लाइव टीवी

AIMPLB की 17 नवंबर को लखनऊ में बैठक, जफरयाब आज अयोध्या केस में मुस्लिम पक्षकारों की जानेंगे राय

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 16, 2019, 12:10 PM IST
AIMPLB की 17 नवंबर को लखनऊ में बैठक, जफरयाब आज अयोध्या केस में मुस्लिम पक्षकारों की जानेंगे राय
पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक से पहले आज शनिवार को मुस्लिम पक्षकारों की बैठक लखनऊ में होने जा रही है. बोर्ड के कन्वेनर जफरयाब जिलानी इस बैठक में अयोध्या केस से जुड़े सभी मुस्लिम पक्षकारों से नदवा कॉलेज में मुलाकात करेंगे.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की बैठक से पहले जफरयाब जिलानी (Zafaryab Jilani) अयोध्या केस (Ayodhya Case) में मुस्लिम पक्षकारों से राय मशविरा कर जानने की कोशिश करेंगे कि उनकी राय में इस मसले पर आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए.

  • Share this:
लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की बैठक 17 नवंबर को लखनऊ (Lucknow) में होने जा रही है. लखनऊ के नदवा कॉलेज में हो रही इस बैठक में देशभर से बोर्ड के सदस्य लखनऊ पहुंचेंगे. अयोध्या फैसले के बाद बोर्ड की इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस बैठक में केस को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होनी है. बोर्ड इस बात पर चर्चा करेगा कि मामले में रिव्यू पेटीशन दाखिल की जाए या नहीं. बैठक में एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी भी हैदराबाद से शामिल होने पहुंच रहे हैं.

उधर पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक से पहले आज शनिवार को मुस्लिम पक्षकारों की बैठक लखनऊ में होने जा रही है. बोर्ड के कन्वेनर जफरयाब जिलानी इस बैठक में अयोध्या केस से जुड़े सभी मुस्लिम पक्षकारों से नदवा कॉलेज में मुलाकात करेंगे. इस दौरान जफरयाब जिलानी मुस्लिम पक्षकारों से राय मशविरा कर जानने की कोशिश करेंगे कि उनकी राय में इस मसले पर आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए.

कानूनी राय लेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड
उधर सुन्नी वक्फ़ बोर्ड (Sunni Waqf Board) के चेयरमैन जुफ़र फ़ारूकी (Zufar Farooqui) ने कहा कि 26 नवंबर को होने वाली बोर्ड की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा. फ़ारूकी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट का फैसला 1000 पन्नों से ज्यादा का है, उसे अभी भी पूरा पढ़ा नहीं जा सका है. हालांकि उन्होंने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू दाखिल करने की संभावना से इनकार किया.

'वक्फ़ बोर्ड सभी लोगों की राय को तवज्जो दे रहा है'
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों के सभी तबकों की नुमाइंदगी करता है. इस मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से आने वाली राय को भी महत्व दिया जाएगा. वक्फ़ बोर्ड सभी लोगों की राय को तवज्जो दे रहा है. अभी जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने अपनी राय दी है कि बोर्ड को पांच एकड़ जमीन नहीं लेनी चाहिए. वहीं कई लोगों की राय आ रही है कि वक्फ़ बोर्ड को जमीन लेनी चाहिए. उस पर मस्जिद के साथ एक शैक्षणिक संस्था का निर्माण कराना चाहिए. फ़ारूकी ने कहा कि सभी लोगों की राय बोर्ड की बैठक में रखी जाएगी. इसके कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद बोर्ड के सदस्य इस मामले पर फैसला लेंगे.

इनपुट: मोहम्मद शबाबये भी पढ़ें:

अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन लें या नहीं, कानूनी राय लेगा बोर्ड

महिला CO को धमकी मामला: CM योगी ने मंत्री स्वाति सिंह को किया तलब, मांगी पूरी रिपोर्ट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 16, 2019, 12:10 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर