प्रवासी श्रमिकों का मामला पहुंचा HC, दी जा रही सुविधाओं पर केंद्र और यूपी सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब

प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देने की तैयारी में सरकार! संभव है कानून में बदलाव
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देने की तैयारी में सरकार! संभव है कानून में बदलाव

हाईकोर्ट (HC) ने मामले में 2 हफ्ते बाद अगली सुनवाई तक हलफनामे के साथ स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. यह आदेश जस्टिस अनिल कुमार और जस्टिस सौरभ लवानिया की बेंच ने दिलीप कुमार मिश्रा की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर दिया.

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लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच (Lucknow Bench) ने केंद्र और राज्य सरकार से घर लौट रहे और इधर-उधर फंसे प्रवासी श्रमिकों (Migrant Laborers) को दी जाने वाली सुविधाओं की स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) तलब की है. हाईकोर्ट ने मामले में 2 हफ्ते बाद अगली सुनवाई तक हलफनामे के साथ स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. यह आदेश जस्टिस अनिल कुमार और जस्टिस सौरभ लवानिया की बेंच ने दिलीप कुमार मिश्रा की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर दिया.

असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने दिया ये जवाब

याचिका में प्रवासी श्रमिकों को भोजन, पानी, मेडिकल और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की गई है. याची ने ये भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि श्रमिकों को भूखा न रहने दिया जाए और उन्हें परिवहन की सुविधा भी मिले. याचिका की वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई के दौरान असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि प्रवासी श्रमिकों के सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट की ओर से 21 अप्रैल और 5 मई पारित आदेशों का पालन किया जा रहा है.



राज्य सरकार के अधिवक्ता बोले...
एसबी पांडेय ने कहा कि मजदूरों के लिए जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल का पुनरीक्षण भी किया गया है. वहीं राज्य सरकार के अधिवक्ता एचपी श्रीवास्तव ने दलील दी कि गृह मंत्रालय व सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन हो रहा है. इस पर कोर्ट ने दोनों सरकारों को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया.

69000 शिक्षक भर्ती की विवादित आंसरशीट केस पर जस्टिस मनीष माथुर की बेंच में सुनवाई

उधर दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teacher Recruitment) मामले में आंसरशीट के विवाद को लेकर दाखिल याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को विशेषज्ञों की राय के साथ 27 मई तक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है. यह आदेश जस्टिस मनीष माथुर की बेंच ने ऋषभ मिश्रा व अन्य की ओर से दाखिल सेवा सम्बंधी याचिका पर दिया है. वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिये शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान याचियों की तरफ से राज्य सरकार के लघु शपथ पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई गई. उन्होंने कहा कि आंसरशीट के विवादित 4 उत्तरों को लेकर उस शपथ पत्र में कोई स्पष्टीकरण ही नहीं दिया गया है, जबकि यही इस मामले का मुख्य बिंदु है.

अगली सुनवाई में अंतरिम राहत पर भी होगा विचार: HC

इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को विवादित उत्तरों के सम्बंध में विशेषज्ञ की राय के साथ हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर याचियों की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर भी विचार किया जाएगा. याचियों ने 8 मई 2020 को जारी उत्तर कुंजी में 4 उत्तरों को लेकर आपत्ति जताई है. याचियों के मुताबिक आपत्ति के सम्बंध में सक्षम अधिकारियों की ओर से कोई कार्यवाही न करने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

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