तेज रफ्तार की वजह से हुआ आगरा यमुना एक्‍सप्रेस-वे बस हादसा, झपकी तो बहाना: प्रत्यक्षदर्शी

बीती 8 जुलाई को यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि दुर्घटना के समय चालक नींद में नहीं था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 15, 2019, 11:40 PM IST
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Updated: July 15, 2019, 11:40 PM IST
बीती 8 जुलाई को यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे के प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि दुर्घटना के समय चालक नींद में नहीं था. यह दावा करने वाले गौरव कुमार खुद उस बस में सवार थे और हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती थे. सोमवार को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया को बताया कि सरकार इस मामले में लीपापोती कर अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है. इस हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई थी.

हादसे के वक्त बस में सफर कर रहे गौरव का कहना है कि दुर्घटना की मुख्य वजह तेज रफ्तार है. उनके मुताबिक जिस समय हादसा हुआ उस समय बस की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा से ऊपर थी. उनका कहना है कि सरकार ने ड्राइवर को नींद आने की बात कह कर अपने सभी अफसरों को बचा लिया. दूसरी बात है कि ड्राइवर को रास्ता भी सही से मालूम नहीं था. वो कई बार रास्ता भटका था. इसके बाद हम लोगों ने रास्ता बताया. गौरव ने सरकार से अपील की है कि वो मामले की दोबारा सही से जांच कराए.

पहले भी सामने आईं ऐसी बातें
इस हादसे को लेकर टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की रिपोर्ट में भी ड्राइवर और यूपी रोडवेज की लापरवाही सामने आई है. रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि जनरथ बस का ड्राइवर बस को 120 किमी की स्पीड से दौड़ा रहा था. उसने हादसे के दौरान 6 किमी की दूरी 3 मिनट में पूरी की थी. हालांकि जानकार बताते हैं कि हादसे के वक्त आगरा पहुंचे रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी ड्राइवर को झपकी आने की बात से इंकार करते हुए ओवरटेक और स्पीड की संभावना जताई थी.



टोल प्लाजा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार हादसे का शिकार हुई बस के ड्राइवर ने 4.01 बजे टोल प्लाजा पर पर्ची कटाई थी. सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अनुसार बस 4.02 बजे टोल से रवाना हुई थी. वहीं एक्सप्रेसवे के विजुअल मेजर सिस्टम (वीएमएस) की रिपोर्ट में हादसे का वक्त 4.05 बजे दर्ज है. जबकि जानकारों के अनुसार टोल प्लाजा से घटनास्थल की दूरी 6 किमी है.

ऐन वक्त पर बदला गया था बस का रूट, ड्राइवर रास्ते से था अनजान
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बताया जा रहा है कि ऐन वक्त पर बस का रूट बदला गया था. गाजीपुर रूट की बस को आनंद विहार के लिए रवाना किया गया था. कहा जा रहा है कि बस गाजीपुर जाने वाली थी, लेकिन दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से अधिकारियों ने बस को आनंद विहार भेजने का फैसला लिया. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि रूट नया होने और रास्ते का ठीक से पता न होने की वजह से ड्राइवर से गलती हुई हो.
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First published: July 15, 2019, 11:40 PM IST
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