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बड़ी चुनौती! अब अखिलेश किस आधार पर करेंगे राजनीति?

बड़ी चुनौती! अब अखिलेश किस आधार पर करेंगे राजनीति?

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की फाइल फोटो

एक के बाद एक आरोप लगाकर अखिलेश को घेर रही मायावती से सपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अब अखिलेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उनके राजनीति किस डगर पर चलेगी.

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गठबंधन तोड़ने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती एक के बाद एक झटका सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दे रही हैं. रविवार को बसपा की आल इंडिया पार्टी मीटिंग के बाद मायावती ने अखिलेश यादव पर मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप लगा दिया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने मुस्लिमों को टिकट न देने की बात कही थी. उनका कहना था कि अखिलेश ने कहा कि मुस्लिमों को टिकट देने से वोटों के ध्रुवीकरण की संभावना है, जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है.

सपा को बताया दलित विरोधी

इतना ही नहीं मायावती ने गठबंधन तोड़ने का ठीकरा भी अखिलेश यादव पर ही फोड़ा. उन्होंने कहा कि 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरूद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया. मतलब मायावती ने इशारों ही इशारों में यह कह दिया कि अखिलेश के नेतृत्व में चली सपा सरकार दलित विरोधी थी, जिसकी वजह से गठबंधन को फायदा नहीं मिला. एक के बाद एक आरोप लगाकर अखिलेश को घेर रही मायावती से सपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अब अखिलेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उनके राजनीति किस डगर पर चलेगी.

अखिलेश के सामने कई चुनौती

वरिष्ठ पत्रकार और यूपी की राजनीति के करीब से जानने वाले रतनमणि लाल कहते हैं, "मायावती की आवाज मायने रखती है, क्योंकि वे जोर-जोर से बोल रही हैं कि अखिलेश दलितों को भी अपने साथ नहीं रख पाए और मुस्लिमों को भी नहीं संभाल पाए तो सपा के साथ जाना बेकार है. लिहाजा अब अखिलेश के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं, जिनसे उन्हें निपटना होगा."

रतनमणि लाल कहते हैं "अब या तो अखिलेश मायावती के बातों को चैलेंज करें और उसे ख़ारिज करें. उसके बाद अपने लिए जमीन तलाशें. ऐसा करना आसान नहीं है. अखिलेश के सामने बीजेपी का चैलेंज तो था ही अब बसपा और कांग्रेस की चुनौती भी मुंह बाए खड़ी है. साथ ही खुद के लिए जमीन तलाशना सबसे बड़ी चुनौती है. वे कहते हैं कि इसकी मुख्य वजह ये है कि समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को हराने के लिए सभी विकल्प इस्तेमाल कर लिए. अखिलेश ने कांग्रेस से भी गठबंधन किया और बसपाव रालोद से भी. दोनों ही फैसले नाकामयाब रहे. अब अखिलेश की राजनीति किस आधार पर और किस दिशा में जाएगी, ये देखना महत्वपूर्ण है.

अखिलेश की चुप्पी गलत संदेश

रतनमणि लाल कहते हैं कि 2012 से यूपी में मिल रही शिकस्त के बावजूद मायावती यह दावा करती रही हैं कि दलित वोट आज भी उनके साथ खड़ा है. इस बार के लोकसभा चुनाव में बसपा को मुस्लिमों का भी साथ मिला है. मुसलमान अब तक सपा का बेस वोट माना जाता रहा है. मायावती इसे बा बसपा के बेस वोट में शामिल होने का संदेश भी देना चाहती हैं. अब अखिलेश के सामने  चुनौती यह भी है कि वे इस आरोपों का खंडन करें. अगर वे ऐसा नहीं करते तो मुसलामानों में गलत संदेश जाएगा. यह सपा के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि वह अब तक मुस्लिम वोट की राजनीति करती रही है. लेकिन मायावती को लगता है कि उनका अरसों पुराना खवाब पूरा हो सकता है. वे मुसलमानों को बसपा से जोड़ सकती हैं और यह दिखाने की कोशिश करती नजर आएंगी कि बीजेपी को रोकने के लिए वही एक विकल्प हैं.

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बारिश भी नहीं रोक सकेगी बोर्ड एग्जाम, UP में स्कूल-कॉलेज बंद लेकिन देनी होंगी ये परीक्षा

बारिश भी नहीं रोक सकेगी बोर्ड एग्जाम, UP में स्कूल-कॉलेज बंद लेकिन देनी होंगी ये परीक्षा

UP Exam Alert: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते सरकार ने आगामी दो दिनों के लिए प्राइमरी स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक बंद रखने के आदेश दिए हैं लेकिन अंक सुधार के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के एग्जाम यथावत संचालित होंगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 22:59 IST
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लखनऊ. एक तरफ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद शासन ने दो दिनों के लिए प्राइमरी स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक सभी शिक्षण संस्‍थान बंद रखने का आदेश दिया है. वहीं दूसरी तरफ माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक और आदेश जारी करते हुए जानकारी दी है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंक सुधार के लिए होने वाली बोर्ड परीक्षा यथावत संचालित की जाएगी. परीक्षा निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर ही पूर्व कार्यक्रम के अनुसार 18 सितंबर को आयोजित होगी.
माध्यमिक शिक्षा की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अंक सुधार के लिए आयोजित की जाने वाली 2021 बोर्ड परीक्षा पूरी सावधानी के साथ होंगी.

सीएम ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के को देखते हुए सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्यों पर नजर रखने के लिए भी कहा है. इसके साथ ही अगले 02 दिन, 17 व 18 सितम्बर को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने का निर्देश दिया गया है.

नुकसान का आंकलन हो
सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए. इसके साथ ही जल जमाव की स्थिति में पानी को निकालने की प्राथमिकता पर व्यवस्‍था करवाई जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी अपने क्षेत्र में बारिश के चलते हुए नुकसान का सही सही आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

UP B.Ed Counselling 2021 : कल से शुरू होगी यूपी बीएड की काउंसलिंग, रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स

UP B.Ed Counselling 2021 : कल से शुरू होगी यूपी बीएड की काउंसलिंग, रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स

UP B.Ed Counselling 2021 : यूपी बीएड की कांउसलिंग तीन चरणों में होगी. इसमें पहला चरण मुख्य काउंसलिंग का होगा. जो कि चार फेज में होगा. इसके बाद पूल काउंसलिंग होगी. इसके बाद रिक्त रह गईं सीटों पर सीधे एडमिशन लिए जा सकेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 22:19 IST
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नई दिल्ली. UP B.Ed Counselling 2021 : उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2021 के लिए कल यानी 17 सितंबर से ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू हो रही है. पहले राउंड की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 17 से 21 सितंबर तक होगा. रजिस्ट्रेशन के आखिरी दिन यानी 21 सितंबर को ही विकल्प चुनने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. पहले राउंड की काउंसलिंग के लिए 75 हजार रैंक तक के अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. काउंसलिंग के लिए शिक्षण संस्थानों के विवरण और प्रवेश प्रक्रिया की पूरी जानकारी के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.lkouniv.ac.in पर विजिट कर सकते हैं.

ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी. ये चरण हैं- मुख्य काउंसलिंग, पूल काउंसलिंग और सीधे प्रवेश. मुख्य काउंसलिंग के बाद एक राउंड पूल काउंसलिंग का होगा. इसके बाद यदि सीटें रिक्त रहती हैं तो कॉलेजों को उन पर सीधे प्रवेश लेने की छूट होगी. यूपी बीएड की प्रवेश प्रक्रिया में 16 राज्य विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आने वाले ले 2479 राजकीय, सहायता प्राप्त महाविद्यालय, स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शामिल हैं.

दो लाख से अधिक सीटों पर होगे एडमिशन 

बीएड की कुल 2,35,310 सीटें हैं. इसमें से 7830 सीटें विश्वविद्यालयों और राजकीय या सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में हैं. जबकि 2,27,480 सीटें स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में हैं. इसके अलावा प्रत्येक महाविद्यालय में 10 प्रतशित अतिरिक्त सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए होंगी. हालांकि, इडब्लूएस के लिए अतिरिक्त सीटें अल्पसंख्यक संस्थानों में नहीं होंगी.

यूपी बीएड काउंसलिंग 2021 के लिए जरूरी होंगे ये डॉक्यूमेंट्स

बीएड प्रवेश परीक्षा का स्कोर कार्ड
प्रोविजनल अलॉटमेंट कम कन्फर्मेशन लेटर, यह लखनऊ विवि के पोर्टल पर मिलेगा
आवेदन फॉर्म की एक कॉपी, एडमिट कार्ड
जन्म तिथि प्रमाण पत्र के लिए 10वीं की मार्कशीट
सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
इसके साथ जाति, आय और निवास आदि प्रमाण पत्र

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देखिये कैसे यह महिलाएं सवार रही है गरीब बच्चों का भविष्य

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संस्था की अध्यक्ष कल्पना वार्ष्णेय की माने तो जब नवरात्र में मां भगवती के दर्शन करने गई थी. तब उन्हें प्रेरणा मिली कि वह जो गरीब बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं उन सभी को शिक्षित कर उनके भविष्य को संवार सकें. इसके लिए उन्हें कार्य करना चाहिए. संस्था की अध्यक्ष ने लोकल 18 की टीम को बताया कि बच्चों को शैक्षिक सामग्री भी वह अपने माध्यम से ही उपलब्ध कराती है.

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गरीब से गरीब बच्चों को शिक्षा मिले सभी के भविष्य सुधरे इस बात की प्रेरणा 9 महिलाओं को नवरात्रों के दिन मां भगवती के दर्शन करने के बाद मिली. जी हां गरीब मलिन बस्तियों में बच्चों को शिक्षित करने के लिए रूबरू हुई एक्सप्रेस सामाजिक सेवा संस्था की संचालिका प्रतिदिन कार्य में लगी हुई है. संस्था की अध्यक्ष कल्पना वार्ष्णेय की माने तो जब नवरात्र में मां भगवती के दर्शन करने गई थी. तब उन्हें प्रेरणा मिली कि वह जो गरीब बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं उन सभी को शिक्षित कर उनके भविष्य को संवार सकें. इसके लिए उन्हें कार्य करना चाहिए. संस्था की अध्यक्ष ने लोकल 18 की टीम को बताया कि बच्चों को शैक्षिक सामग्री भी वह अपने माध्यम से ही उपलब्ध कराती है. इतना ही नहीं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का भी आयोजन कर मलिन बस्तियों के बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहीं हैं. जिससे कि बच्चों की प्रतिभा को भी निखारा जा सके.साथ ही आगे चल के बच्चें प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर स्वावलंबी बन सफलता प्राप्त करें.

लखनऊ बुलेटिन : एसी इलेक्ट्रिक बस सुविधा का लुफ्त उठाने के लिए अब देना होगा साधारण किराया

लखनऊ बुलेटिन : एसी इलेक्ट्रिक बस सुविधा का लुफ्त उठाने के लिए अब देना होगा साधारण किराया

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1. लखनऊ – कानपुर समेत यूपी के 11 जिलों में साधारण किराए पर लोगों को अब मिलेगी एसी इलेक्ट्रिक बस की सुविधा. रोज सफर करने वाले यात्रियों से साधारण बसों के बराबर इलेक्ट्रिक एसी बसों में किराया लिया जाएगा. उत्तर प्रदेश के 13 शहरों में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जानी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कराने की योजना बनाई जा रही है.

2. लखनऊ के अवध चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए तैयार की जाएगी फ्री लेफ्ट लेन. अगर कोई इस लेफ्ट फ्री लेन में आया भी तो उसे लंबा चक्कर काटकर वापस चौराहे से ही गुजरना होगा. लेन इस तरह तैयार होंगी कि सीधे जाने वाले ट्रैफिक के वाहन इसमें जबरन न घुस सकें. करीब एक लाख वाहन इस चौराहे से पूरे दिन में गुजरते हैं. जागरूकता के लिए साइनेज भी लगाए जाएंगे ताकि लेफ्ट फ्री लेन में गलत दिशा के वाहन न घुसें. चौराहे पर यातायात सुगम करने के लिए यहां से ठेले-खोमचे और ई-रिक्शा भी हटाए जाएंगे.

3. रेलवे ने लखनऊ-कानपुर समेत अन्य जिलों के लिए एमएसटी की सुविधा को फिर से बहाल कर दिया है. रेल मंत्रालय ने कुछ अन्य जोनल रेलवे को देख कर उत्तर रेलवे ने भी कुछ ट्रेनों में मंथली पास या एमएसटी को मान्य कर दिया है.उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ल के अनुसार पांच पैसेंजर ट्रेनों के लिए एमएसटी (MST) बनने की सुविधा शुरू हो चुकी है.

4. लखनऊ मंडल से चलने वाली दिल्ली, मुंबई समेत अन्य शहरों की ट्रेनों में सस्ता होगा थर्ड एसी का सफर.रेलवे ने ट्रेनों में दो एसी थर्ड इकोनॉमी क्लास की बोगियां लगाने का आदेश दिया है. यात्री अपना एडवांस रिजर्वेशन कराते समय अब एसी थर्ड इकोनॉमी का विकल्प चुन सकते हैं.

5. लखनऊ विश्वविद्यालय ने पहली बार एनआईआरएफ रैंकिंग 2021 में अपनी जगह बनाई.केंद्र सरकार द्वारा जारी एनआईआरएफ (National Institutional Ranking Framework) रैंकिंग में लखनऊ विश्वविद्यालय को 150-200 के रैंक में रखा गया है. लखनऊ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय है जिसने शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित रैंकिंग में स्थान हासिल किया है.

लखनऊ बुलेटिन : यह लापरवाही ना बढ़ा दे बीमारी का कहर

लखनऊ बुलेटिन : यह लापरवाही ना बढ़ा दे बीमारी का कहर

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1.जानकीपुरम स्तिथ इंजीनियरिंग कॉलेज के पास जलभराव और कूड़े के ढेर की समस्या पिछले 1 महीने से बरकरार है.तो वही स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद भी नगर निगम यहां की सुध नहीं ले रहा है. एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर डेंगू की जांच कर रहा है वही प्रदेश की राजधानी के कई इलाकों में गंदगी और जलभराव से बुरा हाल है.

2. मेयर के आदेश, फैजूल्लागंज के मकानों से जमा पानी निकलवाया जाए.लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया की अध्यक्षता में आयोजित लोक शिकायत निवारण दिवस में फैजुल्लागंज के निवासियों ने समस्याएं रखीं.तो महापौर ने तुरंत नगर निगम को निर्देश दिया कि प्लॉटों से पानी निकलवा कर एंटी लार्वा का छिड़काव कराएं जाने के निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए.

3. लखनऊ-अयोध्या रोड पर स्थित, तीन फ्लाईओवरों पर नवम्बर तक स्ट्रीट लाइट लगाई जायेगी. लखनऊ-अयोध्या रोड पर स्थित, तीन फ्लाईओवरों को लगभग 5 किमी की दूरी पर लगभग 400 पोल मिलेंगे. जुलाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तीन फ्लाईओवर- कामता, चिनहट और मटियारी पर स्ट्रीट लाइट लगाने का फैसला सुनाया था.जिसके चलते अब प्रशानिक अधिकारी मसौदा तैयार कर रहें हैं.

Lucknow को पहले बारिश ने डूबोया, अब नई परेशानी, Videos से फैल रही सोशल मीडिया पर अफवाहें

Lucknow को पहले बारिश ने डूबोया, अब नई परेशानी, Videos से फैल रही सोशल मीडिया पर अफवाहें

Fake Videos of Hailstorm: लखनऊ में अब बारिश के बीच कुछ लोगों ने ओले गिरने के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने शुरू कर दिए हैं. ये सभी वीडियोज फेक हैं और मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल की स्थितियों में भारी बारिश की संभावन है लेकिन ओले गिरने की कोई संभावना नहीं है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मौसम की मार दो दिनों से लोगों को परेशान किए थी. खासकर राजधानी लखनऊ में बारिश कहर बनकर बरपी और दो मासूमों की जान ले ली. अब हालात ये हैं कि लोग बारिश से बचने में लगे थे कि अब एक नई परेशानी ने लोगों को घेर लिया है. राजधानी में गुरुवार को लगातार हो रही बारिश के बीच अब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ओले गिरने के वीडियो पोस्ट करने शुरू कर दिए हैं. इन वीडियो में हजरतगंज और लालबाघ इलाके में ओले गिरने को लेकर कुछ पुराने वीडियो वाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाले जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि अब ओले गिरने के कारण गाड़ियों और घरों को नुकसान हो रहा है और लोग घायल हो रहे हैं. लेकिन ये सभी वीडियो फेक हैं और इनमें सत्यता नहीं है. लखनऊ में तेज बारिश जरूर हुई है लेकिन ओले नहीं गिरे हैं.

ओले गिरने की संभावना कम
वहीं इस पर मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल की स्थितियों को देखते हुए तेज बारिश होने की अगले 24 घंटे में संभावना है लेकिन ओले गिरने की संभावना न के बराबर है. मौसम ‌विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल हवा के दबाव और बादलों की स्थिति को देखते हुए ये साफ है कि ओले गिरने की स्थितियां अभी नहीं बनी हैं. ऐसे में लोगों को अतिवृष्टि के लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन ओलों का खतरा नहीं है.

रिकॉर्ड तोड़ने पर तुली बारिश
राजधानी में गुरुवार सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश लखनऊ में दर्ज की गई है. जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी.

पूरे UP में बारिश का कहर, अब 2 दिनों तक प्राइमरी स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक सब बंद

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Heavy rainfall in UP: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद अब सरकार ने शैक्षणिक संस्‍थानों को दो दिनों के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है. मौसम विभाग ने भी राजधानी सहित कई इलाकों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने अब परेशानी का सबब खड़ा कर दिया है. मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके बाद अब सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए दो दिनों के लिए प्राइमरी से लेकर यूनिवर्सिटी तक सभी शिक्षण संस्‍थानों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. अब सभी शिक्षण संस्‍थान सोमवार को खुलेंगे. गौरतलब है कि लखनऊ समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं राजधानी में बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी लगातार होती रही. ऐसे में पूरे शहर में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है.

सीएम ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के को देखते हुए सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्यों पर नजर रखने के लिए भी कहा है. इसके साथ ही अगले 02 दिन, 17 व 18 सितम्बर को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने का निर्देश दिया गया है.

नुकसान का आंकलन हो
सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए. इसके साथ ही जल जमाव की स्थिति में पानी को निकालने की प्राथमिकता पर व्यवस्‍था करवाई जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी अपने क्षेत्र में बारिश के चलते हुए नुकसान का सही सही आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

टूट सकता है रिकॉर्ड
गौरतलब है कि राजधानी में गुरुवार सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश लखनऊ में दर्ज की गई है. जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी.

Social Media पर ट्रेंड हुआ Lucknow Rains, वीडियो-फोटो पोस्ट कर लोग बता रहे हालात

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Heavy Rains in Lucknow: लखनऊ में बुधवार से लगातार हो रही बारिश ने अब हालात बद से बदतर कर दिए हैं. ऐसे में अब लोग राजधानी के खराब होते नजारों के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 20:45 IST
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लखनऊ. लखनऊ में बुधवार से लगातार हो रही बारिश ने राजधानी के हाल खराब कर दिए हैं. हर तरफ भरा पानी, घरों की टूटी दीवारें और गिरे हुए पेड़ हालात को सही से बयां कर रहे हैं. घरों और दुकानों में पानी भर गया है, लोग परेशान हैं. वहीं बारिश से पहले जलभराव न होने की बात को लेकर किए गए नगर निगम के दावों की भी पोल खुलती नजर आ रही है. हालात ये हैं कि नगर निगम के दफ्तर में ही पानी भर गया है जिसे निकालने की मशक्कत की जा रही है.

वहीं अब लखनऊ में हुई भारी बारिश सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. बड़ी संख्या में लखनऊ निवासी सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट कर के बता रहे हैं कि बारिश के बाद राजधानी के क्या हाल हैं. ऐसे में कुछ वीडियो वायरल हो गए हैं. वहीं कुछ फोटोज को भी काफी लाइक और शेयर किया जा रहा है.

दिखा बुरा हाल
फोटोज और वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि राजधानी में लोगों का कितना बुरा हाल है. कई इलाकों में पानी इतना भर गया है कि लोग उसमें तैरते दिख रहे हैं. वहीं पेड़ाें के गिरने के कारण कई वाहन और बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जिसके चलते कई इलाकों में बिजली नहीं आ रही है. कई दुकानों और घरों में पानी भर जाने के कारण लोग परेशान हैं.

दो मासूमों की मौत
वहीं बारिश के बाद गड्ढे में भरे पानी में डूब जाने के कारण दो मासूमों की भी मौत हो गई. दोनों अपने घर से सुबह निकले थे लेकिन दिन तक नहीं लौटने पर परिजन ने तलाश शुरू की और पुलिस से संपर्क किया गया. बाद में दोनों मासूमों के शव पानी में तैरते हुए मिले.

रिकॉर्ड तोड़ने पर आई बारिश
राजधानी में गुरुवार सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश लखनऊ में दर्ज की गई है. जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी.

लगातार जारी है बारिश
राजधानी में बुधवार से ही भारी बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी है. लखनऊ में इस सीजन में हुई सबसे ज्यादा बारिश के रिकॉर्ड की बराबरी तो हो चुकी है. अब नये रिकॉर्ड बनने बाकी हैं. रात में बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो शुक्रवार की सुबह नया रिकॉर्ड बनेगा. ऐसा लग रहा है कि शुक्रवार की सुबह होते-होते 2012 में हुई बारिश का रिकॉर्ड टूट जाएगा. यदि शुक्रवार की सुबह तक मात्र 23 मिलीमीटर बारिश भी हुई तो 9 सालों का रिकॉर्ड टूट जाएगा. इस बात की भी आशंका बढ़ गई है कि कहीं बारिश ऑल टाइम रिकॉर्ड न बना दे.

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उत्तर प्रदेश के 25 पीसीएस अफसर प्रमोट होकर आईएएस बना दिए गए. पीसीएस की आईएएस संवर्ग में पदोन्नति आज दिल्ली में संपन्न गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के 25 पीसीएस अफसर प्रमोट होकर आईएएस बना दिए गए. पीसीएस की आईएएस संवर्ग में पदोन्नति आज दिल्ली में संपन्न गई है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह, अवनीश अवस्थी, अपर पुलिस महानिदेशक कार्मिक सहित आला अफसर दिल्ली में मौजूद रहे.

IAS प्रमोट होने वाले अफसर

PCS से IAS में प्रमोट हुए अफसरों में पवन गंगवार, धनंजय शुक्ला, ब्रजेश कुमार, ऋषिकेश चौरसिया, महेंद्र सिंह, श्याम बहादुर सिंह, रवींद्र पाल सिंह, अनिल कुमार, अशोक कुमार, महेंद्र प्रसाद, गौरव वर्मा, रजनीश चंद्रा, मनोज राय, निधि श्रीवास्तव, खेमपाल सिंह, संजय चौहान, सुनील चौधरी, संतोष शर्मा, अरुण कुमार, समीर, वंदना त्रिपाठी, अर्चना गहरवार, कुमार विनीत, विशाल सिंह और कपिल सिंह हैं.

1992 बैच के 12 पीपीएस अफसर बने IPS

इससे पहले गुरुवार को ही उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में तैनात 1992 बैच के 12 पीपीएस अफसरों (12 PPS Officers) की आईपीएस (IPS) संवर्ग में पदोन्नति की डीपीसी आज दिल्ली में संपन्न हुई थी. डीपीसी के दौरान 1992 बैच के पीपीएस अफसरों को आईपीएस में प्रमोशन मिल गया है.

ये अफसर बने IPS

इन अफसरों में राजेश द्विवेदी, राजेश कुमार श्रीवास्तव, जय प्रकाश सिंह, दिनेश त्रिपाठी, त्रिभुवन सिंह के नाम शामिल हैं. इनके अलावा शशिकांत, रामसेवक गौतम, अजीत कुमार सिन्हा, अवधेश सिंह, पंकज कुमार पांडे, श्रवण कुमार सिंह और सदानंद सिंह यादव पीपीएस से आईपीएस प्रमोट हो गए हैं.

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UPPSC Polytechnic Recruitment : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा नियमावली में संशोधन करने के कारण तीन साल पहले जारी किया गया भर्ती विज्ञापन रद्द कर दिया था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 20:14 IST
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नई दिल्ली. UPPSC Polytechnic Recruitment : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के अंगर्गत राजकीय पालिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट और लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती के लिए संशोधित विज्ञापन जारी किया है. इसके तहत 1370 पदों पर भर्ती की जानी है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है. आयोग ने संशोधित भर्ती विज्ञापन में पदों की संख्या 1261 से बढ़ाकर 1370 कर दिया है. इस भर्ती का विज्ञापन 2017-18 में जब जारी हुआ था तो उस वक्त कुल 1261 पद ही थे. लेकिन बीच में 109 पदों का और अधियाचन आ गया. उसे भी इसी में जोड़ दिया गया है.

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने रिक्त पदों की संख्या के साथ शैक्षिक योग्यता में भी बदलाव कर दिया है. पहले लेक्चरर पद के लिए बीटेक में न्यूनतम 55% अंक होने चाहिए थे. लेकिन अब इसे 60% कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रिंसिपल पद की सैलरी में भी परिवर्तन कर दिया गया है. पहले यह 78800 रुपये प्रतिमाह थी. लेकिन अब इसे एक लाख 31 हजारा रुपये कर दिया गया है.

क्यों रद्द हो गया था विज्ञापन

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा इन पदों पर भर्ती की नियमावली में संशोधन करने के कारण आयोग ने इसकी विज्ञप्ति सात सितंबर 2021 को रद्द कर दी थी. नई विज्ञप्ति के अनुसार, प्रिंसिपल के 13 पद, लेक्चरर के 1254 पद, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट के 16 व लाइब्रेरियन के 87 पद हैं.

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