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कोरोना वायरस को लेकर यूपी में अलर्ट, लखनऊ के सभी अस्पतालों में 100 से ज्यादा बेड रिजर्व, एयरपोर्ट पर तैनात की गई टीम

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 30, 2020, 2:41 PM IST
कोरोना वायरस को लेकर यूपी में अलर्ट, लखनऊ के सभी अस्पतालों में 100 से ज्यादा बेड रिजर्व, एयरपोर्ट पर तैनात की गई टीम
कोरोना वायरस के कारण चीन में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (सांकेतिक तस्वीर)

लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष दुबे का कहना है, "कोरोना वायरस को लेकर जो बात सबसे ज्यादा खतरनाक है, उसमें इस बात का जिक्र करना जरुरी है कि इस बीमारी का कोई विशेष इलाज मौजूद नहीं है. शक होने की दशा में फौरन सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजना ही उचित है."

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लखनऊ. चीन (China) में महामारी का रूप ले चुके घातक कोरोना वायरस (Coronavirus) की दहशत अब भारत में भी नजर आने लगी है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के सभी सरकारी अस्पतालों में भी 100 से ज्यादा बेड को रिजर्व किया गया है. सूकून की बात यह है कि अभी तक सूबे में कोई मरीज नहीं मिला है. लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी 8 चिकित्सकों की टीम को 24 घंटे के लिए तैनात किया गया है. चीन में फैले घातक कोरोना वायरस को राजधानी लखनऊ में फैलने से रोकने और यात्रियों के बचाव के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चेकिंग अभियान भी चला रखा है।

आखिर क्या है कोरोना वायरस
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना वायरस सी फूड खाने से फैलता है, लेकिन अब बहुत तेजी से कोरोना वायरस इंसानों से ही इंसानों में जा रहा है. यह कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल जाता है. छींक या हाथ मिलाना भी अब जोखिम का कारण बन सकता है. किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने या फिर मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो जाता है. कोरोना वायरस का लक्षण खांसी, जुकाम और नाक का बहना भी हो सकता. सामान्य रुप से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव का अभी तक कोई खास इलाज नहीं है. समान्य बुखार, खांसी और जुकाम भी इसका लक्षण हो सकता है. कोरोना वाय़रस का पहचान थोड़ा मुश्किल है. अभी उत्तर प्रदेश में इसकी जांच की व्यवस्था भी नहीं है. शक होने की दशा में सैंपल पुणे भेजा जा रहा है.

कोरोना वायरस की पुष्टि होने की दशा में क्या करें

कोरोना वायरस की पुष्टि होने की दशा में सबसे पहले मरीज को आइसोलेट कर दिया जाता है. कोशिश होती है कि मरीज किसी के संपर्क में ना रहे. मरीज के कपड़े, बर्तन और बिस्तर भी अलग कर दिया जाए. आमतौर से मरीज 8 से 10 दिनों में ठीक हो जाता है लेकिन अगर संक्रमण गुर्दे औऱ लीवर तक हो जाए तो इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है. कोरोना वायरस से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता शून्य के समान हो जाता है. कोरोना वायरस के मरीजों को सलाह दी जाती है कि मास्क का जरुर इस्तेमाल करें औऱ सार्वजनिक स्थानों पर ना जाए. हाथ मिलाने औऱ गले लगने भी बचें. कोरोना वायरस के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए. मौसमी फल और सब्जियों के सेवन से भी प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है.

क्या कहते हैं चिकित्सक
सिविल हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष दुबे का कहना है, "कोरोना वायरस को लेकर जो बात सबसे ज्यादा खतरनाक है, उसमें इस बात का जिक्र करना जरुरी है कि इस बीमारी का कोई विशेष इलाज मौजूद नहीं है. शक होने की दशा में फौरन सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजना ही उचित है." सूबे के मुख्यमंत्री के निर्देशों को बाद लखनऊ स्थित केजीएमयू के लैब में ही जल्द ही इस वायरस की जांच की सुविधा तैयार की जा रही है.ये भी पढ़ें:

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First published: January 30, 2020, 10:55 AM IST
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