UP कांग्रेस में उठा-पटक का दौर, जितिन प्रसाद के बाद अब इस विधायक का पार्टी छोड़ना तय!

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में चल रही कलह अब खुलकर सामने आने लगी है. (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में चल रही कलह अब खुलकर सामने आने लगी है. (सांकेतिक फोटो)

उत्तर प्रदेश कांग्रेस (Congress) में अंतर कलह की बातें तो कई बार सामने आती रही हैं लेकिन जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़ BJP में जाने के बाद अब इस कलह की परतें खुलने लगी हैं. प्रसाद के बाद अब कई चेहरे ऐसे हैं जो कांग्रेस का दामन छोड़ सकते हैं.

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लखनऊ. कांग्रेस और बात की जाए उत्तर प्रदेश कांग्रेस की तो अंतर कलह की परतें धीरे धीरे खुलती दिख रही हैं. जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़ने और बीजेपी का दामन थामने के साथ ही यूपी की राजनीति में उठा पटक का दौर एक बार फिर होता दिखाई दे रहा है. जितिन प्रसाद को यूपी में बड़े ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जाता था लेकिन पिछले कुछ चुनावों में पार्टी को मिली हार से उनका कद धीरे धीरे कमतर दिख रहा था. पश्चिम बंगाल चुनावों में भी पार्टी ने एक बार फिर जितिन प्रसाद पर दांव खेला और उन्हें प्रभारी बनाया गया. लेकिन वहां के नतीजों ने जितिन प्रसाद को राजनीतिक तौर पर और पीछे कर दिया. लेकिन अब उनके पार्टी छोड़ने से यूपी में अन्य कांग्रेसी नेता भी पार्टी से किनारा कर सकते हैं. और इसकी सरगर्मी भी अब दिखने लगी है. इस लिस्ट में सबसे ऊपर जो नाम आ रहा है वो है विधायक अदिति सिंह का. उन्होंने इशारों इशारों में बता भी दिया है कि वे भविष्य के लिए क्या सोच रही हैं.

किस पार्टी से लड़ेंगी चुनाव... तय करना है

जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने के बाद अदिति सिंह ने भी अपनी मंशा लगभग साफ कर दी है. उन्होंने कहा कि वे तय करेंगी कि आने वाले विधानसभा चुनाव में वे किस पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरेंगी. किस पार्टी से वे चुनाव लड़ेंगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इसका जवाब संभव नहीं है. इसके साथ ही एक बार फिर कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए अदिति ने कहा कि मैं देखूंगी कि भविष्य में कैसे स्थितियां बेहतर हो सकती हैं. हम सभी विधायक हैं और अपने क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस ने चुनावों से पहले कुछ बदलाव कर हालात दुरुस्त नहीं किए तो आने वाले समय में अच्छे चेहरे वाले नेताओं की कमी निश्चित तौर पर हो जाएगी.

aditi singh
अदिति सिंह ने इशारों इशारों में एक बार फिर कांग्रेस से असहमति जाहिर की. (File Photo)

पहले भी दिख चुके हैं अदिति के बगावती तेवर


  • सबसे पहले का मामला विधानसभा के सदन की कारर्वाही से जुड़ा है जब कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर दो अक्टूबर से अनवरत उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के बहिष्कार का व्हिप जारी किया था. अदिति सिंह इसके बाद भी विधानसभा सत्र में शामिल हुई थीं. पार्टी की तरफ से उनसे जवाब मांगा पर उनकी बगावत नहीं थमी और वे सत्र में शामिल होती रहीं



  • अदिति सिंह ने सोनिया गांधाी पर टिप्पणी करते हुआ कुछ समय पहले कहा था कि पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल में चुनाव जीतने के बाद सोनिया गांधी सिर्फ दो बार रायबरेली आई थीं. वहीं, 2019 में चुनाव में नामांकन के समय वह सिर्फ एक बार ही रायबरेली आई हैं. जनता ने ही उन्हें चुनाव जितवाया है. उन्होंने अपने जिले की जनता से कभी भी मुलाकात करने की कोशिश नहीं की और न ही वे किसी कार्यक्रम में शामिल होने आई हैं.

  • अदिति सिंह ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल से कांग्रेस का नाम हटाने के बाद पार्टी के सभी वाट्सएप ग्रुप को भी अलविदा कह दिया था. ये मामला भी काफी चर्चा में रहा था.

  • जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया तो इस पर उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन किया था.

  • कोरोना काल में अलग-अलग शहरों से यूपी के लिए पलायन कर रहे मजदूरों की मदद के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जब बसें भेजी तो अदिति सिंह ने प्रियंका को ही निशाने पर ले लिया था और सार्वजनिक तौर पर उनके इस फैसले की निंदा की थी.


पार्टी से कम ही है सरोकार

अदिति सिंह कहने को तो अभी भी कांग्रेस पार्टी की ही विधायक हैं. लेकिन पार्टी से उनका सरोकार ज्यादा नहीं रह गया है. न तो वे किसी पार्टी कार्यक्रम में जाती हैं और न ही अन्य नेता उनके संपर्क में रहते हैं. खासकर हाईकमान के साथ तल्‍खी के बाद से ही पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे खफा ही नजर आते हैं.

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