Babri Demolition Case: बाबरी विध्वंस मामले में फैसला आज, 49 अभियुक्तों में से 17 का हो चुका है देहांत

बाबरी केस में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित कई दिग्गज नेता अभियुूक्त हैं. (File Photo)
बाबरी केस में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित कई दिग्गज नेता अभियुूक्त हैं. (File Photo)

Babri Demolition Case: वर्ष 1992 के बाबरी विध्वंस केस में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा और महंत नृत्य गोपाल दास सहित कुल 32 अभियुक्तों पर फैसला सुनाया जाएगा.

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लखनऊ. बाबरी विध्वंस मामले (Babri Demolition Case) में 30 सितंबर 2020 दिन को सीबीआई (CBI) के विशेष न्यायाधीश अयोध्या प्रकरण लखनऊ अपना निर्णय सुनाएंगे. सेशन ट्रायल नंबर 344/1994, 423/2017 और 796/2019 सरकार बनाम पवन कुमार पांडे एवं अन्य उपरोक्त मामले में सभी पक्षों की सुनवाई 16 सितंबर को समाप्त हुई थी. उसके बाद सुरेंद्र कुमार यादव, पीठासीन अधिकारी, विशेष न्यायालय, अयोध्या प्रकरण लखनऊ ने 30 सितंबर 2020 को निर्णय देने के लिए तिथि निर्धारित की थी. बाबरी विध्वंस मामले में 49 कुल अभियुक्त थे, जिसमें 32 वर्तमान में जीवित हैं और 17 का देहांत हो चुका है.

बाबरी मस्जिद केस में ये हैं 32 अभियुक्त

लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर.




इन 17 आरोपियों का हो चुका है निधन

सीबीआई की तरफ से बनाए गए 49 आरोपियों में से अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, बैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, तत्कालीन एसएसपी डीबी राय, रमेश प्रताप सिंह, महात्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास और विनोद कुमार बंसल का निधन हो चुका है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेजी से शुरू हुई सुनवाई

गौरतलब है 19 अप्रैल 2017 को  उच्चतम न्यायालय ने सभी केस स्पेशल कोर्ट, लखनऊ अयोध्या प्रकरण को निस्तारित करने का निर्देश दिया और कहा कि 2 वर्ष के अंदर ट्रायल समाप्त किया जाए. 21 मई 2017 को स्पेशल सीबीआई कोर्ट अयोध्या प्रकरण में दिन-प्रतिदिन उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुक्रम में सुनवाई प्रारंभ की. 8 मई 2020 को उच्चतम न्यायालय ने निर्देशित किया कि यह ट्रायल 3 माह में समाप्त हो जाए और 31 अगस्त 2020 की तारीख नियत की. लेकिन ट्रायल समाप्त न होने पर पुनः लॉकडाउन को देखते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय ने 30 सितंबर के आखरी तारीख ट्रायल समाप्त करने की निश्चित की. 1 सितंबर को दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हुई और 16 सितंबर को स्पेशल जज ने 30 सितंबर 2020 को जजमेंट की तारीख निश्चित की.
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