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लखनऊ सहित इन जिलों के कक्षा 1 से 12 तक के सभी प्राइवेट व मिशनरी स्कूल 11 अप्रैल तक बंद

दिल्ली के  सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश.
(प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश. (प्रतीकात्मक फोटो)

Lucknow News: प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष व संत जोसेफ कॉलेज के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल ने बताया कि एसोसिएशन से सभी विद्यालयों से बात हो गई है, जो भी हमसे जुड़े विद्यालय हैं, उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 2, 2021, 10:55 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) को देखते हुए एक तरफ योगी सरकार (Yogii Government) ने कक्षा 1 से 8 तक के प्रदेश के सभी निजी और सरकारी स्कूलों को 11 अप्रैल तक बंद करने का आदेश दे दिया है. वहीं दूसरी तरफ लखनऊ अनेटेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने भी बड़ा फैसला ले लिया है. एसोसिएशन ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी प्राइवेट और मिशनरी स्कूल-कॉलेज 11 अप्रैल तक पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है.

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इसके तहत एसोसिएशन से संबद्ध राजधानी लखनऊ सहित सीतापुर, हरदोई, वाराणसी, लखीमपुर में सभी प्राइवेट और मिशनरी स्कूल बंद रहेंगे. प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष व संत जोसेफ कॉलेज के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल ने बताया कि हमारी एसोसिएशन से सभी विद्यालयों से बात हो गई है जो भी हमारे एसोसिएशन से जुड़े विद्यालय हैं चाहे वह सीतापुर ,लखीमपुर, वाराणसी, हरदोई या फिर राजधानी लखनऊ के हों, उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है. साथ ही कक्षा एक से कक्षा 12 तक के सभी बोर्ड के प्राइवेट विद्यालय या मिशनरी विद्यालय पूर्णतया 11 अप्रैल तक बंद रहेंगे.



उन्होंने कहा कि पठन-पाठन का सभी कार्य ऑनलाइन होगा. विद्यालयों को पूर्णतया सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी. शिक्षकों को विद्यालय में आकर परीक्षा संबंधी जो भी कार्य बचे हुए हैं, उसको करने होंगे. साथ ही ऑनलाइन क्लासेज को और बेहतर और रोचक बनाने के लिए विद्यालय में आकर उसका पूरा खाका तैयार करना होगा.
बिना पैरेंट्स की कंसर्न के परीक्षाएं नहीं: अनिल अग्रवाल

योगी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए अनिल अग्रवाल बताते हैं कि जिन विद्यालयों में परीक्षा संबंधी कार्य चल रहा है. वहां पेरेंट्स की कंसर्न लेकर के उन छात्रों की परीक्षाएं विद्यालय द्वारा कराई जाएंगी. चाहे परीक्षा लिखित हो या मौखिक. अगर प्रैक्टिकल एग्जाम भी हैं तो बिना पैरेंट्स की कंसर्न के छात्रों की परीक्षा किसी विद्यालय में ना हो. एसोसिएशन इस बात पर भी पूरी नजर रखेगा.

नहीं तो विद्यालय होंगे उत्तरदायी

अनिल अग्रवाल ने यह भी बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में किसी भी प्रकार का ऑफलाइन कार्यक्रम चाहे विद्यालय से जुड़ा हो अथवा पढ़ाई से. छात्रों को 11 अप्रैल तक सिर्फ ऑनलाइन मोड से ही सभी काम करना होगा. ऑफलाइन मोड का कोई भी कार्य विद्यालय द्वारा संपादित ना कराया जाए. अगर विद्यालय द्वारा यह कार्य संपादित कराए जाते हैं तो कोरोना के नियमों के उल्लंघन व नियम तोड़ने पर विद्यालय स्वयं उत्तरदायी होंगे.
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