कृषि बिल: सीएम योगी बोले- एक नए युग का आरंभ है, होगा किसानों के हितों का संरक्षण

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो)
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो)

सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि इस बिल से किसानों और व्यापारियों को बिक्री और खरीद के लिए पसंद की स्वतंत्रता प्राप्त होगी

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  • Last Updated: September 18, 2020, 3:59 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लोकसभा (Loksabha) में पास हुए कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 को लेकर कहा है कि ये एक नए युग का आरंभ है. सीएम योगी ने कहा कि यह विधेयक किसान बहनों-भाइयों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करेगा. सीएम योगी ने इस लोक कल्याणकारी प्रयास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है.

किसानों, व्यापारियों को स्वतंत्रता मिलेगी

सीएम योगी ने कहा कि कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, 2020 कृषि उपज के कुशल, पारदर्शी और बाधारहित अंतर-राज्य और राज्‍य के भीतर व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देगा. इससे किसानों और व्यापारियों को बिक्री और खरीद के लिए पसंद की स्वतंत्रता प्राप्त होगी.



लोकसभा से ये बिल पास
बता दें लोकसभा ने गुरुवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक पारित कर दिया था. आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पहले ही पारित हो चुका है.





बिल के विरोध में कई जगह प्रदर्शन

उधर मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि बिलों के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान आंदोलित हैं. वहीं पंजाब में पूर्व सीएम बादल के घर के बाहर किसान 6 दिन से धरने पर बैठे हैं.

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

इस विधेयक के विरोध में  कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि सरकार द्वारा लाए गए कृषि संबंधी विधेयक हरित क्रांति के मकसद को बेमानी बना देंगे और ये ‘कृषि के भविष्य का मत्यु नाद’ साबित होंगे. इसने आरोप लगाया कि मोदी सरकार कोरोना वायरस महामारी की तरह किसानों के जीवन और उनकी आजीविका पर हमला कर रही है.

कांग्रेस के सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए. पंजाब से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों ने गुरुवार को संसद परिसर में कृषि से संबंधित विधेयकों की प्रतियां जलाईं और इनको वापस लेने की मांग की.
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