UP Panchayat Election 2021: दिल्ली की तर्ज पर AAP लड़ेगी चुनाव, जारी की प्रत्याशियों की पहली लिस्ट

पंचायत चुनाव के लिए AAP ने जारी की प्रत्याशियों की पहली लिस्ट

पंचायत चुनाव के लिए AAP ने जारी की प्रत्याशियों की पहली लिस्ट

संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि ये पंचायत चुनाव हमारे लिये खासा महत्वपूर्ण है. क्योंकि इस पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के जरिए ही हम 2022 के विधानसभा में भी पार्टी की जीत का रोडमैप तैयार करेंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (Uttra Pradesh Panchayat Chunav 2021) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है. शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (MP Sanjay Singh) ने पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले ही आप समर्थित जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है.

यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बताया कि ‘आज आम आदमी पार्टी ने 400 जिला पंचायत पद के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की गई है. जिसमें तमाम मौजूदा जिला पंचायत सदस्य, प्रधान और सांसद-विधायकी का चुनाव लड़ने वाले नेता भी शामिल है. ये पंचायत चुनाव हम फ्री बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े दिल्ली के केजरीवाल मॉडल के साथ किसानों, नौजवानों, शिक्षा, सड़क, पानी और बिजली के मुद्दे के साथ लड़ेंगे. हम जिला पंचायत के 3000 क्षेत्रों में 3000 प्रचार वाहनों के जरिये यूपी के हर एक गांव और घर तक केजरीवाल मॉडल का प्रचार-प्रसार करेंगे और फिर घर-घर जाकर वोट मांगेगे.’

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संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि ये पंचायत चुनाव हमारे लिये खासा महत्वपूर्ण है. क्योंकि इस पंचायत चुनाव के जरिए ही हम 2022 के विधानसभा में भी पार्टी की जीत का रोडमैप तैयार करेंगे. इसलिए इस चुनाव में जो प्रत्याशी बेहतर प्रदेशन करेगा. उसे पार्टी का शीर्ष नेतृत्व आगामी विधानसभा का चुनाव भी लड़ाने के बारे में विचार करेगा. इस चुनाव से आप नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढेगा. इस चुनाव के जरिये कई चीजों का आकंलन होगा. बीजेपी तो चुनाव लडने से पहले ही मैदान छोड़ कर भाग चुकी है, क्योंकि खुद योगी आदित्यनाथ ने चुनाव सिंबल पर लड़े जाने की बात कही थी. लेकिन बीजेपी आज किसान आंदोलन के चलते हार के डर से अब सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ रही है’

जमीनी मुद्दों की लड़ाई

सिंह कहते है कि ‘हमने 2017 में नगर निगम के चुनाव भी लड़े थे. जिसमें 50 सीटे हमें मिली थी. और दो चेयरमैन हमारे जीत के आए थे. तो हमें लगता है कि अब और अच्छा समर्थन मिलेगा. क्योंकि तब से अब में काफी फर्क आया है. बहुत काम पिछले 1 वर्ष में हम लोगो ने किया है. जनता के जमीनी मुद्दों को हमने राजनीति के केंद्र में लाने का प्रयास किया है. फिर चाहे वो शिक्षा, बिजली, पानी का मुद्दा हो या फिर अपराध का मुद्दा रहा हो. हमने हाथरस, बिकरूकांड, पूर्व विधायक की हत्या जैसे मामलों को हमने उठाकर उसे राजनीति के केंद्र में लाने का काम किया है. मुझे लगता है जिला पंचायत के चुनाव में जनता उस पर मोहर भी लगाएगी.’
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