UP: योगी सरकार में बदला एक और रेलवे स्टेशन का नाम, अब नौगढ़ हुआ सिद्धार्थनगर

वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से बदला गया नाम
वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से बदला गया नाम

Siddharthnagar News: उत्‍तर प्रदेश मेें इससे पहले इलाहाबाद और मुगलसराय स्‍टेशनों का नाम बदला जा चुका है. हाल में ही मडुवाडीह स्‍टेशन का नाम बदला गया है.

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लखनऊ. रेल मंत्री पीयूष गोयल (Railways Minister Piyush Goyal) ने सोमवार को नौगढ़ रेलवे स्टेशन (Naugarh Railway Station) का नाम बदलकर सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) कर दिया. वीडियो लिंक के माध्यम से सम्बोधित करते हुये रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नौगढ़ के समीप लुम्बिनी में महात्मा बुद्ध का जन्म होने एवं इस क्षेत्र से उनके जीवन की घटनाओं से जुड़े होने के कारण जन-आकांक्षाओं को देखते हुये नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सिद्धार्थनगर रखा गया. इसके लिये उन्होंने सभी को बधाई दी. यहां बौद्ध तीर्थ यात्री काफी संख्या में लुम्बनी के लिये आते है. इस क्षेत्र को यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया है.

इस अवसर पर सांसद जगदम्बिका पाल ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को हार्दिक धन्यवाद देते हुए कहा कि जनआकांक्षाओं को देखते हुए नौगढ़ स्टेशन का नाम सिद्धार्थनगर किया गया. इससे वर्षों से क्षेत्रीय जनता की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी हुई. उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र गौतम बुद्ध के बाल्यावस्था की घटनाओं से जुड़ा है.

यूपी में रेलवे ने किया कई काम
खलीलाबाद से बहराइच वाया डुमरियागंज-उतरौला-बलरामपुर-श्रावस्ती 240 किमी. लम्बी नई रेल लाइन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है. इस परियोजना के पूरा होने से सन्त कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच एवं गोंडा जनपद के विकास में तेजी आयेगी. रेल मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 6 वर्षों में 460 किमी नई रेल लाइन निर्माण, 531 किमी दोहरीकरण तथा 489 किमी आमान परिवर्तन का कार्य पूरा किया गया. इसी प्रकार 4682 किमी रेलपथ का विद्युतीकरण भी पूरा किया गया. इससे रेल गाड़ियों को तेज गति से चलाया जा सकेगा तथा पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा.
पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 6 वर्षों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 10,600 करोड़ का आवंटन किया जो उससे पूर्व के वर्षों से लगभग नौ गुना अधिक है. रेल मंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिये देषव्यापी लाॅकडाउन के कारण यात्री गाड़ियों का संचलन बन्द करना पड़ा, लेकिन देश में खाद्य एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति के लिये मालगाड़ियों एवं पार्सल गाड़ियों का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहा, जिससे लोगों तक आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति हो सकी तथा बिजली घरों को कोयला पहुंच सका.
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