• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • यूपी-बिहार राज्यसभा उपचुनाव: BJP का ब्राह्मण कार्ड, क्या हैं इसके राजनीतिक मायने

यूपी-बिहार राज्यसभा उपचुनाव: BJP का ब्राह्मण कार्ड, क्या हैं इसके राजनीतिक मायने

एकात्म परिसर के गेट के पास खड़े होकर पूर्व पार्षद ने पार्टी के बड़े ​नेताओं पर जमकर निशाना साधा.

एकात्म परिसर के गेट के पास खड़े होकर पूर्व पार्षद ने पार्टी के बड़े ​नेताओं पर जमकर निशाना साधा.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और बिहार (Bihar) की दो राज्यसभा (Rajya Sabha) सीटों के लिए बीजेपी (BJP) ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और बिहार (Bihar) की दो राज्यसभा (Rajya Sabha) सीटों के लिए बीजेपी (BJP) ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. यूपी से सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) और बिहार से सतीश दुबे (Satish Dubey) बीजेपी के उम्मीदवार होंगे. 4 अक्टूबर यानी  शुक्रवार तक ही नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है. इस लिहाज से बीजेपी ने गुरुवार देर शाम ही दोनों सीट के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया.

बीजेपी(BJP) ने जिन दो नामों का ऐलान किया है, उसके बड़े राजनीतिक मायने हैं. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को देखते हुए पार्टी को एक युवा ब्राह्मण चेहरे की जरूरत थी, जो पार्टी को मजबूती दे. वहीं यूपी में भी एक ब्राह्मण चेहरे की जरूरत थी, जो केंद्र में सशक्त आवाज बने. यूपी में बीजेपी का ब्राह्मण चेहरा रहे कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) को पिछले दिनों ही राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था.

कई दिग्गजों के चर्चे थे, लेकिन बीजेपी ने एक बार फिर चौकाया
बता दें कि उत्तर प्रदेश की एक सीट के लिए जिन नामों की चर्चा थी, उसमें राज्य बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी (Laxmikant Bajpai) और मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था. साथ ही पार्टी के महासचिव अरुण सिंह और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और शाहजहांपुर से पूर्व सांसद कृष्णा राज का भी नाम चल रहा था.

वहीं बिहार की एक सीट पर बीजेपी की तरफ से पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन (Shahnwaz Hussain) और जेडीयू के तरफ से पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी (KC Tyagi) का नाम प्रमुखता से चल रहा था, लेकिन एनडीए में सहमति बनने के बाद बिहार की राज्यसभा की यह सीट बीजेपी के कोटे में चली गई. इस सीट को लेकर जेडीयू भी अपना दावा ठोक रही थी.

दो राज्यसभा सीटों पर बीजेपी ने खेला ब्राह्मण कार्ड
बता दें कि यूपी से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित हुए सुधांशु त्रिवेदी काफी लंबे समय से पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे. त्रिवेदी, टीवी चैनलों पर मजबूती से पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं. साथ ही उनको ब्राह्मण चेहरा होने का लाभ मिला है. पार्टी को एक ब्राह्मण चेहरे की तलाश थी, जो कलराज मिश्र की भरपाई कर सके.

BJP
बीजेपी ने दोनों चेहरों को मैदान में उतारने से पहले काफी विचार किया. (File Photo)


वहीं बिहार से भी सतीश दुबे को राज्यसभा उम्मीदवार बना कर पार्टी ने अगड़ा-पिछड़ा में सामंजस्य बनाने का काम किया है. हाल ही में संजय जायसवाल को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बना कर जातिगत समीकरण को साधा था. इस लिहाज से देखें तो सतीश दुबे को राज्यसभा भेज कर पार्टी ने अगड़ा कार्ड खेला है. सतीश दुबे का बीते लोकसभा चुनाव में टिकट कट गया था. सतीश दुबे पिछले लोकसभा चुनाव में वाल्मीकि नगर  लोकसभा क्षेत्र से विजयी हुए थे. इस बार यह सीट जेडीयू कोटे में चली गई थी.

अरुण जेटली और राम जेठमलानी के निधन से सीट खाली
यूपी से प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का भी नाम चल रहा था, लेकिन दोनों नामों पर सुंधाशु त्रिवेदी भारी पड़े. मनोज सिन्हा गाजीपुर से पिछला लोकसभा चुनाव हार गए थे. इस लिए माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजेगी. मनोज सिन्हा का मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में काम करने का अच्छा रिकॉर्ड रहा था. बता दें कि उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण (Arun Jaitley) जेटली के निधन से और बिहार की राज्यसभा सीट जाने-माने वकील और वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री रहे राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) के निधन से खाली हुई है.

ये भी पढ़ें: 

बिहार से राज्यसभा की एक सीट पर NDA के कितने दावेदार?
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: BJP Candidates की लिस्ट जारी, जानिए- कौन कहां से लड़ेगा चुनाव

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज