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कमलेश तिवारी हत्याकांड: राहगीरों का फोन मांगकर इस्तेमाल कर रहे हैं हत्या के आरोपी

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 21, 2019, 3:44 PM IST
कमलेश तिवारी हत्याकांड: राहगीरों का फोन मांगकर इस्तेमाल कर रहे हैं हत्या के आरोपी
कमलेश तिवारी हत्याकांड: राहगीरों का फोन मांगकर इस्तेमाल कर रहे हैं हत्यारोपी (fle photo)

इस मामले में अबी तक पुलिस ने 74 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है. जिसके आधार पर यूपी पुलिस हत्यारोपियों के करीब पहुंचने की फिराक में है. हालांकि अभी तक पुलिस को खास सफलता नहीं मिली है.

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लखनऊ. हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) में शामिल संदिग्ध हत्यारे (Suspected Murderers) अब राहगीरों से फोन मांगकर इस्तेमाल कर रहे हैं. पुलिस सूत्रों (Police Sources) के मुताबिक दोनों आरोपी पकड़े जाने के डर से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं. रविवार रात पुलिस को दोनों की लोकेशन हरियाणा के अंबाला में होने की जानकारी मिली थी. हालांकि रात 12 बजे पुलिस को पता लगा कि ये उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हो सकते हैं.

राहगीरों के फोन का इस्तेमाल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी अपना फोन इस्तेमाल करने की बजाए किसी राहगीर से बहाने बनाकर फोन मांगकर इस्तेमाल कर आगे निकल जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस की कई टीमें दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक आरोपी नेपाल नहीं जाना चाहते बल्कि उनका मकसद कुछ और है. वहीं गुजरात के सूरत से लखनऊ लाये गए तीन संदिग्धों से पूछताछ कर बाकी दोनों आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश हो रही है.

74 सीसीटीवी फुटेज बरामद

इस मामले में अब तक पुलिस ने 74 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है. जिसके आधार पर यूपी पुलिस हत्या के आरोपियों के करीब पहुंचने की फिराक में है. हालांकि अभी तक पुलिस को खास सफलता नहीं मिली है. दोनों लगातार अपना भेष बदलकर छिप रहे हैं. वो अपना मोबाइल भी सात-आठ घंटे बाद ऑन कर रहे हैं और उसके बाद स्विच ऑफ कर दे रहे हैं.

बता दें कि बीते 18 अक्टूबर को हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के अध्यक्ष कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की लखनऊ में उनके घर में घुसकर हत्या (Murder) कर दी गई थी. इस हत्याकांड में गुजरात से तीन और यूपी से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यूपी के बिजनौर के दो मौलानाओं की भी भूमिका की जांच की जा रही है. वर्ष 2015 में इन दोनों मौलानाओं ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वालों को डेढ़ करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी. घटना के मुख्य आरोपी शेख अशफाक हुसैन (Accused Sheikh Asfaq Hussain) और पठान मोइनुद्दीन अहमद (Pathan Moinuddin Ahamd) उर्फ फरीद अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.

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First published: October 21, 2019, 3:24 PM IST
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