EXCLUSIVE: हैदराबाद के अलावा यूपी की एक लोकसभा सीट से भी लड़ सकते हैं असदुद्दीन ओवैसी!
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EXCLUSIVE: हैदराबाद के अलावा यूपी की एक लोकसभा सीट से भी लड़ सकते हैं असदुद्दीन ओवैसी!
असदुद्दीन ओवैसी (File Photo)

शौकत अली ने कहा कि गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया. क्या बहनजी ये साफ करेंगी कि लोकसभा चुनाव के बाद वे बीजेपी के साथ जाएंगी या कांग्रेस के साथ.

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ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादूल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा के बीच हुए गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मुस्लिम लीडरशिप को अछूत समझने की सियासत है. उन्होंने गठबंधन में राष्ट्रीय लोक दल को हिस्सेदारी देने पर भी सवाल उठाए. एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 4 प्रतिशत जाट वोट बैंक वाली पार्टी को हिस्सेदारी दी गई, लेकिन 22 प्रतिशत आबादी वाले मुसलमानों की अनदेखी की गई.

news18hindi.com से बात करते हुए उन्होंने कहा कि रविवार को एक मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें यह तय हुआ कि एआईएमआईएम यूपी में लोकसभा चुनाव लड़े. साथ ही यह प्रस्ताव भी भेजा गया है कि असदुद्दीन ओवैसी साहब हैदराबाद के साथ ही यूपी की एक सीट से चुनाव लड़ें. इसके लिए यूपी एआईएमआईएम का एक डेलिगेशन ओवैसी साहब से मिलेगा.

गठबंधन में रालोद को शामिल करने पर सवाल
गठबंधन में मुस्लिमों को उसकी आबादी के मुताबिक हिस्सेदारी न मिलने के आरोपों पर उन्होंने कहा, "मुस्लिमों को गठबंधन में नेतृत्व नहीं मिल रहा. यह जो गठबंधन हुआ है उसमें 22 फ़ीसदी आबादी वाले मुसलामानों को हिस्सेदारी नहीं दी गई. 4 प्रतिशत जाट आबादी वाली रालोद को गठबंधन में हिस्सेदारी दी गई, लेकिन मुसलामानों को हिस्सेदारी नहीं दी गई. हिस्सेदारी का मतलब टिकट देना नहीं होता है, बल्कि उन्हें नेतृत्व देना होता है. कहीं न कहीं आपकी ये मानसिकता है कि मुस्लिम लीडरशिप को आप सियासत में अछूत समझते हैं. रालोद से बड़ा दल ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादूल मुस्लिमीन का है."



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शौकत अली ने कहा कि उनके पास नौ एमएलए, एक एमपी 50 चेयरमैन और कॉर्पोरेटर हैं. रालोद के पास एक एमपी है वह भी चार दलों का एमपी है. एक भी एमएलए नहीं. तो बड़ा दल किसका है? उत्तर प्रदेश में हमारा संगठन 55 जिलों में है. रालोद के सिर्फ चार जिलों में. है. यक़ीनन हमारे साथ यह न्याय नहीं है. जिस तरह से दलितों को अछूत समझा जाता है, उसी तरीके से सियासत में मुस्लिम लीडरशिप को अछूत समझा गया है.

एआईएमआईएम के यूपी अध्यक्ष शौकत अली लखनऊ में पार्टी की बैठक लेते हुए
एआईएमआईएम के यूपी अध्यक्ष शौकत अली लखनऊ में पार्टी की बैठक लेते हुए


बसपा बताए बीजेपी की बी टीम कौन
गठबंधन के लिए वोट कटवा के सवाल पर उन्होंने कहा, "सवाल ये है कि कर्नाटक में जाकर समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ती है, बहुजन समाज पार्टी तेलंगाना में चुनाव लड़ती है. मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ती है. हम एक पॉलिटिकल पार्टी है. पॉलिटिकल पार्टियों का वजूद इलेक्शन से ही होता है. हम इलेक्शन नहीं लड़ते तो हमारा वजूद खत्म हो जाएगा. जो लोग हम पर बीजेपी की बी टीम होने का इल्जाम लगते हैं और हम उन्हें फायदा पहुंचाते हैं, तो सवाल उनसे है कि तेलंगाना के अंदर बीजेपी की बी टीम ने उसका खात्मा कर दिया. ये कैसी बीजेपी की बी टीम है. इस तरह के इल्जाम मुस्लिम लीडरशिप पर लगते रहे हैं. बहन मायावती ने दो बार बीजेपी के साथ मिलकर यूपी में सरकार बनाई. नरेंद्र मोदी को भाई माना और उनके लिए गुजरात में चुनाव प्रचार किया. फैसला आप करिए बीजेपी की बी टीम कौन है."

असदुद्दीन ओवैसी को यूपी की एक सीट से लड़ाने का प्लान
शौकत अली ने कहा कि गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया. क्या बहनजी ये साफ करेंगी कि लोकसभा चुनाव के बाद वे बीजेपी के साथ जाएंगी या कांग्रेस के साथ. यूपी की कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादूल मुस्लिमीन इस सवाल पर शौकत अली ने कहा, " इस पर फैसला नेशनल प्रेसिडेंट असदुद्दीन ओवैसी लेंगे. हमारी तैयारी 50 सीटों पर लड़ने की है. लेकिन नेशनल प्रेसिडेंट कितने सीटों पर लड़ने का फैसला लेते हैं उसी के हिसाब से हम तैयारी करेंगे."

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कांग्रेस के साथ गठबंधन पर शौकत अली ने कहा कि इस पर भी फैसला नेशनल प्रेसिडेंट असदुद्दीन ओवैसी का ही होगा. अवैसी के संभल या फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है, अभी उन्हें यूपी के एक सीट से चुनाव लड़ने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.

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First published: January 22, 2019, 8:17 AM IST
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