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लखनऊ CAA Protest: मुनव्वर राणा ने पूछा- प्रदर्शन करती बेटियों के लिए टॉयलेट क्यों बंद किया?
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 21, 2020, 12:09 PM IST
लखनऊ CAA Protest: मुनव्वर राणा ने पूछा- प्रदर्शन करती बेटियों के लिए टॉयलेट क्यों बंद किया?
लखनऊ के घंटाघर पर महिलाओं का प्रदर्शन जारी है

बेटियों के खिलाफ FIR पर मुनव्वर राणा (Munwwar Rana) ने कहा कि यह दोहरा कानून देश को बर्बाद करने के लिए है. अगर शासन-प्रशासन सूझ-बूझ से कदम नहीं उठाएगा तो देश की हालत और खराब हो जाएगी.

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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) के घंटाघर में महिलाओं द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन पर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है. पुलिस के एक्शन पर मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munwwar Rana) ने भी बीजेपी (BJP) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इतना खराब कानून तो हिटलर ने भी नहीं बनाया. आज देश की बच्चियां रो रही हैं और आप वो भी नहीं करने दे रहे. बता दें मुनव्वर राणा की दो बेटियों सुमैया राणा और फौजिया राणा समेत 100 से ज्यादा अज्ञात महिलाओं के खिलाफ पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन, लोगों को भड़काने और लोक सेवक को रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग करना जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है. ठाकुरगंज पुलिस ने इस मामले में तीन अलग-अलग FIR दर्ज की है.

मुनव्वर राणा ने कहा, 'बीजेपी को इतने सालों बाद मौका मिला तो अपनी बात 'सबका साथ सबका विकास' पर कायम रहना चाहिए. हमारी बेटियां घंटाघर पर हैं और सरकार का रवैया है कि दफा 144 लगा दी. इतना खराब कानून तो हिटलर ने भी नहीं बनाया. आज देश की बच्चियां रो रही हैं. आप वो भी नहीं करने दे रहे. एक तरफ मुसलमान बहनें हैं, तलाक के लिए लड़ रही हैं. शर्म की बात है. एक तरफ शौचालय बनाने की बात करते हैं और जहां औरतें प्रदर्शन पर बैठी हैं, वहां शौचालय बंद कर दिया जाता है.'

दोहरा कानून देश को बर्बाद करने के लिए

बेटियों के खिलाफ एफआईआर पर मुनव्वर राणा ने कहा कि पुलिस का काम है एफआईआर दर्ज करना, तो वो कर रही है. यह दोहरा कानून देश को बर्बाद करने के लिए है. अगर शासन-प्रशासन सूझ-बुझ से कदम नहीं उठाएगा तो देश की हालत और खराब हो जाएगी. न्याय तो देना पड़ेगा. 400 से ऊपर सीटें इंदिरा गांधी भी लेकर आई थीं, लेकिन आज कांग्रेस 40-50 पर सिमट जाती है. इस बात का ध्यान बीजेपी को रखना चाहिए.

प्रदर्शन में महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल

CAA और NRC के विरोध में पुराने लखनऊ में महिलाओं का प्रदर्शन शुक्रवार को शुरू हुआ. खुले आसमान के नीचे पिछले शुक्रवार से बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर पुराने लखनऊ स्थित घंटाघर के सामने प्रदर्शन कर रही हैं. उनके साथ बच्चे भी हैं. इन महिलाओं का कहना है कि सरकार जब तक सीएए और एनआरसी को वापस नहीं लेती है, तब तक वह धरना समाप्त नहीं करेंगी. विरोध प्रदर्शन में बच्चों के शामिल होने को लेकर बाल अधिकार आयोग की सदस्य शुचिता चतुर्वेदी ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि ऐसी कई रिपोर्ट्स आई थी, जिसमें कहा गया कि प्रदर्शन में बच्चों को शामिल किया गया. उनसे CAA और NRC के विरोध में नारे लगवाए गए. यह किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन है.

आरोप लगा कि पुलिस ने कंबल जब्त कर लिएइससे पहले प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया था कि काफी सर्दी होने के बावजूद पुलिस ने शनिवार की देर रात उनके कंबल जब्त कर लिए. हालांकि पुलिस ने एक बयान जारी कर इस पर सफाई दी. पुलिस का कहना है कि कुछ सामाजिक संगठन इन महिलाओं को कंबल दे रहे थे, तभी बड़ी संख्या में अन्य लोग जो इस धरने में शामिल नहीं थे, वे भी कंबल लेने के लिए वहां पहुंच गए. भीड़ और अफरा-तफरी को रोकने के लिए पुलिस ने वहां से कंबल हटवाए.

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First published: January 21, 2020, 11:24 AM IST
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