सरकारी बैंकों की हड़ताल से यूपी में 40 हजार करोड़ की क्लीयरेंस फंसी! ATM भी हो रहे खाली

यूपी में सरकारी बैंकों की स्ट्राइक का दिख रहा असर

यूपी में सरकारी बैंकों की स्ट्राइक का दिख रहा असर

UP Bank Strike: अनुमान लगाया जा रहा है कि इन दो दिनों में सिर्फ यूपी में ही 40 हजार करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन फंस जाएगा. मोटे तौर पर यूपी में एक दिन में 20 हजार करोड़ की क्लीयरेंस की जाती है.

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लखनऊ. सरकारी बैंकों (Public Sector Banks) के निजीकरण के विरोध में पूरे देश के बैंककर्मी दो दिनों की हड़ताल (Bank Strike) पर हैं. सोमवार को हड़ताल का पहला दिन है. यूपी में भी सरकारी बैंकों की हजारों शाखाएं बंद हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि इन दो दिनों में सिर्फ यूपी में ही 40 हजार करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन फंस जाएगा. मोटे तौर पर यूपी में एक दिन में 20 हजार करोड़ रुपये की क्लीयरेंस की जाती है. ये दो दिनों तक ठप रहेगी. थोड़ी राहत ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की वजह से जरूर मिलेगी.

बता दें कि अभी तक सरकार ने यह घोषणा नहीं की है कि किन दो सरकारी बैंकों का निजीकरण किया जाएगा. सिर्फ बजट में इसकी घोषणा की गयी थी कि सरकार ऐसा करेगी. इसी के विरोध में दो दिनों की हड़ताल है. एटीएम खाली होते जा रहे हैं. आशंका है कि जिन एटीएम में पैसे हैं भी वे भी जल्द ही खाली हो जाएंगे. 13 मार्च से ही बैंक बंद हैं. ऐसे में बैंक बंद होने के चार दिन हो जाएंगे. जाहिर है एटीएम में पैसे भरने की व्यवस्था भी चरमरा गई है.

हड़ताल में कुल 9 यूनियन शामिल

इस हड़ताल में कुल 9 यूनियन शामिल हैं. इस दो दिवसीय हड़ताल में सभी 12 सरकारी बैंक शामिल हैं. भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट और यूपी के अध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि सरकारी बैंक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता की गाढ़ी कमाई पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है. चाहे जनधन खाते हों या फिर नोटबंदी के समय के हालात, सभी मौकों पर सरकारी बैंकों ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया है. पवन कुमार ने कहा कि यदि निजी बैंकों की इतनी ही जरूरत सरकार महसूस कर रही है तो नए लाइसेंस दिए जाएं. सरकारी बैंकों की कब्र पर निजी बैंकों के पौधे क्यों लगाये जा रहे हैं?
किन बैंकों का हो रहा निजीकरण?

पवन कुमार ने बताया कि इस बार के बजट में सरकार ने बस इतनी ही घोषणा की थी कि दो सरकारी बैंकों का निजीकरण किया जाएगा. सरकार ने अभी दोनों बैंकों के नाम जाहिर नहीं किए हैं.

हड़ताल के एवज में कटवाएंगे सैलरी



बैंकों की आदर्शवादी यूनियन की तरफ से ये पहले से ही तय रहता है कि जब भी बैंकों में हड़ताल होगी तो कर्मचारियों की उतने दिन की तनख्वाह कट जाएगी. यानी बैंक कर्मियों की दो दिनों की तनख्वाह काट ली जाएगी.

निजी बैंकों में हो रहा कामकाज

सरकारी बैंकों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर निजी बैंकों की भी शाखाएं हैं. सभी निजी बैंकों में कामकाज पहले की तरह हो रहा है. हालांकि, कस्बों या देहात के क्षेत्र में ऐसे बैंकों की उपस्थिति न के बराबर है.
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