• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • LUCKNOW ACCUSED ARRESTED FOR REVEALING LUCKNOW BANK OF BARODA ATM CASH THEFT NODELSP

नौकरी जाने के बाद पूर्व कर्मी ने पुराने पासवर्ड से ATM मशीन से उड़ाए 15 लाख

लखनऊ: एटीएम से 15 लाख चोरी का खुलासा, कैश ट्रांसफर कंपनी के पूर्व कर्मचारी ही निकले आरोपी.

लखनऊ की मंडियाव पुलिस ने पिछले दिनों एटीएम से15 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा कर दिया. गिरफ्तार आरोपी एटीएम में कैश ट्रांसफर करने वाली कंपनी के ही पूर्व कर्मचारी निकले. आरोपियों से चुराई गई रकम में से 11 लाख 15 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं.

  • Share this:
लखनऊ. लखनऊ ( Lucknow) की मंडियाव पुलिस ने पिछले दिनों एटीएम (ATM ) से 15 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा कर दिया. गिरफ्तार आरोपी एटीएम में कैश ट्रांसफर करने वाली कंपनी के ही पूर्व कर्मचारी निकले. आरोपियों से चुराई गई रकम में से 11 लाख 15 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं. यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जिसके बाद आरोपी पकड़ में आ गए.

राजधानी लखनऊ के मंडियाव थाने में 29 मई को बैंक ऑफ बड़ौदा के एक एटीएम से 15 लाख रुपये की चोरी की एफआईआर दर्ज हुई. ये एफआईआर एटीएम में कैश ट्रांसफर करने वाली कंपनी सीएमएस ने दर्ज कराई थी. मंडियाव पुलिस ने एटीएम की पिछले कई दिनों की सीसीटीवी फुटेज निकाली तो 18 मई को चोरी की ये घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. पुलिस ने सीएमएस कंपनी के लोगों को ये फुटेज दिखाई तो चोरी करने वाले शख्स की पहचान कंपनी के पूर्व कर्मचारी रवि के सहयोगी शैलेंद्र के तौर पर हुई है.

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि एक महीना पहले ही कंपनी ने रवि और शैलेंद्र को नौकरी से निकाला था. इस जानकारी के बाद पुलिस ने छापेमारी कर पहले शैलेंद्र और उसकी मां को गिरफ्तार किया जिनके कब्जे से 5 लाख रुपये बरामद हुए. दोनों की निशानदेही पर रवि की गिरफ्तारी हुई, जिसके कब्जे से 5 लाख 15 हजार रुपये बरामद हुए. आरोपियों ने बताया कि बाकी रकम वो कर्ज उतारने में खर्च कर चुके हैं.

पुलिस पूछताछ में पता चला कि रवि सीएमएस कंपनी का ही कर्मचारी जो एटीएम में कैश ट्रांसफर का काम करता था. गलत हरकतों के चलते उसे कंपनी से निकाला गया था. रवि की जगह आये नए कर्मचारी से बातचीत के दौरान रवि को पता चला चला कि एटीएम खोलने का कोड नए कर्मचारी ने बदला नहीं था. अब भी रवि के कोड से ही एटीएम खोलकर कैश ट्रांसफर किया जा रहा था. नए कर्मचारी की इसी गलती का फायदा रवि ने उठाया और 18 मई की रात अपने सहयोगी शैलेंद्र को अपना कोड देकर बैंक ऑफ बड़ौदा की एटीएम मशीन खुलवाई. कैश ट्रे में रखी पूरी रकम 15 लाख रुपये चोरी करवा लिये. जब शैलेंद्र एटीएम खोलकर रकम निकाल रहा था तब रवि और शैलेंद्र की मां बाहर निगरानी कर रहे थे, लेकिन ये पूरी घटना एटीएम के  सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और चोरी का खुलासा हो गया.