुआ. सूत्र बताते हैं कि बीएसपी पदाधिकारियों से मिले फीडबैक के बाद मायावती ने बैठक में कहा कि गठबंधन का वोट चुनावों में ट्रांसफर नहीं हुआ. लिहाजा, आगामी उपचुनाव में बीएसपी अकेले ही मैदान में उतड़ेगी. बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीएसपी के 10 प्रत्‍याशी संसद पहुंचे हैं, जिसके बाद खाली हुई सीटों पर छह महीने के भीतर चुनाव होने हैं.

वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में बीएसपी को संतोषजनक सीटें न मिलने और कुछ प्रदेशों में करारी हार को लेकर मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अखिल भारतीय स्तर पर मीटिंग बुलाई थी. यूपी के सभी बसपा सांसदों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक में मायावती ने कहा कि पार्टी सभी विधानसभा उपचुनाव में लड़ेगी और अब 50 फीसदी वोट का लक्ष्य लेकर राजनीति करनी है. मायावती ने ईवीएम में धांधली का भी आरोप लगाया.



आमतौर पर उपचुनाव नहीं लड़ती बसपा
Loading...

जानकारों की मानें तो बसपा द्वारा उपचुनाव लड़ने का फैसला चौंकाने वाला है, क्योंकि बसपा के इतिहास को देखें तो पार्टी उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारती है. वर्ष 2018 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और सपा को समर्थन दिया था. इसी आधार पर लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन बना, लेकिन परिणाम मनमाफिक नहीं आए. अब अगर मायावती अकेले उपचुनाव में उतरने का फैसला करती हैं तो गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठाना लाजमी है.

ये भी पढ़ें:

केशव मौर्या बोले- बुआ ने दे ही दिया बबुआ को धोखा,"अब ‘हाथी’ नहीं करेगा ‘साईकिल’ की सवारी

यूपी के कृषि मंत्री शाही का बड़ा बयान, बोले-सपा का 'पाप' ढो रही है भाजपा सरकार

यूपी में गठबंधन पर संकट के बादल, 11 सीटों पर अकेले उपचुनाव लड़ेगी BSP!

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 4, 2019, 10:15 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...