UP में पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई को लेकर अखिलेश, प्रियंका ने उठाए सवाल, CM योगी ने दिए ये निर्देश

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- किसानों से दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं (File photo)
सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- किसानों से दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं (File photo)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि पराली जलाने से होने वाली क्षति के प्रति किसानों को जागरूक करें. किसानों के साथ दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 7:07 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पराली जलाने (Stubble Burning) को लेकर तमाम जिलों में प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है. अब तक दर्जनों जिलों में सैकड़ों किसानों (Farmers) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है, कई को जेल भी भेजा गया है. इस कार्रवाई के दौरान कई जगह किसानों और पुलिस प्रशासन के अफसरों में झड़प की खबरें भी आई हैं. कई जगह किसानों ने आंदोलन की चेतावनी तक दे दी है. उधर विपक्ष ने इस कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhiesh Yadav) और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने ट्वीट कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. वहीं मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि पराली जलाने से होने वाली क्षति के प्रति किसानों को जागरूक करें. किसानों के साथ दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि पराली (फसल अपशिष्ट) जलाने से होने वाली क्षति के प्रति किसानों को जागरूक करें. किसी भी स्थिति में कहीं भी इस मुद्दे पर किसानों से बदसलूकी सहन नहीं की जाएगी. पराली को लेकर पहले ही गाइडलाइन जारी की जा चुकी है. किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और नहीं जलाने से होने वाले फायदे के बारे में अभियान चलाकर बताया जाए.

सीएम ने कहा कि किसानों को बताएं कि पराली जलाना पर्यावरण के साथ आपकी जमीन की उर्वरा शक्ति के लिए भी ठीक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) ने पराली जलाने को दंडनीय अपराध घोषित किया है. किसान ऐसा करने की जगह उन योजनाओं का लाभ उठाएं, जिससे पराली को निस्तारित कर उसे उपयोगी बनाया जा सकता है. सरकार ऐसे कृषि यंत्रों पर अनुदान भी दे रही है. कई जगह किसानों ने इन कृषि यंत्रों के जरिए पराली को कमाई का जरिया बनाया है. बाकी किसान भी इनसे सीख ले सकते हैं. सीएम ने कहा कि किसानों के ये सारी चीजें बताई जानी चाहिए.



बता दें इससे पहले किसानों की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, "पर्यावरण प्रदूषण के बहाने पराली जलाने के नाम पर किसानों को जेलों में डालनेवाले महानुभाव बताएं कि राजनीतिक प्रदूषण फैलानेवालों को जेल कब होगी. किसान अब भाजपा का खेत खोद देंगे."
वहीं प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा है. क्या प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार हैं? प्रदूषण फैलाने के असली जिम्मेदारों पर करवाई कब होगी? किसान का वोट- कानूनी,  किसान का धान- कानूनी, किसान की पराली- गैरकानूनी?"


मालूम हो कि पराली के साथ फसल के लिए सर्वाधिक जरूरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (एनपीके) के साथ अरबों की संख्या में भूमि के मित्र बैक्टीरिया और फफूंद भी जल जाते हैं. यही नहीं, बाद में भूसे की भी किल्लत बढ़ जाती है.
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