Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    UP By Election 2020: BJP ने किया 6 प्रत्याशियों का ऐलान, इस सीट पर सस्पेंस बरकरार

    BJP ने जारी की 6 प्रत्याशियों की सूची (file photo)
    BJP ने जारी की 6 प्रत्याशियों की सूची (file photo)

    उत्‍तर प्रदेश की 7 सीटों पर 3 नवंबर को उपचुनाव (By Election) होंगे और 10 नवंबर को सभी सीटों के परिणाम का ऐलान कर दिया जाएगा.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 13, 2020, 6:35 PM IST
    • Share this:
    लखनऊ. उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव (UP By Election 2020) की सरगर्मी जोरों पर है. इसी बीच मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी. बीजेपी ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और योगी सरकार में होमगार्ड कल्याण एवं नागरिक सुरक्षा विभाग मंत्री रहे चेतन चौहान की पत्नी को नौगांव सादात सीट से टिकट दिया है. वहीं उपेंद्र पासवान को घाटमपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. जबकि उन्नाव के बांगरमऊ सीट से श्रीकांत कटियार पर दांव लगाया है. इसी कड़ी में टुंडला से प्रेमपाल धनगर, जौनपुर की मल्हनी सीट से मनोज सिंह और बुलंदशहर से ऊषा सिरोही को प्रत्याशी घोषित किया है. आपको बता दें कि उषा सिरोही विधायक रहे वीरेंद्र सिरोही की पत्नी हैं. फिलहाल देवरिया सीट पर प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं हुआ है.

    बता दें कि उत्तर प्रदेश की 7 सीटों पर उपचुनाव होना है. यूपी उप चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गया. 16 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. यूपी की 7 सीटों पर 3 नवंबर को उपचुनाव होंगे और 10 नवंबर को सभी सीटों के परिणाम का ऐलान कर दिया जाएगा. वहीं, इस बार 40 की जगह 30 स्टार प्रचारक ही शामिल हो सकेंगे.

    उपचुनाव में राजनीतिक शुरू
    उत्तर प्रदेश की सात सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, जिसमें से छह सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा है. समाजवादी पार्टी के पास एक सीट है, लेकिन बीजेपी के लिए उपचुनाव किसी चुनौती से कम नहीं है. हाथरस मुद्दे को लेकर विपक्ष हावी है. सरकार को जवाब देना पड़ रहा है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जहां सड़कों पर उतरे, वहीं कांग्रेस के नेताओं ने हाथरस से दलित एजेंडे को बल दिया. विपक्ष का दावा है कि सरकार की पोल खुल गई है. समाजवादी पार्टी के नेता सुनील साजन कहते हैं कि हाथरस की घटना का असर तो पड़ेगा ही. इस घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को देश दुनिया के सामने शर्मसार कर दिया. इतना ही नहीं इस घटना से एक और बात साफ हो गई है कि बीजेपी जो खुद को हिंदुत्व वाली पार्टी बोलती है वो पिछड़ों और दलितों को हिंदू ही नहीं मानती है. (इनपुट- कुमारी रंजना)
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज