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लोकसभा के बाद अब उपचुनाव में गठबंधन की चुनौती, कसौटी पर CM योगी की प्रतिष्ठा

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 28, 2019, 8:26 AM IST
लोकसभा के बाद अब उपचुनाव में गठबंधन की चुनौती, कसौटी पर CM योगी की प्रतिष्ठा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो

दरअसल, 2014 के बाद से यूपी में हुए उपचुनाव में बीजेपी का ट्रैक रिकॉर्ड काफी ख़राब रहा है. पिछले पांच साल में हुए विधानसभा और लोकसभा के 15 उपचुनावों में बीजेपी को महज तीन में जीत हासिल हुई है.

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लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने वाली बीजेपी के सामने अभी गठबंधन की चुनौती कम नहीं हुई है. आने वाले दिनों में बीजेपी के लिए प्रदेश में होने वाले 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव किसी चुनती से कम नहीं होंगे. साथ ही एक बार फिर गठबंधन की भी परीक्षा होगी. हालांकि मायावती ने संकेत दे दिए हैं कि सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के साथ ही मैदान में होंगे. लिहाजा एक बार फिर बीजेपी के सामने गठबंधन की चुनौती होगी.

2014 के बाद उपचुनाव में बीजेपी का ख़राब रहा है ट्रैक रिकॉर्ड

दरअसल, 2014 के बाद से यूपी में हुए उपचुनाव में बीजेपी का ट्रैक रिकॉर्ड काफी ख़राब रहा है. पिछले पांच साल में हुए विधानसभा और लोकसभा के 15 उपचुनावों में बीजेपी को महज तीन में जीत हासिल हुई है. बीजेपी लखनऊ पूर्व, नोएडा व सहारनपुर विधानसभा उपचुनाव ही जीत सकी. बाकी के 12 उपचुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ा. इनमें विधानसभा की 9 सीटें और लोकसभा की तीन सीट शामिल है.

अपनी सीटें बचाने के अलावा बीजेपी की सीट छिनने की कोशिश

मायावती ने लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने के बावजूद गठबंधन जारी रखने के सन्देश दिए हैं. इस लिहाज से इन उपचुनावों में बीजेपी के साथ ही सीएम योगी की प्रतिष्ठा भी दांव पर होगी. गठबंधन पानी दो सीटें बचाने के साथ ही बीजेपी की सीटों को छिनने की कोशिश करेगा. प्रदेश में बीजेपी की सरकार है, लिहाजा उपचुनाव उसके लिए भी महत्वपूर्ण हैं. उपचुनाव के नतीजे प्रदेश सरकार की लोकप्रियता का भी इम्तिहान होगा. इसलिए बीजेपी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहेगी.

11 विधायक लोकसभा चुनाव जीते

बता दें सूबे से 11 विधायक इस बार लोकसभा चुनाव में जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं. जिसके बाद खाली हुई इन सीटों पर छह माह के भीतर ही उपचुनाव होंगे. लखनऊ कैंट क्षेत्र की विधायक व पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी-इलाहाबाद, कानपुर के गोविंदनगर के विधायक व खादी ग्रामोद्योग व हथकरघा मंत्री सत्यदेव पचौरी-कानपुर और फीरोजाबाद के टूंडला विधायक व पशुधन मंत्री एसपी सिंह बघेल-आगरा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीत गये हैं.इनके अलावा सहारनपुर के गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी-कैराना, अलीगढ़ के इगलास विधायक राजवीर सिंह दिलेर-हाथरस, प्रतापगढ़ के विधायक संगमलाल गुप्त-प्रतापगढ़, चित्रकूट के मानिकपुर विधायक आरके पटेल-बांदा, बलहा विधायक अक्षयवर लाल गौड़-बहराइच, जैदपुर विधायक उपेंद्र सिंह रावत-बाराबंकी से सांसद चुने गये हैं. ये सभी भाजपा से हैं जबकि सपा के रामपुर के विधायक आजम खान और जलालपुर के बसपा विधायक रीतेश पांडेय सांसद निर्वाचित हो चुके हैं.

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First published: May 28, 2019, 8:26 AM IST
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