'सपा-बसपा ने बनाई भारत बंद से दूरी, महागठबंधन की दरार आई सामने'

बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस जनविरोधी, स्वार्थी, नकारात्मक और भ्रष्टाचार की राजनीति करने वाले विपक्ष को साथ लेने के लिए गठबंधन करने की कोशिश कर रही है. इसके बावजूद तमाम विपक्षी दल कांग्रेस के साथ नहीं है.

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Updated: September 10, 2018, 4:36 PM IST
'सपा-बसपा ने बनाई भारत बंद से दूरी, महागठबंधन की दरार आई सामने'
भारत बंद के दौरान प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता. Photo: News 18
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Updated: September 10, 2018, 4:36 PM IST
भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि देश की जनता बीजेपी नेतृत्व के एनडीए के साथ है और उसका भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में है. देश तेजी से कांग्रेस और उसके भ्रष्टाचार से मुक्त हो रहा है. कांग्रेस जनविरोधी, स्वार्थी, नकारात्मक और भ्रष्टाचार की राजनीति करने वाले विपक्ष को साथ लेने के लिए गठबंधन करने की कोशिश कर रही है. इसके बावजूद तमाम विपक्षी दल कांग्रेस के साथ नहीं है.

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा दोनों कांग्रेस के बंद से अलग है. सपा-बसपा परिवारवादी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली पार्टियां है. बसपा-सपा की प्रदेश की सरकारों के भ्रष्टाचार व पाप, जनता को अच्छी तरह याद है.

मनीष शुक्ला ने कहा कि कथित महागठबंधन की बात करने वाले विपक्ष को बताना चाहिए कि मनरेगा, एनआरएचएम में हुए घोटाले की जांच हाईकोर्ट के आदेश से सीबीआई को सौंपी गई. लखनऊ में दो सीएमओ की मौत की घटना लोग अभी तक भूले नहीं हैं. 11 सरकारी चीनी मिलों को औने-पौने में किसने बेचा? जनता जानती है कि खूली लूट के कारण उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त को बसपा सरकार के दौरान क्यों 22 मंत्रियों को दोषी मानते हुए रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी.

कांग्रेस सरकार में हुए मेरठ मलियाना, हाशिमपुरा, अलीगढ़ के दंगों के साथ 2013 में सपा सरकार के दौरान मुजफ्फरनगर के दंगों में 67 मौतें और 50 हजार लोगों को लंबे समय तक राहत शिविरों में क्यों रहना पड़ा?

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सपा सरकार के दौरान हर साल 300 से अधिक दंगों ने प्रदेश के सद्भाव को बिगाड़ कर रख दिया था. उत्तर प्रदेश की जनता को याद है कि वह होली, दीवाली, ईद-बकरीद सहित कोई भी त्यौहार शांतिपूर्वक नहीं मना सकते थे. तीन-चार जिलों को छोड़ कर क्यों पूरा प्रदेश अंधेरे में डूबा रहता था? क्यों इन्ही तीन-चार जिलों के एक जाति के लोगों को सरकारी नौकरियां दी जाती थी? क्यों पांच आयोगों के अध्यक्षों को हाईकोर्ट को बर्खास्त करना पड़ा? प्रदेश की जनता सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा मुखिया मायावती को अच्छी तरह से समझती है. जनता को पता है प्रदेश के विकास का पैसा इनकी सरकारों में कैसे लूटा गया था.

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