आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर लग सकती है 6 साल की रोक, राष्‍ट्रपति को भेजा पत्र

अपने पिता आजम खान के साथ अब्दुला खान. (फाइल फोटो)
अपने पिता आजम खान के साथ अब्दुला खान. (फाइल फोटो)

यूपी विधानसभा सचिवालय द्वारा राष्ट्रपति को लिखे पत्र में अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) को भ्रष्ट आचरण का दोषी करार दिए जाने पर चुनाव लड़ने से रोके जाने की संस्तुति की गई है.

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  • Last Updated: September 25, 2020, 8:16 AM IST
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लखनऊ. रामपुर (Rampur) से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान (Azam Khan) के बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. सीतापुर जेल में बंद अब्दुल्ला आजम के अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है. इस संबंध में गुरुवार को यूपी विधानसभा सचिवालय की तरफ से राष्ट्रपति (President of India) को पत्र लिखा गया है. अब भारत निर्वाचन आयोग से सहमति लेकर उनके चुनाव लड़ने पर रोक का आदेश जारी हो सकता है.

राष्ट्रपति को लिखे पत्र में अब्दुल्ला आजम को भ्रष्ट आचरण का दोषी करार दिए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 8-क के तहत चुनाव लड़ने से रोके जाने की संस्तुति की गई है. इस पत्र पर अब राष्ट्रपति भारत निर्वाचन आयोग से सहमति प्राप्त करके चुनाव लड़ने से रोकने का आदेश जारी करेंगे. पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश की रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम खान द्वारा अपनी जन्मतिथि गलत दर्शाने के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनको भ्रष्ट आचरण का दोषी माना है. इसी कारण अब्दुल्ला की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी.

2018 में निर्वाचन अवैध
बता दें कि अब्दुला आजम 2017 में स्वार सीट से विधायक चुने गए थे. उस समय उनकी उम्र 25 साल नहीं थी. वह फर्जी जन्मतिथि के आधार पर चुनाव लड़ने और जीतने का आरोप था. आरोप सही पाए जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में उनके निर्वाचन को अवैध ठहराया था. विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता खारिज करने की अधिसूचना जारी कर दी थी.
पिता और मां के साथ सीतापुर जेल में बंद


अब्दुल्ला इन दिनों पिता आजम खान और मां तजीन फातिमा के साथ सीतापुर जेल में बंद हैं. उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगी तो रामपुर की स्वार सीट पर उनके फिर से उपचुनाव लड़ने का रास्ता बंद हो जाएगा. सियासी हलकों में ऐसी अटकलें थी कि समाजवादी पार्टी अब्दुल्ला को फिर से स्वार से चुनाव लड़ा सकती है. जमानत नहीं मिलने पर वह जेल से भी चुनाव लड़ सकते थे.

नवेद मियां ने की थी अपील
बता दें कि रामपुर जिले के पूर्व विधायक नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अब्दुल्ला आजम खान के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा था. इसमें अब्दुल्ला को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किये जाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-8(1) का उल्लेख किया गया है. पत्र पर विधानसभा सचिवालय द्वारा विधि विभाग की राय ली गई, जिसमें अब्दुल्ला आजम को चुनाव से रोके जाने की संस्तुति की गई.
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