तो पुराने नेताओं के अलग होने से टूट रहा है मायावती के सोशल इंजीनियरिंग का तिलिस्म!

यूपी में कभी बहुजन समाज की इकलौती पार्टी रही बसपा के सामने भीम आर्मी जैसे संगठन मजबूती से खड़े हो रहे हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 22, 2019, 9:30 AM IST
तो पुराने नेताओं के अलग होने से टूट रहा है मायावती के सोशल इंजीनियरिंग का तिलिस्म!
बसपा सुप्रीमो मायावती की फाइल फोटो
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Updated: May 22, 2019, 9:30 AM IST
लोकसभा चुनाव से पहले अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी के कद्दावर नेता और ब्राह्मण चेहरा रामवीर उपाध्याय का निलंबन दिखा रहा है कि मायावती की पार्टी बसपा में सब कुछ सामान्य नहीं है. कांशीराम के बाद जब मायावती ने बसपा की कमान संभाली थी, उसके बाद से कई पुराने और भरोसेमंद नेता मायावती के साथ आज नहीं हैं. लिहाजा 'सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय' के नारे के साथ बसपा की सोशल इंजीनियरिंग का तिलिस्म भी धराशायी होता दिख रहा है.

इतना ही नहीं यूपी में कभी बहुजन समाज की इकलौती पार्टी रही बसपा के सामने भीम आर्मी जैसे संगठन मजबूती से खड़े हो रहे हैं. ऐसे में पार्टी के सामने अपने दलित वोट बैंक को बचाए रखने की भी चुनौती है. इसकी एक वजह यह मानी जा रही है कि पार्टी के पुराने और भरोसेमंद नेताओं का लगातार अलग होना है.



चुनावों में भी दिखा असर
कांशीराम के बाद से पार्टी के कई दिग्गजों का अलग होने का असर बसपा को पिछले दो विधानसभा और लोकसभा चुनाव में देखने को मिला है. अब तक पार्टी से आरके चौधरी, बाबूसिंह कुशवाहा, स्वामी प्रसाद मौर्य, दीनानाथ भास्कर, राजबहादुर, बलिहारी बाबू, ईसम सिंह, डा. मसूद अहमद, मोहम्मद अरशद, राम प्रसाद, इंद्रजीत सरोज, आरके पटेल, ब्रजेश पाठक, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, जंग बहादुर पटेल, राम लखन वर्मा, बरखूराम वर्मा जैसे कद्दावर नेता अलग हो चुके हैं.

पार्टी के पूर्व विधायक हरपाल सैनी कहते हैं कि इस बार लोकसभा चुनाव में बसपा को सपा का साथ इसी वजह से लेना पड़ा, क्योंकि कद्दावर नेताओं की भरपाई पैसे लेकर नए नेताओं से नहीं हो सकती. यही वजह है कि पार्टी सर्वसमाज को जोड़ने की मुहीम में पिछड़ रही है.

इस बार के लोकसभा चुनाव में बसपा की अग्नि परीक्षा है. लगातार तीन चुनाव हार चुकी बसपा को अपनी जमीन बचाए रखने की चुनौती है. 23 मई को यह साफ होगा कि गठबंधन के बाद बसपा का प्रदर्शन कैसा रहता है.

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बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय को पार्टी से किया गया निलंबित

 

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