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इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी और के लिए सजदा करना गुनाह: मुस्लिम लॉ बोर्ड

इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी और के लिए सजदा करना गुनाह: मुस्लिम लॉ बोर्ड

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने योग, सूर्य नमस्कार और गीता पाठ को लेकर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर पलटवार करते हुए उसे गुमराह करने वाला बताया है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने योग, सूर्य नमस्कार और गीता पाठ को लेकर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर पलटवार करते हुए उसे गुमराह करने वाला बताया है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने योग, सूर्य नमस्कार और गीता पाठ को लेकर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर पलटवार करते हुए उसे गुमराह करने वाला बताया है.

  • News18
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    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने योग, सूर्य नमस्कार और गीता पाठ को लेकर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर पलटवार करते हुए उसे गुमराह करने वाला बताया है.

    मुस्लिम लॉ बोर्ड का कहना है कि इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी और के लिए सजदा करना गुनाह है. बोर्ड के प्रवक्ता अब्दुल रहीम कुरैशी ने कहा कि योग के हर आसन में कोई ना कोई श्लोक है. सूर्य नमस्कार आसन में हाथ जोड़कर सूरज को सजदा किया जाता है.

    नकवी साहब से हम पूछना चाहते हैं कि क्या इस्लाम में अल्लाह के सिवाय किसी और का सजदा करने की इजाजत है? उन्होंने कहा कि जो लोग इस्लाम में ईमान रखते हैं, वे सिर्फ अल्लाह की इबादत में ही सजदा कर सकते हैं.

    यदि योग को उसकी असल रस्मों के साथ स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा, तो वह अल्लाह के साथ दूसरी चीजों को भी उसके सामने करने के बराबर होगा. यह बहुत बड़ा गुनाह होगा और बोर्ड को इस पर आपत्ति है.

    आपको बता दें कि केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि योग को सिर्फ सेहत तक सीमित रखें और उसे धर्म से ना जोड़ें. इस पर कुरैशी का कहना है कि यह गुमराह करने वाली बात है, क्योंकि जब योग को स्कूलों में लागू किया जाएगा तो सरकार मुस्लिम बच्चों के परिवारों की धर्म संबंधी आपत्तियों को दरकिनार करके उसे उसके असल रूप में ही लागू करेगी.

    उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के बजाय उन पर अपनी मजहबी रस्मों को थोपना ठीक नहीं है.

    गौरतलब है कि सूर्य नमस्कार और गीता पाठ को पाठ्यक्रम में शामिल करके थोपे जाने की मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की आपत्ति के बारे में नकवी ने कहा  था कि मुझे लगता है कि जो हमारे उलमा (मुस्लिम धर्मगुरू) हैं, मैं बहुत अदब के साथ उनसे कहना चाहूंगा कि अगर वो इसकी आधा फीसद ताकत भी देश के मुसलमानों की शिक्षा, उनके सशक्तिकरण और उनके बुनियादी सवालों के लिये लगाते तो उनका भी भला होता और देश का भी भला होता.

    Tags: BJP, Mukhtar abbas naqvi, Yoga

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