लाइव टीवी

आजमगढ़ में पुलिस कार्रवाई से भड़के अखिलेश, बोले- सरकार के इशारे पर पुलिस ने पार की बर्बरता की हद
Azamgarh News in Hindi

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 6, 2020, 8:09 PM IST
आजमगढ़ में पुलिस कार्रवाई से भड़के अखिलेश, बोले- सरकार के इशारे पर पुलिस ने पार की बर्बरता की हद
आजमगढ़ में पुलिस की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सीएए (CAA) के विरोध में आजमगढ़ में धरने पर बैठे लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है. उन्‍होंने कहा कि आजमगढ़ के बिलरियागंज इलाके में जो हुआ उससे पुलिस का चेहरा बेनकाब हुआ है. जबकि भाजपा सरकार महिलाओं से डर गई है.

  • Share this:
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सीएए (CAA) के विरोध में आजमगढ़ में बैठे धरने पर बैठे लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्‍होंने अपने बयान में कहा है कि शांतिपूर्वक धरना देना लोगों का संवैधानिक अधिकार है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लेख तो संविधान की प्रस्तावना में भी है, लेकिन भाजपा सरकार को असहमति और विरोध से खासा एलर्जी है. वह विपक्ष के प्रति असहिष्णुता का प्रदर्शन करती है. हर मंच से गोली की बात करने वाले संवैधानिक मूल्यों की बात कब करेंगे?

पुलिस कार्रवाई बर्बरता की निशानी
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अखिलेश यादव आजमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद भी हैं. उन्‍होंने लिखित बयान में आगे कहा कि अभी आजमगढ़ के बिलरियागंज इलाके में जो हुआ उससे उत्तर प्रदेश पुलिस का चेहरा बेनकाब हुआ है. यहां बर्बरता की सभी हदें पुलिस ने पार कर दी हैं. शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रही माता-बहनों पर बेरहमी से लाठीचार्ज करना और पथराव करना किस ट्रेनिंग का हिस्सा है? लखनऊ में भी घंटाघर चौक में शांतिपूर्ण धरना दे रही महिलाओं के साथ भी पुलिस का व्यवहार क्रूरतापूर्ण हैं. धरना देने वाली महिलाओं की गिरफ्तारी और ठण्ड में उनके कम्बल तक छीन लेने की घटनाएं निंदनीय हैं.

सरकार के इशारे पर काम कर रही आजमगढ़ पुलिस

अखिलेश यादव ने आजमगढ़ जिला प्रशासन और पुलिस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अब अधिकारियों में भी ईमानदारी पूर्वक काम करने का साहस नहीं बचा. अधिकारी और पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रहे है. भाजपा सरकार के विरोध में आए लोगों पर प्रशासन द्वारा तरह-तरह के जुल्म ढाए जा रहे हैं. उनके घरों में दबिश डालने, गिरफ्तारी करने के अलावा प्रशासन जुर्माने के नोटिस भी जारी कर रहा है. अलीगढ़ में एक हजार लोगों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उन पर क्यों न कार्रवाई की जाए? इलाहाबाद, वाराणसी और अन्य कई जनपदों में भी हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर इसी तरह उत्पीड़न की कार्रवाई हो रही है.

महिलाओं से डर गई BJP सरकार
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों में महिलाओं की भागीदारी प्रशासन को चुनौती लगती है. इस सम्बंध में प्रशासकीय मशीनरी और भाजपा नेता तरह-तरह की खबरें फैला रहे हैं. झूठी खबरों को फैलाने के लिए झूठा प्रचारतंत्र खड़ा किया जाना गम्भीर विषय है. जनता के बीच भ्रम फैलाकर किसी को दोषी ठहराया जाना न्याय संगत नहीं हो सकता है. मातृशक्ति को अपमानित करके भाजपा को तो कुछ नहीं हासिल होना है. हां, जागृत मातृशक्ति के आगे सरकार जरूर नहीं टिक पाएगी. 

ये भी पढ़ें-

राम मंदिर ट्रस्ट में स्वामी परमानन्द को मिला स्‍थान, बोले- बनाएंगे भव्‍य मंदिर

 

मुस्लिम महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन, हथेली पर CAA के समर्थन की मेहंदी और...

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए आजमगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 6, 2020, 8:05 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर