Lockdown: लखनऊ में टल गईं करीब 1650 शादियां, 4 लाख लोगों की रोजी-रोटी सीधे प्रभावित, करीब 125 करोड़ का नुकसान
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Lockdown: लखनऊ में टल गईं करीब 1650 शादियां, 4 लाख लोगों की रोजी-रोटी सीधे प्रभावित, करीब 125 करोड़ का नुकसान
होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बताते हैं कि शहर में 800 छोटे और बड़े होटल हैं. जो शादी से लेकर बरीक्षा, सगाई जैसे समारोह के लिए बुक किए जाते हैं. लॉक डाउन (Lockdown) ने पूरा कारोबार ठप कर दिया है. नुकसान का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन लगभग 125 करोड़ के नुकसान का आंकलन है.

होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बताते हैं कि शहर में 800 छोटे और बड़े होटल हैं. जो शादी से लेकर बरीक्षा, सगाई जैसे समारोह के लिए बुक किए जाते हैं. लॉक डाउन (Lockdown) ने पूरा कारोबार ठप कर दिया है. नुकसान का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन लगभग 125 करोड़ के नुकसान का आंकलन है.

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लखनऊ. कोरोना (COVID-19) ने लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही उनकी खुशियों पर भी ग्रहण लगा दिया है. महामारी के चलते घोषित लॉक डाउन (Lockdown) के कारण अप्रैल और मई महीने की तकरीबन 1650 शादियां टल गई हैं. इससे जुड़े होटल, लॉन, कम्युनिटी सेंटर, रिसॉर्ट और क्लब के साथ-साथ टेंट, लाइट, बैंड के बिजनेस करने वालों को करीब 125 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है. यही नहीं लगभग 4 लाख लोगों की रोजी-रोटी सीधे प्रभावित हुई है.

लॉकडाउन के कारण लोगों ने अप्रैल महीने में होने वाली शादियां, सगाई, बरीक्षा/मंगनी, तिलक तो टाल ही दिए हैं, मई महीने की 90 फीसदी बुकिंग भी आगे खिसका रहे हैं. यही, नहीं कई लोग तो जून में भी शादी की बुकिंग से कतरा रहे हैं, जिससे इस धंधे से जुड़े व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. आवास आयुक्त अजय चौहान बताते है कि प्रदेश में आवास एवं विकास परिषद की 27 बुकिंग को कैंसिल किया गया है. साथ ही 9 लाख 99,250 रुपए विभाग आयोजकों को वापस करेगा.

वहीं होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बताते हैं कि शहर में 800 छोटे और बड़े होटल हैं. जहां शादी से लेकर बरीक्षा, सगाई जैसे समारोह के लिए बुक किए जाते हैं. लॉक डाउन ने पूरा कारोबार ठप कर दिया है. नुकसान का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन लगभग 125 करोड़ के नुकसान का आंकलन है.



यही नहीं शादी समारोह के व्यवसाय से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े 4 लाख से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी पर कोरोना की वजह से असर पड़ा है. अप्रैल की लगभग सभी शादियां टल गई हैं. मई की 90 प्रतिशत शादियां आगे बढ़ चुकी हैं. जून की शादियां भी टलवाने के लिए लोग आ रहे हैं. अब तक कारोबार को करीब 125 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा है.
उधार लेकर की शादी की तैयारी, अब देनदारों का तकादा जारी
कारोबारियों के अलावा लॉक डाउन से टली शादियों का असर गरीब लोगों पर भी दिख रहा है. जिन लोगों ने उधार लेकर तैयारियां की थी, वो अब देनदारों का तकादा झेल रहे हैं. इंदिरानगर स्थित हलवासिया में गार्ड की नौकरी करने वाले रंजीत मिश्रा हरदोई के रहने वाले हैं. 8 अप्रैल को उनकी शादी होनी थी. बरीक्षा और शादी मिलाकर लोगों से 1 लाख रुपये उधार लिया था. तैयारियां लगभग हो गई थी. शादी का सामान भी ले लिया गया. पैसे सारे खर्च हो गए. अब जब शादी कैंसल हो रही है तो देनदार भी तकादा करने लगे हैं. शादी आगे बढ़ेगी तो फिर से वही खर्च, कहां से लाएंगे. ऊपर से उधार की रकम चुकाने की फिक्र अलग सता रही है.

डिप्टी सीएम के सूचना अधिकारी भी लॉक डाउन खुलने के इंतजार में
कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन से आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों की भी दिक्कतें हो रही हैं. उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा के सूचना अधिकारी अभिषेक सिंह की शादी 2 मई को होनी थी. लेकिन लॉकडाउन के कारण शादी की तारीख टालनी पड़ी. उनकी होने वाली पत्नी अयोध्या की हैं और इलाहाबाद में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं. वह बताते हैं कि शादी के लिए होटल फॉर एवर में बुकिंग करा ली थी, एडवांस भी दे दिया था, लेकिन लॉकडाउन के कारण शादी टालनी पड़ी. यह दिक्कत तब और बढ़ जाती है, जब तैयारियां हो चुकी होती हैं. आर्थिक हिसाब-किताब भी गड़बड़ा जाता है लेकिन स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं.

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