आगरा-नोएडा समेत कई जिलों में खुली शराब की दुकानें, उमड़ी भीड़, कल से पूरे प्रदेश में शुरू हो सकती है बिक्री

यूपी में आज शराब की दुकानें खुलते ही भीड़ उमड़ने लगी. (सांकेतिक फोटो)

UP Liquor and Beer Shops: यूपी के कई जिलों के जिलाधिकारियों के पास शराब की दुकान खोलने की लिए आबकारी विभाग की पत्रावली पहुंची है. लखनऊ जिलाधिकारी भी आज आबकारी विभाग की पत्रावली पर फैसला करेंगे.

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    लखनऊ/नोएडा. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की वजह से प्रदेश में लगे आंशिक लॉकडाउन (Partial Lockdown) के बीच कई जिलों में मंगलवार से शराब और बीयरकी दुकानें (Liquor and Beer Shops) खुल गई हैं. आगरा, नोएडा, हापुड़, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद समेत कई जिले में आबकारी विभाग की अनुमति के बाद दुकानें खोली गई हैं, जिसके बाद दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिल रही है. आदेश के मुताबिक देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक खुलेंगी. हालांकि बार और मॉडल शॉप पर पाबंदियां जारी रहेंगी. किसी को भी शराब ठेके की कैंटीन पर बैठ कर पीने की अनुमति नहीं होगी.

    बता दें सरकार ने प्रदेश में शराब की दुकानों के खुलने को लेकर फैसला डीएम पर छोड़ा है. जिलाधिकारी जिले की परिस्थिति के अनुसार आबकारी विभाग को शराब की दुकानों को खोलने के लिए अनुमति दे सकते हैं. यूपी के कई जिलों के जिलाधिकारियों के पास शराब की दुकान खोलने की लिए आबकारी विभाग की पत्रावली पहुंची है. लखनऊ जिलाधिकारी भी आज आबकारी विभाग की पत्रावली पर फैसला करेंगे. यही नहीं, हो सकता है कि कल से यूपी के सभी जिलों में शराब की दुकानें खोलने के आदेश जारी कर दिए जाएं.

    जिलाधिकारी अपने स्तर से लेंगे फैसला
    आबकारी सूत्रों के मुताबिक कर्फ्यू का फ़ैसला करते वक्त सरकार की तरफ से आबकारी की दुकानें को बंद करने का कोई आदेश नहीं था. लेकिन पिछले कई दिनों से दुकानें बंद चल रही है. जिसकी वजह से दुकानदारों ने आपत्ति दर्ज करायी थी. एसोसिएशन ने आबकारी विभाग से दुकानों को खोलने की परमीशन देने के लिये कहा है. इसी क्रम में अपने विवेकाधीन फ़ैसले के तहत जिले के ज़िलाधिकारी शराब की दुकानें खोलने की इजाज़त दे सकते हैं.

    लिकर एसोसिएशन ने की थी मांग
    जानकारी के मुताबिक गौरतलब है कि यूपी लिकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत मांगी थी. एसोसिएशन का कहना था कि बंदी की वजह से रोजाना 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है. साथ ही उनका तर्क था कि कोरोना कर्फ्यू की गाइड लाइन में भी दुकानों के बंद करने का कोई जिक्र नहीं है.