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Analysis: क्या आजम खान के बहाने सपा को मजबूत करने रामपुर गए थे अखिलेश यादव?

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: September 16, 2019, 9:26 AM IST
Analysis: क्या आजम खान के बहाने सपा को मजबूत करने रामपुर गए थे अखिलेश यादव?
Analysis: क्या आजम खान के बहाने सपा को मजबूत करने रामपुर गए थे अखिलेश यादव?

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर पार्टी को लीड करने के तौर तरीकों पर सवाल उठने लगे है. उन पर आरोप हैं कि वह परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपने साथ नहीं रख पाए. वहीं वह शिवपाल यादव ( Shivpal Yadav) की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) के गठन को नहीं रोक पाए.

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  • Last Updated: September 16, 2019, 9:26 AM IST
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लखनऊ. मुश्किलों में घिरे समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कद्दावर नेता और रामपुर से सांसद आज़म खान (Azam Khan) के समर्थन में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) रामपुर गए थे. दरअसल यूपी की 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने है. ऐसे में आजम खान के बहाने पार्टी के लिए सियासी माहौल बनाने अखिलेश यादव रामपुर गए थे. लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रतन मणि लाल ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि अखिलेश यादव पर पार्टी को लीड करने के तौर तरीकों पर सवाल उठने लगे है. उन पर आरोप हैं कि वह परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपने साथ नहीं रख पाए. वहीं वह शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) के गठन को नहीं रोक पाए.

अखिलेश यादव के पार्टी नेतृत्व पर उठे सवाल
लाल कहते हैं कि बदलते हालात के साथ कई पुराने नेताओं ने पार्टी छोड़ दी. क्योकि अखिलेश का प्रभाव उन पर कम पड़ा. ऐसे कई उदाहरण हैं कि आज अखिलेश यादव के पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठने लगे. उन्होंने बताया कि अखिलेश सरकार के कार्यकाल में कराए कामकाज का भी फायदा चुनाव में नहीं मिला, वहीं आज कोई उनके कार्यों को याद नहीं करता. वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रतन मणि लाल के मुताबिक जब कोई रास्ता नहीं बचा तो अखिलेश यादव ने आजम खान के मुद्दे को इस्तेमाल करने का सोचा. लेकिन ये दांव भी कारगर साबित नहीं हुआ. क्योकि पार्टी ने किसी एक 'व्यक्ति विशेष' के लिए आंदोलन करने की रणनीति तैयार की.

समाजवादी पार्टी का मतलब आजम बचाओ पार्टी

लाल आगे कहते हैं कि किसी लोकतांत्रिक मुद्दे पर राजनीति न करके अखिलेश यादव एक व्यक्ति विशेष के लिए सियासत करने रामपुर पहुंचे. जिसका संदेश जनता से लेकर पार्टी के अंदर भी सही नहीं गया. उन्होंने कहा कि आज सपा का कार्यकर्ता मायूस है, क्योंकि उसको लगता है कि समाजवादी पार्टी का मतलब है आजम बचाओ पार्टी.

कांग्रेस ने नहीं किया कोई आंदोलन
रतन मणि लाल के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के अंदर पी. चिदंबरम और डीके शिवकुमार को लेकर कितना संकट चल रहा है, लेकिन उन्होंने बीजेपी सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन खड़ा नहीं किया. आजम खान के बहाने पार्टी को मजबूत करने का दांव कोई खास असर नहीं डाल सका. क्योकि लोग आजम खान को समाजवादी पार्टी का नेता कम, रामपुर के नेता के रूप में ज्यादा समझते हैं. लाल ने कहा कि अखिलेश यादव के रामपुर दौरे का नतीजा सिफर नजर आ रहा है.
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First published: September 16, 2019, 9:09 AM IST
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