#BharatBandh: कांग्रेस के भारत बंद पर बसपा रही खामोश तो सपा ने जारी किया ये लेटर

कांग्रेस के इस भारत बंद पर महागठबंधन की तैयारी में लगी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पूरी तरह से खामोश है.

नासिर हुसैन
Updated: September 10, 2018, 3:18 PM IST
#BharatBandh: कांग्रेस के भारत बंद पर बसपा रही खामोश तो सपा ने जारी किया ये लेटर
फाइल फोटो- मायावती-सोनिया गांधी.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन
Updated: September 10, 2018, 3:18 PM IST
महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के मुद्दे पर कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद किया. सुबह से ही राहुल गांधी और दूसरी पार्टियों के नेता रामलीला मैदान पर बैठे हुए हैं. लेकिन कांग्रेस के इस भारत बंद पर महागठबंधन की तैयारी में लगी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पूरी तरह से खामोश है.

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए एक पत्र जारी कर कुछ दूसरे तरीके से विरोध-प्रदर्शन का फरमान जारी किया है. इसके लिए सपा ने आज लखनऊ में होने वाली सभी जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और महासचिवों की बैठक को निरस्त कर दिया है.

कांग्रेस का भारत बंद पूर्व प्रस्तावित था. इसके लिए कई दिन से तैयारियां चल रहीं थी. लेकिन इस दौरान सपा-बसपा की ओर से भारत बंद के संबंध में कोई बयान नहीं आया. आज सुबह रामलीला मैदान में भी सपा-बसपा की ओर से कोई नेता नहीं पहुंचा है.

सपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी किया गया लैटर.


कांग्रेस के भारत बंद को समर्थन देने के संबंध में जब न्यूज18 हिन्दी ने बसपा के प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया से बात करनी चाही तो उन्होंने इस पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से साफ इंकार कर दिया. उनका कहना था कि इस बारे में कोई भी प्रतिक्रिया हमारे वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा देंगे.

भारत बंद के दौरान सपा कहां खड़ी है, जब ये जानने की कोशिश की गई तो पड़ताल में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बना एक लैटर सामने आया. ये लैटर सपा के यूपी प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की ओर से लिखा गया है. लैटर यूपी में सपा के सभी जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को भेजा गया है. साथ ही सपा के प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव सहित दूसरे महासचिव को भी भेजा गया है.

पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि 10 सितम्बर को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर होने वाली बैठक निरस्त की जाती है. वहीं 10 सितम्बर को तहसील मुख्यालयों पर महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, छात्रों, शिक्षकों और किसानों की समस्याओं के लिए धरना दिया जाएगा.

वहीं सपा-बसपा के इस कदम पर राजनीति के जानकार प्रोफेसर मोहम्मद अरशद, डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्वालय, आगरा का कहना है कि जो आज सपा-बसपा का वोटर है वो कभी न कभी कांग्रेस का वोटर रहा है. इस वोटर की कहीं पुराने घर में वापसी न हो जाए इसलिए दोनों पार्टी कांग्रेस से दूरी बनाकर चल रही हैं. वहीं इसके साथ वह कांग्रेस को ये भी दिखाना चाहते हैं कि यूपी में आपका कोई वजूद नहीं है.
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