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अयोध्या मामला: AIMPLB की लखनऊ में बैठक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर होगा विचार

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 17, 2019, 8:59 AM IST
अयोध्या मामला: AIMPLB की लखनऊ में बैठक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर होगा विचार
अयोध्या मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अहम बैठक होने जा रही है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की इस अहम बैठक में अयोध्‍या मामले (Ayodhya Case) पर हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के फैसले (Verdict) पर संभावित रुख को लेकर निर्णय होना है.

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लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की अहम बैठक रविवार को लखनऊ (Lucknow) के नदवा कॉलेज में होने जा रही है. इस बैठक में अयोध्‍या मामले (Ayodhya Case) पर हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के फैसले पर रुख को लेकर निर्णय होना है. बता दें एक दिन पहले ही मामले से जुड़े मुस्लिम पक्षकारों ने बोर्ड को अपनी राय दी कि वे फैसले के खिलाफ अपील की मंशा रखते हैं. उन्होंने यह भी राय दी है कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद (Babari Masjid) के बदले कोई जमीन भी नहीं लेनी चाहिए. इन पक्षकारों ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) के महासचिव मौलाना वली रहमानी से नदवा में मुलाकात के दौरान यह ख्‍वाहिश जाहिर की. खास बात यह है कि मामले से जुड़े एक अहम पक्षकार इकबाल अंसारी ने इस बैठक से किनारा कर लिया है. इकबाल बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह फैसले से खुश हैं.

इन्‍होंने अपील की जताई मंशा

बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने बताया कि मौलाना रहमानी ने रविवार को नदवा में ही होने वाली बोर्ड की वर्किंग कमेटी की महत्‍वपूर्ण बैठक से पहले रामजन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े विभिन्‍न मुस्लिम पक्षकारों को राय जानने के लिए बुलाया था. उन्‍होंने बताया कि मामले के मुद्दई मुहम्‍मद उमर और मौलाना महफूजुर्रहमान के साथ-साथ अन्‍य पक्षकारों हाजी महबूब, हाजी असद और हसबुल्‍ला उर्फ बादशाह ने मौलाना रहमानी से मुलाकात के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय समझ से परे है. लिहाजा, इसके खिलाफ अपील की जानी चाहिए. इसके अलावा एक अन्‍य पक्षकार मिसबाहुद्दीन ने भी फोन पर बात करके यही राय जाहिर की. जिलानी ने बताया कि इन पक्षकारों ने यह भी कहा कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद के बदले कोई जमीन नहीं लेनी चाहिए.

बोर्ड की बैठक से स्पष्ट होगा रुख

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने रामजन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में गत 9 नवम्‍बर को फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्‍या में किसी प्रमुख स्‍थान पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जिलानी ने इस निर्णय में अनेक विरोधाभास बताते हुए कहा था कि वह इससे संतुष्‍ट नहीं हैं. अब रविवार को नदवा में बोर्ड की वर्किंग कमेटी इस निर्णय के खिलाफ अपील करने या न करने और मस्जिद के लिए जमीन के मसले पर कोई फैसला लिया जाना है.

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First published: November 17, 2019, 8:37 AM IST
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