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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के लिए आसान नहीं राहें, 'जातिगत फार्मूले' को फिट करना है चुनौती

UP कांग्रेस के नए अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के लिए राहें आसान नहीं

UP कांग्रेस के नए अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के लिए राहें आसान नहीं

UP Political News: कांग्रेस ने पूर्व राज्यसभा सदस्य रहे बृजलाल खाबरी को यूपी का अध्यक्ष बनाया है. बसपा से आये बृजलाल के ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

यूपी कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व गठन में जातिगत फार्मूले की छाप
बृजलाल के जरिये कांग्रेस ने दलित समाज को साधने की कोशिश की

लखनऊ. देश और प्रदेश की सत्ता से दूर कांग्रेस बार-बार अपनी रणनीति बदल रही है. बावजूद इसके एक के बाद एक वह चुनाव हार रही है. पंजाब में जहां विधानसभा चुनाव में दलित चेहरे को आगे किया, वहीं यूपी विधानसभा में 40 फीसद महिलाओं को टिकट देने की चाल चली. लेकिन, चुनावी परिणाम ने उसे बैकफुट पर ला दिया. उधर, शनिवार को यूपी कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व गठन में जातिगत फार्मूले की छाप देखने को मिली. ऐसे में कांग्रेस का यह निर्णय कितना कारगर साबित होगा, यह वक्त ही बताएगा. उधर, राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो कांग्रेस के लिए यूपी की सियासी जमीन  पर जातिगत फार्मूला फिट कर पाना उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

कांग्रेस ने पूर्व राज्यसभा सदस्य रहे बृजलाल खाबरी को यूपी का अध्यक्ष बनाया है. बसपा से आये बृजलाल के जरिये कांग्रेस ने दलित समाज को साधने की कोशिश की है. वहीं 6 प्रांतीय अध्यक्षों में दो ब्राह्मण, एक मुस्लिम, एक भूमिहार और एक-एक कुर्मी व यादव बिरादरी से हैं. ऐसे में नए बने प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी, पूर्व विधायक व मंत्री अजय राय, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, फरेंदा विधायक विरेंद्र चौधरी,  पार्टी के पदाधिकारी रहे अनिल यादव और योगेश दीक्षित अपने समाज में पार्टी को कितना मजबूत कर पाते हैं, यह वक्त ही बताएगा.

जिलों में प्रभावी चेहरों का अभाव
कांग्रेस ने 90 के दशक के बाद किसी दलित नेता को प्रदेश का सर्वोच्च पद देकर दलित समाज को संदेश देने का काम किया है. वहीं 80 के दशक तक के चुनावों में ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित मतदाताओं ने कांग्रेस का साथ निभाया. इसके बाद यह वोटर कांग्रेस से छिटकते गए. नए प्रांतीय अध्यक्षों का मनोनयन पुराने समीकरणों को साधने की कवायद ही कही जाएगी. मगर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यूपी की मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस को अपना जनाधार बढ़ाने के लिए कठिन मेहनत करनी होगी. उसके पास जिलों और मंडलों पर प्रभावी चहेरों की कमी है. शीर्ष नेतृत्व में कुछ चेहरों को आगे कर जमीनी हालात को बदलना मुश्किल होगा.

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क्या कहते हैं कांग्रेस प्रवक्ता
यूपी कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी के मुताबिक कांग्रेस में समाज के सभी वर्ग का प्रतिनिधित्व मिलता है.  हम भाजपा की तरह नहीं जो सिर्फ संघ के लोगों को ही आगे बढ़ाते हैं. जिस तरह कांग्रेस पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में समाज के प्रभावशाली चेहरों को नेतृत्व सौंपा गया, उसी तरह जिलों और मंडलों पर भी मजबूत नेतृत्व खड़ा किया जाएगा.

Tags: Congress, Lucknow news, UP latest news

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