निर्भया के गुनहगारों के डेथ वारंट पर एसिड पीड़िताओं ने जताई ख़ुशी, बोलीं- 'हमें भी मिले जल्द न्याय'

निर्भया के गुनहगारों के डेथ वारंट पर ख़ुशी जाहिर करती एसिड अटैक विक्टिम
निर्भया के गुनहगारों के डेथ वारंट पर ख़ुशी जाहिर करती एसिड अटैक विक्टिम

News 18 से बात करते हुए एसिड अटैक पीड़िता (Acid attack victim) कहती हैं कि 'आज बेहद खुशी है कि आखिरकार निर्भया के गुनाहगारों के खिलाफ डेथ वारंट (Death warrant) जारी कर दिया गया है. इसके लिये हम निर्भया के परिजनों को सलाम करते हैं...

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लखनऊ. निर्भया (Nirbhaya case) के गुनहगारों का डेथ वारंट (Death warrant) जारी होने के बाद आज सिर्फ निर्भया का परिवार ही नहीं बल्कि पूरा देश खुश है. 16 दिसंबर 2012 को इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद पूरे देश ने एक स्वर में इस मामले के दोषियों को फांसी की सजा दिये जाने की मांग की थी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में शीरोज कैफे (Sheroes Hangout) चलाने वाली एसिड अटैक पीड़िताओं (Acid attack Victims) ने भी कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताते हुए जल्द ही खुद को भी न्याय मिलने की उम्मीद जताई.

News 18 से बात करते हुए एसिड अटैक पीड़िता कहती हैं कि 'आज बेहद खुशी है कि आखिरकार निर्भया के गुनाहगारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया गया है. इसके लिये हम निर्भया के परिजनों को सलाम करते है और हम उम्मीद जताते हैं कि जल्द ही निर्भया की तर्ज पर हम जैसे एसिड अटैक पीड़ित लोगों को भी कोर्ट से न्याय मिलेगा.' गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भयाकांड के 6 दोषियों में से 4 के खिलाफ आज पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर दिया है. पटियाला हाउस कोर्ट नें निर्भया के 4 गुनाहगारों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजकर बजे फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई है. निर्भया कांड का एक दोषी पहले ही आत्महत्या कर चुका है, तो वहीं दूसरे को नाबालिग होने के चलते छोड़ा जा चुका है.

21 वीं सदी में पहली बार
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा मिलते ही निर्भया कांड इतिहास के पन्नो में दर्ज हो जायेगा. क्योंकि 21 वी सदी में यह पहली बार होगा जब 4 अपराधियों को भारत में एक साथ फांसी की सजा दी जायेगी. हालांकि आजादी से पहले कई बार अंग्रेजो द्वारा कई लोगों को एक साथ फांसी पर चढाया जा चुका है, लेकिन आजादी के बाद 10 लोगों की जघन्य हत्या से जुड़े अभयंकर जोशी केस में ही 27 नवंबर 1983 को पूणे की यरवदा जेल में एक साथ 4 लोगों को फांसी पर चढाया गया था. आजाद भारत में दूसरा और 21 वीं सदी का यह पहला मामला होगा जब एक साथ 4 लोगों को फांसी की सजा दी जायेगी.
चुंकि तिहाड़ जेल के पास कोई जल्लाद नही है इसलिए तिहाड़ जेल प्रशासन ने बीते दिसंबर माह में ही निर्भयाकांड के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिये यूपी पुलिस को पत्र लिखकर जल्लाद की मांग की थी. News 18 से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के डीजी जेल आनंद कुमार बताते हैं कि 'तिहाड़ जेल के अधीक्षक ने हमें दिसंबर में ही एक पत्र भेजा था. जिसमें फांसी की सजा पाये अपराधियो को फांसी के फंदें पर लटकाने के लिये जल्लाद न उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए यूपी से जल्लाद की मांग की थी. क्योंकि यूपी में दो जल्लाद मौजूद हैं ऐसे में हमने उनके पत्र का जवाब देते हुए सहमति दे दी है कि आपको जब भी जरूरत होगी, हम उनको आपकी सेवा में भेज देंगे.



खुश है पवन जल्लाद
वहीं निर्भयाकांड के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की जानकारी मिलते ही मेरठ का पवन जल्लाद भी खासा खुश नजर आ रहा है. पवन जल्लाद निर्भयाकांड के दोषियों को फांसी के फंदें पर चढ़ाने के लिये तैयार बैठा है. अब बस उसे तिहाड़ जेल प्रशासन से बुलावे का इंतजार है. पवन जल्लाद के मुताबिक 'उसके बाबा ने ही तिहाड़ में रंगा-बिल्ला नाम के अपराधियों को फांसी के फंदे पर लटकाया था. अब वह निर्भयाकांड के गुनाहगारों को फांसी पर लटकायेगा. पवन ने कहा 'निर्भया के गुनहगारों को फांसी के फंदे पर लटकाने से बड़ा काम उसके जीवन में कोई दूसरा नहीं हो सकता. वो इस बात पर जीवन भर फक्र महसूस करेगा कि उसने ऐसे दानवों को फांसी पर लटकाया था.'

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