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COVID-19: बजट को लेकर योगी सरकार के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौती?
Lucknow News in Hindi

MANISH KUMAR | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 24, 2020, 9:28 AM IST
COVID-19: बजट को लेकर योगी सरकार के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौती?
बजट को लेकर योगी सरकार के सामने खड़ी हुई सबसे बड़ी चुनौती (file photo)

बता दें कि 31 मार्च तक जो पैसा ट्रेजरी से भुगतान हो जाएगा उसी का मतलब होगा. विभागों से पैसा सैंक्शन होने और ट्रेजरी में बिल भेजने के बावजूद यदि ट्रेजरी से पैसा रिलीज नहीं होता तो उसे लैप्स माना जाता है.

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लखनऊ. कोरोना वायरस (Coronavirus) को थर्ड स्टेज में पहुंचने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 16 जिलों को लॉकडाउन कर दिया है. इस लॉकडाउन से जहां पूरा जनजीवन ठप है वहीं दूसरी ओर सरकारी कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मार्च के महीने में हुए लॉकडाउन से सरकारी योजनाओं के लिए जारी होने वाले पैसों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. दरअसल 31 मार्च को मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म हो जाएगा. लेकिन लॉकडाउन की वजह से यह बड़ा सवाल पैदा हो गया है कि जिन विभागों का बजट अभी तक पूरा खर्च नहीं हुआ है और जिनके सामने 31 मार्च तक बजट को सैंक्शन करने का दबाव है. आखिर वह कैसे हो पाएगा.

31 मार्च तक जो भी पैसा रिलीज नहीं होगा चाहे वह केंद्र का पैसा हो या फिर राज्य सरकार का अंश हो, 31 मार्च तक रिलीज न होने की सूरत में वह पैसा लैप्स हो जाएगा. ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष में ही पैसा निकाला जा सकेगा. अब सवाल उठता है कि क्या सरकार 31 मार्च के इस बैरियर को आगे बढ़ाएगी? यानी मौजूदा वित्तीय वर्ष जो 31 मार्च को खत्म हो रहा है क्या उसे आगे बढ़ाया जाएगा. इस बारे में न्यूज 18 ने यूपी के अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल से बात की तो उन्होंने कहा कि इस तरीके का कोई भी कॉन्सेप्ट फिलहाल विचार में नहीं है. संजीव मित्तल ने बताया कि जो पैसा इस साल खर्च हो सकेगा वह खर्च हो जाएगा और जो पैसा बच जाएगा वह अगले वित्तीय वर्ष में खर्च किया जाएगा.

बता दें कि 31 मार्च तक जो पैसा ट्रेजरी से भुगतान हो जाएगा उसी का मतलब होगा. विभागों से पैसा सैंक्शन होने और ट्रेजरी में बिल भेजने के बावजूद यदि ट्रेजरी से पैसा रिलीज नहीं होता तो उसे लैप्स माना जाता है. इसी वजह से हर साल इन दिनों में देर रात तक काम करके ट्रेजरी से पैसे का भुगतान कराया जाता था लेकिन इस बार लॉकडाउन होने की वजह से ये पूरी प्रक्रिया थम सी गयी है. आपको बता दें कि हर साल मार्च के महीने में ही विभाग अपने बजट का ज्यादा हिस्सा खर्च करते थे या योजनाओं के लिए सैंक्शन करवाते थे.

बजट से जुड़े तीन महत्वपूर्ण सवाल



1.लॉक डाउन होने की वजह से पूरा व्यापार ठप है. पूरा कामकाज ठप है. ऐसे में टैक्सेस के माध्यम से सरकार को जो राजस्व की प्राप्ति होती हैं उन पर भी विराम लग गया है. यानी सरकारी खजाने में आने वाले धन पर भी गहरा असर पड़ा है. ये लगभग थम गया है.

2. धन अवमुक्त होने पर संकट

लॉकडाउन होने की वजह से बेहद जरूरी सरकारी काम ही जो आवश्यक सेवाओं में आते हैं उन्हें किया जा रहा है. ऐसे में 31 मार्च तक लंबित योजनाओं के लिए पैसा रिलीज होने को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इतने कम समय में किसी योजना के लिए निर्धारित समय अवधि 31 मार्च तक क्या पैसा आवंटित हो सकेगा ? ये संभव दिखाई नही दे रहा है.

3. इस वित्तीय वर्ष वर्ष की लंबित योजनाओं का दबाव

अगले वित्तीय वर्ष पर सरकार के सामने ये सबसे बड़ी चुनौती बनने वाला है. इस वित्तीय वर्ष में जिस योजना के लिए ज़ितना पैसा आवंटित होना था यदि वह नहीं हो सकेगा तो अगले वित्तीय वर्ष में यह पैसा आवंटित किया जाएगा. ऐसा अपर मुख्य सचिव वित्त कह चुके हैं. लेकिन ये इतना आसान मसला नहींं है. 31 मार्च को सभी विभागों का बजट शून्य हो जाएगा. ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष के लिए ज्यादा पैसा आवंटित किया जाना जरूरी होगा.

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First published: March 24, 2020, 9:28 AM IST
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