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UP Election: जाटलैंड में अखिलेश-जयंत की जुगलबंदी से बदलेगी तस्वीर? 36 सीटों पर गठबंधन का फॉर्मूला तय!

UP Election: जाटलैंड में अखिलेश-जयंत की जुगलबंदी से बदलेगी तस्वीर? 36 सीटों पर गठबंधन का फॉर्मूला तय!

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने गठबंधन के फॉर्मूले पर की चर्चा

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने गठबंधन के फॉर्मूले पर की चर्चा

UP Election Politics: जिस फॉर्मूले पर गठबंधन पर सहमति बनी है, उसके मुताबिक रालोद 30 सीटों प्रत्याशी उतारेगी, जबकि 6 सीटों पर सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे. दरअसल, सपा और रालोद गठबंधन पर सभी की निगाहें हुई थी. किसान बिल वापसी के बाद यह भी खबर आ रही थी कि सपा जयंत चौधरी को ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं हैं. लेकिन सभी अटकलों को विराम देते हुए मंगलवार को जब जयंत और अखिलेश के बीच मुलाक़ात हुई तो गठबंधन की गांठ बंध ही गई. ऐसा माना जा रहा है कि इस गठबंधन से जाट और मुस्लिम एक साथ होकर वोट करेंगे तो पश्चिम यूपी की कई सीटों पर सियासी समीकरण बदल सकते हैं.

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    लखनऊ. आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन कर सत्ता में वापसी करने जुटे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पश्चिम यूपी के जाटलैंड में जीत का फॉर्मूला तय कर लिया है. मंगलवार को राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) के साथ उनकी दो घंटे लंबी मुलाकात में गठबंधन पर चर्चा हुई. यह मुलाक़ात इसलिए भी खास थी, क्योंकि पश्चिम यूपी में रालोद की भूमिका हमेशा से अहम् रही है. किसान आंदोलन के साथ ही चौधरी अजीत सिंह की कोरोना से मौत की सहानुभूति भी जयंत के साथ होगी. लिहाजा अखिलेश और जयंत की जुगलबंदी से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है. हालांकि अभी गठबंधन में सीटों का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक सपा रालोद को जाटलैंड की 36 सीटें देगी.

    जिस फॉर्मूले पर गठबंधन पर सहमति बनी है, उसके मुताबिक रालोद 30 सीटों प्रत्याशी उतारेगी, जबकि 6 सीटों पर सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे. दरअसल, सपा और रालोद गठबंधन पर सभी की निगाहें हुई थी. किसान बिल वापसी के बाद यह भी खबर आ रही थी कि सपा जयंत चौधरी को ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं हैं. सभी अटकलों को विराम देते हुए मंगलवार को जब जयंत और अखिलेश के बीच मुलाक़ात हुई तो गठबंधन की गांठ बंध ही गई. ऐसा माना जा रहा है कि इस गठबंधन से जाट और मुस्लिम एक साथ होकर वोट करेंगे तो पश्चिम यूपी की कई सीटों पर सियासी समीकरण बदल सकता है.

    छोटे-छोटे दलों से अखिलेश कर रहे गठबंधन

    बता दें कि अखिलेश यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे 2022 के विधानसभा चुनाव में किसी भी बड़े दल से गठबंधन नहीं करेंगे. वे इस बार छोटे-छोटे दलों को संग लेकर चलेंगे. अभी तक अखिलेश यादव ने 12 छोटे दलों से गठबंधन किया है. इनमें केशव देव मौर्य के महान दल, डा. संजय सिंह चौहान की जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट), शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी.

    जातीय समीकरण साधने की कोशिश

    दरअसल, अखिलेश छोटे दलों से गठबंधन कर जातीय समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं. जाती आधरित पार्टी को अपने साथ जोड़कर वे यादवों के अलावा अन्य पिछड़ों का वोट भी अपने पाले में लाना चाहता हैं. हालांकि उनकी यह कोशिश कितनी सफल होगी यह 2022 का चुनाव परिणाम ही बताएगा.

    Tags: Akhilesh yadav, Jayant Chaudhary, Lucknow news, UP Assembly Election 2022, UP Assembly Election News, UP Assembly Elections 2022

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