अखिलेश का योगी सरकार पर 'प्रहार', बोले- भाजपा की झूठी सरकार को हटाने के लिए सपा के साथ आ रहे हैं लोग

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना. (file photo)
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना. (file photo)

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कोरोना वायरस और कानून व्‍यवस्‍था को लेकर यूपी सरकार (UP Government) पर जमकर हमला बोला है. साथ ही कहा कि भाजपा की झूठी सरकार को हटाने के लिए लोग सपा के साथ आ रहे हैं.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत को अपना लक्ष्य बताते हुए मंगलवार को राज्‍य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उत्‍तर प्रदेश की मौजूदा झूठी सरकार (UP Government) को हटाने के लिए लोग सपा के साथ आ रहे हैं. अखिलेश ने सपा मुख्‍यालय में कई प्रमुख नेताओं के पार्टी में शामिल होने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की राजनीति का भविष्‍य तय करेगा. उन्‍होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्‍य 2022 है और उसकी शुरुआत अगले महीने सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव से हो रही है.

कई नेताओं ने थामा सपा का दामन
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पांच बार सांसद रह चुके सलीम शेरवानी और अंबेडकर नगर के पूर्व बसपा सांसद त्रिभुवन दत्‍त समेत कई प्रमुख लोगों ने सपा की सदस्‍यता ग्रहण की. इससे उत्‍साहित अखिलेश ने साफ संकेत दिया कि वह आने वाले समय में छोटे दलों के साथ समझौता कर चुनाव मैदान में उतरेंगे. उन्‍होंने कहा कि प्रयास होगा कि और लोगों को पार्टी से जोड़ा जाए. अखिलेश की पत्रकार वार्ता में जनवादी पार्टी के अध्‍यक्ष डाक्‍टर संजय चौहान और महान दल के अध्‍यक्ष केशव देव मौर्य मौजूद थे. इन नेताओं का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि संजय चौहान लोकसभा का चुनाव हमारी पार्टी से लड़े और अगर भारतीय जनता पार्टी ने बेईमानी न की होती तो आज ये सांसद होते. यही नहीं, सपा अध्यक्ष ने गौहत्या रोधी कानून के दुरुपयोग को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की आपत्ति का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत ने इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी होगी.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में गौहत्या रोधी कानून का निर्दोष लोगों को फंसाने के लिये हो रहे दुरुपयोग और पुलिस द्वारा बरामद किये जाने वाले मांस को गोमांस साबित करने के लिये फोरेंसिक प्रमाणों की कमी पर चिंता जाहिर की थी.

योगी सरकार पर लगाया ये आरोप


लंबे समय बाद पत्रकारों से मुखातिब अखिलेश ने कोविड-19 में सरकार पर कम जांच कराने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा कि सरकार और सरकार के लोग न तो बीमारी से लड़ रहे हैं और न ही अस्‍पतालों में इलाज करा रहे लोगों को कोई सुविधा दे पा रहे हैं. अखिलेश ने कहा कि बड़ी संख्‍या में लोगों की जान गई जिसमें कैबिनेट के मंत्री और विधायक भी शामिल हैं. जमीन पर काम करने वाले अधिकारी और पत्रकारों की भी जान गई. अब सरकार कह रही है कि हमें इस बीमारी के साथ रहना पड़ेगा. सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार आंकड़े छिपाती है तो इससे क्‍या उम्‍मीद करोगे. प्रदेश में न जाने कितनी घटनाएं हुई जिसमें सरकार ने अपनी जिम्‍मेदारी नहीं निभाई.



पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि ये सरकार जिन लोगों के पुश्‍तैनी मकान हैं उन पर भी बुलडोजर चलवा रही है लेकिन इसे हमसे ज्‍यादा कौन समझेगा. हमें खुद एफिडेविट देना पड़ा कि हम घर नहीं बनवा सकते. कोई मुझे बताए कि मुख्‍यमंत्री आवास का नक्‍शा पास है क्‍या? सपा अध्यक्ष ने उत्‍तर प्रदेश में खराब कानून-व्‍यवस्‍था का जिक्र करते हुए इसके लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्‍मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि जब मुख्‍यमंत्री बार-बार कहेंगे ठोंक दो-ठोंक दो, तो क्‍या होगा.(भाषा इनपुट)
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