हाथरस कांडः HC ने दिखाई सख्ती, पीड़ित परिवार को सुरक्षा के आदेश, निलंबित SP विक्रांत वीर तलब

पीड़ित परिवार को सुरक्षा के आदेश (file photo)
पीड़ित परिवार को सुरक्षा के आदेश (file photo)

कोर्ट ने मीडिया को जिम्मेदारी भरी रिपोर्टिंग करने की बात कही है. मंगलवार को 11 पन्ने का आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने पीड़ित परिवार को कड़ी सुरक्षा देने का आदेश जारी किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 9:30 PM IST
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लखनऊ/हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले (Hathras Case) में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ पीठ (Lucknow Bench) ने यूपी सरकार को सख्त आदेश दिया है. मंगलवार को 11 पन्ने का आदेश जारी करते हुए कोर्ट ने पीड़ित परिवार को कड़ी सुरक्षा देने का आदेश जारी किया. वहीं हाथरस के निलंबित एसपी विक्रांत वीर को कोर्ट ने अगली पेशी 2 नवंबर को तलब किया है. बताया जा रहा है कि हाथरस के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार और एडीजी एलओ प्रशांत कुमार पर हाईकोर्ट नाराज है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मीडिया और राजनीतिक दलों के नेता अनावश्यक बयानबाजी से खुद को बचाएं.

उधर, मीडिया को जिम्मेदारी भरी रिपोर्टिंग करने की बात कोर्ट ने कही है. साथ ही कहा सीबीआई अपनी  जांच मीडिया से शेयर नहीं करेगी, वहीं जांच की प्रगति रिपोर्ट पब्लिक डोमेन में न रखें. अपने आदेश में हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह को निर्देश देते हुए कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बनाए. बताया जा रहा है कि लाश जलाने को लेकर कोर्ट बेहद नाराज चल रहा है. क्योंकि कोर्ट ने डीएम हाथरस से पूछा बिना परिवार की मंजूरी लाश क्यों जलाई?. वहीं कोर्ट के मुताबिक डीएम हाथरस का बयान विरोधाभासी है.

मौके की नजाकत को देखते हुए लिया अंतिम संस्कार का फैसला



डीएम ने अपने बयान में कहा है कि परिस्थिति का आकलन करते हुए जिलाधिकारी के रूप में मैंने हाथरस में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह करके पीड़िता के परिवार को विश्वास में लेकर अपने स्तर पर रात्रि में दाह संस्कार कराने का निर्णय लिया. जिलाधिकारी के रूप में मैंने मौके की नजाकत समझते हुये कानून व्यवस्था की दृष्टि से पीड़िता के शव का दाह-संस्कार कराना आवश्यक समझा.
सीबीआई टीम ने हाथरस में डाला डेरा 

गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र में 19 साल की एक दलित लड़की से अगड़ी जाति के चार युवकों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था. इस घटना के बाद हालत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां गत 29 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई थी. इस घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर जबरदस्त हमला बोला था. वहीं, अब इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया है और सीबीआई टीम हाथरस में डेरा डाल चुकी है.
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