दिल्ली में बवाल के बाद अलर्ट पर यूपी, सीएए के विरोध की धार हो रही कम

मंगलवार 25 फरवरी को सीएए और एनआरसी के खिलाफ और समर्थन करने वालों में संघर्ष के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली में फ्लैग मार्च करते सुरक्षा बलों के जवान.

मंगलवार 25 फरवरी को सीएए और एनआरसी के खिलाफ और समर्थन करने वालों में संघर्ष के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली में फ्लैग मार्च करते सुरक्षा बलों के जवान.

दिल्ली के बिगड़ते हालात और सरकार के कड़े रूख को देखते हुए लखनऊ (Lucknow) के घंटाघर (Ghanta Ghar) पर बैठे प्रदर्शनकारियों के जोश भी ठंडे होते नजर आ रहे हैं. पिछले दिनों लखनऊ में घंटाघर के पास चली गोली के बाद अचानक प्रदर्शन कर रही महिलाओं की संख्या में भी कमी देखी गई है.

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लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर दिल्ली (Delhi) में बिगड़े हालात के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों को अलर्ट (Alert) पर रखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है. दिल्ली से सटे यूपी के जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है, साथ ही अलीगढ़ (Aligarh) के हालात को लेकर पुलिस हेडर्क्वाटर से लगातार बातचीत की जा रही है. दिल्ली हिंसा के बाद सीनियर पुलिस अधिकारियों को जिलों में रहने के आदेश दिये गए हैं.

एडीजी राम कुमार रामपुर, एडीजी अविनाश चंद्र मुरादाबाद, एडीजी अजय आनंद अलीगढ़, आईजी रमित शर्मा संभल, आईजी ज्योति नारायण बुलंदशहर और हापुड़, आईजी लक्ष्मी सिंह मुजफ्फरनगर, आईजी विजय प्रकाश फिरोजाबाद डीआईजी जे रविंद्र गौड़ बिजनौर जिले में कैंप करेंगें. कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ जिला कप्तानों को निर्देशित करेंगे. हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा है कि कानून हाथ मे लेने वालों पर होगी सख़्त कार्रवाई साथ एलाईयू और खुफिया विभाग को सर्तक रहने के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में हाईअलर्ट पर रखा गया है.

अफवाहों पर ध्यान न दें लोग: डीजीपी

दिल्ली सीमा से लगे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए सीनियर पुलिस अफसरों को गश्त के लिए भी कहा गया है. डीजीपी ने लोगों से अफ़वाहों पर ध्यान न देते हुए ये भी कहा है कि संवेदनशील जिलों में जहां भी आवश्यक्ता होगी वहां पर्याप्त पुलिस बल भेजा जायेगा.
आपको बता दे पिछले 3 दिन से दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन और विरोध करने वाले दो गुटों के आमने सामने हुई झड़प ने बड़ी हिंसा का रूप ले लिया है, जिसमें अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है. इस हिंसा में अब तक 250 लोग घायल हुए हैं, जिसमें 56 पुलिस के जवान भी हैं.

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर नार्थ ईस्ट दिल्ली यानि उत्तरी पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपूर, भजनपुरा, बाबतपुर और चांदबाग में लगातार पिछले 3 दिनों से हिंसा हो रही है. दोनों गुटों के लोग रूक-रूक कर एक दूसरे पर पथराव और आगजनी करते रहे और घंटों तक हालात पर काबू पाने में असफल रही है. हालांकि इस बीच देश के गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और एलजी समेत पुलिस कमिश्नर के साथ पूरे हालात को लेकर बैठक की लेकिन देर रात तक दिल्ली की सड़ॉकों पर उपद्रवियों का तांडव चलता रहा.

शाहीनबाग और घंटाघर के प्रदर्शकारियों के जोश हो रहे ठंडे



दिल्ली के बिगड़ते हालात और सरकार के कड़े रूख को देखते हुए दिल्ली के शाहीनबाग और लखनऊ के घंटाघर पर बैठे प्रदर्शनकारियों के जोश भी ठंडे होते नजर आ रहे हैं. दिल्ली के शाहीनबाग के बाद जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास बैठी सीएए का विरोध कर रही महिलाओं को कल देर रात पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया तो वही शाहीन बाग में कई दौर में मध्यस्ता की बातचीत के बाद कोई निष्कर्ष न निकलने पर लोगों की सहानूभूति भी कम होती दिख रही है. वहीं पिछले दिनों लखनऊ में घंटाघर के पास चली गोली के बाद अचानक प्रदर्शन कर रही महिलाओं की संख्या में भी कमी देखी गई है. माना ये जा रहा है कि धीरे-धीरे दिल्ली के शाहीनबाग और लखनऊ के घंटाघर पर चले रहे प्रदर्शनों की धार भी कम हो रही है.

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