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UP: अब MLC मनोनीत करने की कवायद में जुटी BJP, दौड़ में ये चार नाम सबसे आगे

एमएलसी पद के लिए जितिन प्रसाद (बाएं, ऊपर), संजय निषाद (बाएं, नीचे), जेपीएस राठौर (दाएं, ऊपर) और रामचंद्र प्रधान के नाम सबसे आगे हैं. (फाइल फोटो)

एमएलसी पद के लिए जितिन प्रसाद (बाएं, ऊपर), संजय निषाद (बाएं, नीचे), जेपीएस राठौर (दाएं, ऊपर) और रामचंद्र प्रधान के नाम सबसे आगे हैं. (फाइल फोटो)

MLC की दौड़ में कई नाम चर्चा में हैं. जिनमें कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, भाजपा के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर और बसपा से भाजपा में शामिल हुए रामचंद्र प्रधान के नाम सबसे आगे हैं.

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शिवेंद्र श्रीवास्तव.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के जिला पंचायत चुनावों में भारी बढ़त हासिल करने के बाद विधानसभा चुनाव से पहले सूबे में भारतीय जनता पार्टी विधानपरिषद में अपने नेताओं को मनोनीत करने की कवायद में जुटी हुई है. आनेवाले एक दो दिन के भीतर ही नेताओं का चयन किया जाना है. उसके लिए पार्टी में संगठन से सरकार तक जोड़-तोड़ जोरों पर है. इस जोर आजमाइश में कई लोगों के नाम चर्चा में हैं. जिनमें कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, भाजपा के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर और बसपा से भाजपा में शामिल हुए रामचंद्र प्रधान के नाम सबसे आगे हैं.

इस बारे में भाजपा ने अपनी तरफ से कई प्रमुख नामों की फेहरिश्त केंद्रीय नेतृत्व को पहले ही सौंप दी है. केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के बाद यूपी में चारों एमएलसी के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे. यूपी में होनेवाले चुनावों के मद्देनजर इस बार भी एमएलसी के मनोनयन में जातीय समीकरणों का विशेष महत्व रहेगा. ब्राह्मणों को साधने के लिए बीजेपी न सिर्फ जितिन प्रसाद के नाम पर गम्भीर है, बल्कि बीजेपी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त वाजपेई का नाम भी पैनल में शामिल किया गया है. ठाकुर समाज को संतुष्ट करने के लिए भी जेपीएस राठौर और यूपी का महिला कल्याण राज्यमंत्री के पति दयाशंकर सिंह का नाम भी शामिल है. दयाशंकर सिंह पार्टी संगठन में उपाध्यक्ष भी हैं. हालांकि जेपीएस राठौर का पलड़ा इसमें भारी दिखता है, क्योंकि जिला पंचायत चुनावों से लेकर संगठन के क्रियाकलापों तक में राठौर काफी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और इसके परिणाम भी अच्छे देखने को मिले हैं. ऐसे में पार्टी राठौर को इसका इनाम दे सकती है.

कहा यह भी जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के हाशिये पर जा रहे और पिछड़े समाज के लोगों को आगे लाने की लगातार बात करते हैं. उस लिहाज से मुख्यमंत्री चाहते हैं कि आनेवाले दिनों में इस समाज की भागीदारी सक्रिय राजनीति में बढ़ाई जाए. इसी कड़ी में अगर मुख्यमंत्री की सलाह पर गौर हुआ तो पूर्वांचल से किसी अनुसूचित जाति के नेता को भी एमएलसी बनाया जा सकता है.

संजय निषाद और जितिन प्रसाद का नाम इसलिए भी मजबूत माना रहा है कि पार्टी को आनेवाले चुनावों से पहले निषाद और ब्राह्मणों को अपने साथ लाने के लिए ज्यादा से ज्यादा दमदार नेताओं का जरूरत है. उसकी वजह यह भी है कि पिछले दो सालों में विकास दुबे जैसी घटनाओं के बाद चर्चा यह हुई कि ब्राह्मण समाज योगी सरकार से नाराज है. हालांकि सरकार और पार्टी ने कई मौके पर साफ किया कि पार्टी को किसी जाति विशेष से बैर नहीं है और कानून के लिहाज से ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. फिर भी विरोधी ऐसा संदेश देने में कामयाब रहे हैं जिससे आशंका है कि पार्टी को कुछ नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. पार्टी की कई बैठकों में भी ये मुद्दा सामने आया. इन बैठकों में तय किया गया कि किसी भी तरह से ये संदेश नहीं जाना चाहिए कि सरकार किसी के भी खिलाफ जानबूझकर गलत तरीके से कदम उठा रही है. किसी ब्राह्मण को मनोनीत करके पार्टी अपनी इस विचारधारा को पुख्ता कर सकती है. वैसे भी ब्राह्मण और सवर्ण बीजेपी का कोर वोटर माना जाता रहा है. उस लिहाज से भी जितिन प्रसाद को जगह दी जा सकती है.

संजय निषाद ने पार्टी में आते वक्त तमाम दावे भी किए और जिला पंचायत के चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाकर पार्टी की कई जिलों में मदद भी की. लिहाजा माना जा रहा है कि पार्टी निषाद को जगह देगी. बहरहाल ये जातीय समीकरण और कयास पार्टी के भीतर कई दिनों से जोरों पर है. इसी के बीच पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को संभावित नामों की लिस्ट सौंपी है. तमाम मुद्दों और हालात पर मंथन करने के बाद बहुत जल्द दिल्ली में बैठे संगठन के नेता तय करेंगे कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले चार एमएसली की सीटों पर ताजपोशी वोटरों को साथ लाने के लिए किस तरह से और कितनी कारगर हो सकती है.

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लखनऊ: गायत्री प्रजापति की डिस्चार्ज अर्जी खारिज, 29 सितंबर को तय होंगे आरोप, ये है मामला

अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में गायत्री प्रजापति की अर्जी खारिज, 29 को तय होंगे आरोप .

Uttar Pradesh News : MP MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति व आशीष शुक्ला की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी. दोनों को 29 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 29 को दोनों पर आरोप तय होंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) की डिस्चार्ज अर्जी एमपीएमएलए कोर्ट से खारिज हो गई. MP MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में मुल्जिम गायत्री प्रसाद प्रजापति व आशीष शुक्ला की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर 29 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 29 सितंबर को उनके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे. गायत्री प्रजापति के खिलाफ अपहरण और छेड़छाड़ का मामला दर्ज है. यह मामला 26 अक्टूबर 2016 को गोमतीनगर थाने में दर्ज कराया गया था. इस मामले में गायत्री प्रजापति और आशीष शुक्ला पर आरोप तय किए जाएंगे.

गौरतलब है कि गायत्री प्रजापति यूपी की अखिलेश सरकार में मंत्री रहे हैं. वह शुरू से ही विवादों से घिरे रहे. प्रजापति की डिस्चार्ज अर्जी एमपीएमएलए कोर्ट से खारिज होने के बाद बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन पर 29 सितंबर को आरोप तय किए जाने हैं. इसको लेकर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 सितंबर को पेश करने का आदेश जारी कर दिया है. यह मामला 26 अक्टूबर 2016 का है, जिसमें चित्रकूट की एक महिला ने थाना गोमती नगर में आईपीसी की धारा 294 504 व 506 में बबलू सिंह व आशीष शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. विवेचना के दौरान इस मामले में गायत्री प्रजापति का भी नाम आया था. जांच में इस मामले में मुलाजिमों के खिलाफ अपहरण व छेड़छाड़ का भी आरोप पाया गया. 27 जुलाई 2017 को पुलिस ने अपहरण व छेड़छाड़ के आरोपों की बढ़ोतरी करते हुए आशीष के साथ ही गायत्री प्रजापति के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए, 11, 364, 511, 504, 506 व 120 बी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था.

कोर्ट में नहीं हो पाई अंशु गौड़ की गवाही

गोमतीनगर थाने में दर्ज मामले में कोर्ट में गवाही होनी थी, लेकिन वह नहीं हो पाई. मामले के गवाह अंशु गौड़ को इस मामले में गवाही देनी थी. गायत्री प्रजापति के कोर्ट में न आने से अंशु गौड़ की गवाही नहीं हो पाई. अब 20 सितंबर को अंशु गौड़ की गवाही कराई जाएगी.

प्रियंका का योगी सरकार पर निशाना: NCRB के आंकड़ों से UP को बताया क्राइम में अव्वल

प्रियंका ने NCRB के आंकड़े जारी कर यूपी को बताया क्राइम में टॉप.

UP Assembly Election 2022: यूपी की सियासत में पांव जमाने को लेकर कांग्रेस प्रियंका गांधी के चेहरे और तेवरों के सहारे सियासी भविष्य तलाश रही है. प्रियंका गांधी भी योगी आदित्यनाथ की सरकार पर हमलावर हैं. हाल ही में उन्होंने NCRB के आंकड़े जारी की यूपी को सर्वाधिक अपराधों वाला राज्य बताया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कांग्रेस (Congress) पूरा जोर लगा रही है. चुनाव में बेहतर प्रर्दशन के लिए संगठन को मजबूत करने से लेकर जनता से सीधे जुड़ने की रणनीति पर काम कर रही है कांग्रेस. इसके तहत उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के चेहरे के साथ पार्टी अपने जर्जर संगठन को एक बार फिर से मजबूत बनाने की कवायद में जुटी हुई है. वहीं, दूसरी ओर प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सूबे की सत्ताधारी योगी सरकार को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक घेर रही है.

इसी रणनीति के चलते प्रियंका गांधी ने बीते बुधवार को जारी NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो) की रिपोर्ट के मुताबिक हत्या और अपहरण के मामलो में UP के नंबर-1 होने पर ट्वीट कर उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधकर यूपी चुनाव के लिए अपने आक्रामक इरादे सामने रखने की कोशिश की है.

प्रियंका ने अपराधों में यूपी को बताया नंबर वन

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने 2020 के अपराधों पर जारी की गई NCRB की रिपोर्ट से जुड़े कुछ आंकड़ों के साथ किये गये ट्वीट में लिखा है कि ‘एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं व दलितों के खिलाफ अपराध, हत्या व अपहरण के मामलों में और हिंसक अपराधों के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप पर है. उत्तर प्रदेश सरकार के दावों के ठीक उलट उत्तर प्रदेश में अपराधराज चरम पर है.’

दलित और महिलाएं के साथ सबसे ज्यादा हिंसा और उत्पीड़न

इस दौरान प्रियंका गांधी के ट्वीट में दर्शाये गये NCRB के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 में देश में सर्वाधिक 3,779 हत्या, 12714 दलितों के खिलाफ अपराध, 12913 अपहरण, 49385 महिलाओं के खिलाफ अपराध और 51983 हिंसक अपराध उत्तर प्रदेश में ही होने के चलते UP इन सभी अपराधों में देश में नबर-1 है.

प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में बोले CM योगी आदित्यनाथ- राहुल एक्सिडेंटल हिंदू

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी को बताया एक्सिडेंटल हिंदू.

BJP's election strategy : सीएम योगी ने कहा है कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार-बार इटली भाग जाते हैं. हिन्दुतान से बाहर जाकर वे देश की निंदा करते हैं. देवी-देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है. एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी शनिवार को प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन के मौके पर राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें एक्सिडेंटल हिंदू बताया है. सीएम ने कहा है कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार-बार इटली भाग जाते हैं. यूपी ने उनके परिवार को प्रधानमंत्री बनाया, लेकिन हिन्दुतान से बाहर जाकर वे देश की निंदा करते हैं. देवी-देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है. एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है. एक्सिडेंटल हिंदू जो लोग होते हैं, वही राम और कृष्ण को नकारते हैं.

आपको बता दें कि बीजेपी की तरफ से यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए 5 सितंबर से प्रदेश के सभी 403 सीटों पर प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, दोनों डिप्टी सीएम समेत प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं के कार्यक्रम तय किए गए हैं. 5 सितंबर से शुरू हुआ ये सम्मेलन 20 सितंबर तक होना है. लिहाजा लखनऊ के पुरनिया चौराहा स्थित पंचायती राज विभाग के निदेशालय में आयोजित प्रबुद्ध सम्मलेन को सीएम योगी ने संबोधित किया. इस सम्मेलन में सीएम योगी ने सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियों का बखान करने के साथ ही विपक्षी दलों को भी निशाने पर रखा.

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‘नेतृत्व ईमानदार तो देश एकजुट’

सीएम योगी ने कहा कि नेतृत्व जब ईमानदार और चरित्रवान होता है, तो पूरा देश एकजुट होकर उसके पीछे चल पड़ता है. मोदी जी की यही ताकत है. हर जगह मोदी जी या मैं नहीं जा सकता. लेकिन हमारे जनप्रतिनिधि एक सीमित स्थानों पर जाते हैं. ऐसे में हमारे प्रबुद्धजन समाज का नेतृत्व करते हैं. यूपी में कोरोना प्रबंधन बेहतरीन रहा और प्रदेश में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई. सोचिए अगर 2017 से पहले कोरोना आ गया होता तो क्या होता. आजादी के बाद से पूर्वोत्तर अशांत था, लेकिन बीते 7 वर्षों में पूर्वोत्तर की तस्वीर बदल गई. ज्यादातर अलगाववादी संगठनों ने हथियार डाल दिए हैं. जो बचे हैं, वे भी डाल देंगे. पहले बिजली नहीं आती थी, राज्य की सीमा में घुसते ही सड़कें टूटी हुई मिलती थीं, दंगे हर जिले में होते थे, बहन-बेटियों की इज्जत पर हाथ डाला जाता था. यूपी के लोगों को बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता था. हमारी सरकार ने एक भी दंगा होने नहीं दिया है. ये हमने कोई उपकार नहीं किया, ये सरकार का काम है.

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‘मुझे सिर्फ 3 साल मिले’

हमारे साढ़े 4 सालों में डेढ़ साल कोरोना खा गया इसलिए मुझे सिर्फ 3 साल मिले. सरकार की योजनाएं माफिया और अपराधी बनाया करते थे. सपा सरकार में तत्कालीन कृषि मंत्री 6 महीने दफ्तर ही नहीं गए थे. उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त का नाम नहीं पता था. जब प्रदेश बाढ़ में डूबा रहता था, तब फिल्मी हस्तियां कार्यक्रम के लिए आया करते थे. डीजीपी के घर से थोड़ी दूर पर एक माफिया ने 5 इमारतें खड़ी कर दीं. शत्रु सम्पत्ति पर बनी सम्पत्तियों पर हमने बुलडोजर चलवाया. हमने यूपी को देश की नंबर 2 अर्थव्यवस्था बनाई है. अगले 6 महीने प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं. आपको प्रदेश के हित में सोचने वाली या माफियाओं को समर्थन करने वाली सरकार चाहिए, इसपर सोचना चाहिए. अयोध्या के लिए अगर हम बदनाम होते हैं तो हम बदनाम होने को तैयार हैं. मंदिर का निर्माण ऐसा हो रहा है कि 1000 साल तक मंदिर को कुछ नहीं हो सकता.

UP के चर्चित IPS त्रिवेणी सिंह पर बन रही वेब सीरीज Cyber Singham

UP: लखनऊ में आईपीएस त्रिवेणी सिंह पर वेब सीरीज साइबर सिंघम की शूटिंग शुरू हो गई है.

UP News: साइबर सिंघम वेब सीरीज आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के जीवन से प्रेरित है. ये उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध अधीक्षक हैं. भारत में कई जटिल साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने के पीछे प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का हाथ रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 18:41 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के आईपीएस अफसर (IPS Officer) अब बॉलीवुड को भी लुभाने लगे हैं. ऐसे ही एक आईपीएस अफसर हैं, प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह (IPS Prof Triveni Singh). यूपी के इस चर्चित साइबर कॉप ने अभी कई बड़े अनसुलझे केस सुलझाए हैं. ये देश के पहले आईपीएस अफसर भी हैं, जिन्होंने साइबर लॉ में डॉक्टरेट की है. अब इन्हीं पर एक वेब सीरीज साइबर सिंघम (Cyber Singham) बनने जा रही हैं. पिछले दिनों इसकी शूटिंग लखनऊ में शुरू हुई. ये वेब सीरीज सच्ची साइबर अपराध की घटनाओं पर आधारित है. लखनऊ स्थित रागा पैलेस में इसकी शूटिंग शुरू हुई है.

वेब सीरीज आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के जीवन से प्रेरित है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध अधीक्षक हैं. भारत में कई सबसे जटिल तकनीकी साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने के पीछे प्रोफेसर सिंह का हाथ रहा है.

इसके वेब सीरीज के निर्देशक अविनाश गर्ग बॉलीवुड की कई जानी मानी फिल्में कर चुके हैं. इनमें गोविंदा और शिल्पा शेट्टी की परदेशी बाबू प्रमुख है.

वेब सीरीज में प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का किरदार मयूर मेहता कर रहे हैं.  और उनकी टीम में दिव्य दृष्टि नाटक के कलाकार पारस मदान, कोलकाता की मॉडल युक्ति सिंह, लखनऊ से बॉलीवुड कलाकार महेश देवा और औरैया से विक्रान्त दुबे नजर आएंगे.

वेब सीरीज का पोस्टर

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वेब सीरीज साइबर सिंघम का पोस्टर

इस वेब सीरीज का उद्देश्य मनोरंजन के साथ ही लोगों में साइबर क्राइम के प्रति सचेत करना भी होगा. सीरीज के किरदार बताएंगे कि साइबर क्राइम का शिकार होने से कैसे बचा जाए?

सीरीज के निर्देशक अविनाश गर्ग ने इसमें कोई भी एडल्ट कंटेंट नहीं होगा, लोग अपने परिवार के साथ बैठकर इसका लुत्फ ले सकेंगे. जानकारी के अनुसार ये वेब सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म एपेक्स प्राइम (Apex Prime) पर लांच की जाएगी.

Record: सबसे ज्यादा राशन कार्ड को Aadhar Card से लिंक करने वाला राज्य बना UP

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत यूपी सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है.  (File Photo: सीएम योगी)

UP News: यूपी में राशन कार्ड धारकों की संख्या 3,60,12,758 हो गई है. यही नहीं यूपी अब देश का पहला ऐसा राज्य हो गया है, जिसके 99.79 राशन कार्ड अब आधार कार्ड से लिंक हैं.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के योगी सरकार (Yogi Government) ने राशन वितरण की व्यवस्था में काफी सुधार किए हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) योजना के तहत नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज किया है. बीते 6 माह में 1,61,256 लोगों के नए राशनकार्ड बनाए गए हैं. इसके साथ ही यूपी में अब एनएफएसए राशनकार्ड धारकों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 12,758 (3,60,12,758) हो गई है. इनमें से अधिकतर को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है. यह अपने आप में नया रिकार्ड है, क्योंकि सूबे के 99.79 फीसद राशन कार्ड अब आधार कार्ड से जुड़ गए हैं.

इतनी बड़ी संख्या में किसी अन्य राज्य में अभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा नहीं जा सका है. यूपी अब देश का पहला ऐसा राज्य हो गया है, जिसके 99.79 राशन कार्ड अब आधार कार्ड से लिंक हैं.

सरकार का मानना है कि राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने के चलते अब राशन वितरण में होने वाली धांधली पर पूरी तरह रोक लग गई है. इसके साथ ही इ-पास (प्वाइंट आफ सेल) मशीन के उपयोग से राशन वितरण में अब कोटेदार की धांधली पर अंकुश लगाया गया है. हर राशन कार्ड धारक को राशन मिल रहा है. अब उन लोगों को भी राशन देने की व्यवस्था कर ली गई है, जिनके अंगूठे का निशान का मिलान नहीं हो पा रहा था. ऐसे राशन कार्ड धारकों को मोबाइल ओटीपी के आधार पर राशन मुहैया कराया जाएगा.

अन्य राज्यों से यूपी में रोजगार करने आये लोग भी इस योजना के तहत राशन की दुकानों से राशन पा रहे हैं. उक्त व्यवस्था की चलते ही इस वर्ष कोरोना संकट में सरकार ने 15 करोड़ लोगों को जुलाई और अगस्त में फ्री राशन उपलब्ध कराया गया. सरकारी राशन दुकानों से हर कार्ड धारक को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल वितरित किया गया.

कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार ने पात्र कार्ड धारकों को 8 महीने तक मुफ्त राशन वितरण किया था. तब 5 किलो खाद्यान्न प्रति यूनिट की दर से राज्य सरकार ने सरकारी दुकानों से अप्रैल से नवंबर तक 60 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का मुफ्त वितरण किया था, जो कि देश में एक रिकॉर्ड है.

इस बार भी कार्ड धारकों को फ्री राशन

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गरीब और जरूरतमंदों को राशन मुहैया कराने को लेकर सूबे की सरकार बेहद संवेदनशील है. जिसके चलते ही प्रदेश सरकार ने सबसे पहले मई 2020 में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू किया गया था. अब प्रदेश के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अन्त: जनपदीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू है.

वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत प्रदेश में नेशनल पोर्टेबिलिटी की सुविधा के चलते प्रदेश के 87,239 कार्डधारकों द्वारा अन्य राज्यों से और अन्य राज्यों के 8110 कार्डधारकों द्वारा उत्तर प्रदेश में राशन लिया गया है. इस योजना को लागू करने के चलते यूपी से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में कार्य करने गए श्रमिक वहां राशन की दुकानों से राशन ले रहे हैं.

यूपी से दिल्ली गए 27,585, हरियाणा गए 20,964 और महाराष्ट्र गए 11,587 लोगों ने राशन लिया है. यही नहीं अब गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाने वाले लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा रही हैं, ताकि जरूरतमंदों को ही फ्री और सस्ता राशन मिले. अपर मुख्य सचिव का कहना है कि यूपी में जरूरतमंद को राशन बांटने की व्यवस्था आसान की गई है. इसमें होने वाली धांधली को रोकने की व्यवस्था की गई है.

तो क्या UP विधानसभा चुनाव से पहले सस्ती हो जाएगी बिजली? जानिए पूरा मामला

UP Election 2022: यूपी में बिजली दरों में कटौती को लेकर उपभोक्ता परिषद ने अभियान तेज कर दिया है.  (File photo)

UP News: ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर अविलम्ब उपभोक्ता हित में कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन दिया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली दिलाने की पक्षधर है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों में कमी किए जाने को लेकर उपभोक्ता परिषद की याचिका पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. आयोग ने इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उधर याचिका दाखिल करने वाले उपभोक्ता परिषद ने भी लामबंदी तेज कर दी है. आज राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की और इस लोक महत्व के प्रस्ताव पर सरकार से बिजली दरों में कमी कराने के लिए सहयोग मांगा. ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन दिया है कि उपभोक्तओं को सस्ती बिजली देने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव पर प्रभावी विचार होगा, जिससे गरीब किसान आम जनता को राहत मिल सके.

बता दें कि उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में याचिका दाखिल की है. इसमें कहा है कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर निकल रहे लगभग 20596 करोड़ के एवज में बिजली दरों में अगले पांच वर्षो तक 6.8 प्रतिशत कमी की जाए. इसी को लेकर उपभोक्ता परिषद के अवधेश वर्मा ने ऊर्जा मंत्री कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार से वह सहयोग चाहती है. प्रदेश सरकार बिजली कम्पनियों व पावर कॉर्पोरेशन को निर्देश दे कि वह प्रस्ताव का सहयोग करें, जिससे बिजली दरों में कमी की जा सके.

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद जनहित में सरकार से यह भी मांग करती है कि सरकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 में लोकमहत्व का विषय मानते हुए विद्युत नियामक आयोग को भी बिजली दरों में कमी करने के लिए अपना अभिमत व निर्देश दे, जिससे प्रदेश की जनता को राहत मिल सके.

ऊर्जा मंत्री को प्रस्ताव सौंपते उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष

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UP: ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा को बिजली दरों में कमी का प्रस्ताव सौंपते उपभोक्ता परिषद के अवधेश वर्मा

अवधेश वर्मा ने ऊर्जा मंत्री के सामने ये मुद्दा भी उठाया कि पावर कॉर्पोरेशन की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे, इसलिए महंगी बिजली खरीद पर अंकुश लगाकर भी लगभग 2000 करोड़ हर वर्ष बचाया जा सकता है. इसी तरह वितरण हानियों में 1 प्रतिशत कमी होने पर लगभग 400 करोड़ बचाया जा सकता है.

बिजली कम्पनियों में फिजूल खर्ची पर भी अंकुश लगाकर लगभग 500 करोड़ हर वर्ष बच सकता है. आज बिजली कम्पनियों में सभी स्तर पर देखें तो लगभग 500 करोड़ रुपए के निजी व सरकारी कंसल्टेंट रखे गये हैं. फिर भी घाटा बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है. सभी स्तर पर छानबीन कर पारदर्शिता लागू की जाय तो हर वर्ष अतिरिक्त 3000 करोड़ की बचत की जा सकती है.

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजते हुए अविलम्ब उपभोक्ता हित में कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन दिया गया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली दिलाने की पक्षधर है. प्रस्ताव पर प्रभावी विचार किया जायेगा, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की गरीब आम जनता व किसान को राहत प्रदान की जा सके.

फूलन देवी के नाम बनाएंगे स्मारक-पार्क, संपत्ति हड़पने वालों को भिजवाएंगे जेल: संजय निषाद

फूलन देवी की मूर्ति लगाकर बनेंगे पार्क, संपत्ति हड़पने जाएंगे जेल: संजय निषाद

UP Election 2022 : फूलन देवी को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी के नाम से अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट न्यास का गठन किया जाएगा. न्यास के माध्यम से फूलन देवी का यहां स्मारक और पार्क बनेगा. उनकी संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ आंदोलन करन उन्हें जेल पहुंचाएंगे.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 17:30 IST
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लखनऊ. फूलन देवी (Phoolan Devi) को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि फूलन देवी के नाम से अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट न्यास का गठन किया जाएगा. न्यास के माध्यम से फूलन देवी का यहां स्मारक और पार्क बनेगा. दिल्ली में जहां उनकी हत्या की गई थी वहां उनकी मूर्ति लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हर गांव में जिस तरीके से अंबेडकर की मूर्ति लगाई गई है उसी तरह से निषाद राज और फूलन देवी वीरांगना की मूर्ति लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि फूलनदेवी किसी एक देश की नहीं बल्कि विश्व की महान महिलाओं में एक हैं.

संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी की संपत्ति को हड़पने वाले लोगों के खिलाफ आंदोलन करेंगे. उन्हें जेल भिजवाएंगे. साथ ही सपा के पूर्व स्थानीय विधायक के खिलाफ जांच कराकर फूलन देवी की संपत्ति की जांच कराकर उनकी मां को वापस करवाएंगे.

विजय मिश्रा को गलत फंसाया

बाहुबली विजय मिश्रा पर बोलते हुए संजय निषाद ने कहा कि विजय मिश्रा हमारे नेता और विधायक हैं. उनके खिलाफ अधिकारियों ने षड्यंत्र रचा है. सरकार से हम लोग मांग करेंगे कि इसकी जांच की जाए. जो दोषी है उस पर कार्रवाई की जाए. पहले हम बातचीत करेंगे सरकार के साथ हैं. अगर बातचीत हल नहीं होगा तो आंदोलन करेंगे.

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उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों में हमारे समाज के आरक्षण पर विधायकों को बोलने की इजाजत नहीं थी मंत्री से, लेकिन आज मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री और जेपी नड्डा से लेकर शीष नेतृत्व बैठकर बात कर रहा है. इसे 70 साल से 70 गुना उलझा रखा था, इसे सुलझाने में समय चाहिए. समय आने से पहले भाजपा से इसे पूरा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को 25 लाख लोग रमा देवी पार्क में जाएंगे औ अपने हितों की रक्षा फैसला करेंगे.

Exclusive: योगी सरकार अपने साढ़े 4 साल में किन कामाें को गिनाएगी? पढ़िए बुकलेट

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अपनी सरकार के साढ़े चार साल के काम का ब्यौरा पेश करने जा रहे हैं. (File Photo)

Yogi Government 4 and a half years: News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने कानून व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, किसान, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) 19 सितम्बर को अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. 19 सितम्बर को सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने कानून व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, किसान, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है.

उज्जवला योजना

(नए एलपीजी कनेक्शन यह योजना मई- 2016 से कार्यान्वित है)

अखिलेश सरकार -55.31 कनेक्शन

योगी सरकार- 1 करोड़ 67 लाख कनेक्शन

प्रदेश में पहली बार माफिया राज पर चला बुलडोजर

माफियाओं की अवैध ढंग से अर्जित 1866 रुपये करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त

वर्ष 2016 के सापेक्ष वर्ष 2020 (एफसीआर के आंकड़े) से तुलना करने पर डकैती में 70.1 फीसदी, लूट में 69.3 फीसदी, हत्या में 29.1 फीसदी, बलवा में 33.0 फीसदी, रोड होल्ड अप में 100 फीसदी, अपहरण में 35.3 फीसदी, दहेज मृत्यु में 11.6 फीसदी व बलात्कार के मामलों में 52 फीसदी की कमी आई.

150 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए, 3427 अपराधी घायल हुए, गैंगस्टर एक्ट में 44759 अभियुक्त गिरफ्तार एवं 630 अभियुक्त रासुका में निरुद्ध

11 हजार 864 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी

सीएए के विरोध प्रदर्शन में सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली

बेहतर पुलिसिंग के लिए लखनऊ, नोएडा, कानपुर नगर एवं वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू

जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक के लिए उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक की मंजूरी

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेफ सिटी परियोजना एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन

पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में एफआईआई काउंटर खोल गए

214 नए थाने की स्थापना

लखनऊ में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी का निर्माण प्रारंभ

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन एवं एसडीआरएफ और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन

प्रत्येक जनपद में साइबर सेल एवं जोन में साइबर पुलिस थाने की स्थापना

आतंकी गतिविधियों पर अंकुश के लिए स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम का गठन

एक लाख 43 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती एवं 76 हजार अराजपत्रित पुलिस कर्मियों की पदोन्नति

योगी सरकार की बुकलेट- विकास की लहर, हर गांव- हर शहर

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साढ़े 4 साल के काम को लेकर योगी सरकार की बुकलेट

प्रधानमंत्री आवास योजना

वर्ष 2007 से 2016 तक इंदिरा आवास योजना संचालित थी

मायावती सरकार-16 लाख

अखिलेश सरकार- 13 लाख

योगी सरकार- 42 लाख से अधिक का निर्माण

मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में एक लाख 8 हजार 495 आवासों का निर्माण

पहली बार मुसहर, वनटांगिया वर्ग व कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों को 50,602 आवास

वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा पहली बार

किसानों के लिए साढ़े चार वर्ष में किए कार्य

86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ के ऋण माफ

गन्ना किसानों को 1.44 लाख करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान

476 लाख मीट्रिक टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन

खांडसारी इकाइयों को निशुल्क लाइसेंस

एमएसपी में दोगुना तक वृद्धि

435 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की सरकारी खरीद, किसानों को 79 हजार करोड़ का भुगतान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में दो करोड़ 53 लाख 98 हजार किसानों को 37,388 करोड़ हस्तांतरित

2399 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को 2376 करोड़ की क्षतिपूर्ति

किसानों को 4 लाख 72 हजार करोड़ फसली ऋण का भुगतान

45 कृषि उत्पाद मंडी शुल्क से मुक्त

मंडी शुल्क एक प्रतिशत घटाया गया

220 मंडियों का आधुनिकीकरण

291 ई नाम मंडी की स्थापना

महिला सशक्तिकरण को लेकर कदम

बालिकाओं को स्नातक स्तर तक निशुल्क शिक्षा

एक करोड़ 67 लाख मातृशक्तियों को उज्ज्वला योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन

सीएम कन्या सुमंगला योजना से 9 लाख 36 हजार बेटियों को लाभ

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 1.52 लाख से अधिक निर्धन कन्याओं का विवाह

पीएम मातृ वंदना योजना में 40 लाख माताएं लाभांवित

मुस्लिम महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात

मुस्लिम महिलाओं को बिना महरम के हज पर जाने की सुविधा

ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) वितरित, स्वामित्व अभिलेख (घरौनी) घर की महिला के नाम

प्रदेश के सभी 1535 थानों में पहली बार महिला हेल्प डेस्क की स्थापना

महिलाओं को तुरंत न्याय दिए जाने को लेकर 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना

81 मजिस्ट्रेट स्तरीय न्यायालय व 81 अपर सत्र की स्थापना

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में एक करोड़ 80 लाख बच्चियां लाभांवित

मनरेगा योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 18 हजार महिला का चयन

करीब 56 हजार महिलाएं बैंकिंग सखी के रुप में कर रही हैं कार्य

10 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक करोड़ महिलाओं को रोजगार

इसके सापेक्ष वर्ष 2007 से 2012 तक प्रदेश में 2,07,543 और वर्ष 2012 से 2017 में 83,148 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ था.

वर्ष 2007 से 2012 तक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से  1,17,805 जबकि 2012 से 2017 तक 1,10,113 रोजगार दिए गए थे.

58,758 महिलाएं सामुदायिक शौचालयों में सफाई कर्मियों के रूप में चयनित

बिछा उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल

पहली बार प्रदेश में हुए 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट

8 एयरपोर्ट संचालित, 13 अन्य एयरपोर्ट एवं 7 हवाईपट्टी का विकास

341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा पूरा

297 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य प्रगति पर

594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे लिए हुआ भूमि अधिग्रहण

91 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का कार्य प्रगति पर

बलिया लिंक एक्सप्रेस वे को मिली मंजूरी

सड़कों का बिछा जाल

14,471 किमी सड़कों का चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण

3,49,274 किमी सड़कों का गड्ढामुक्ति करण किया गया , जबकि वर्ष 2007 से 2012 तक 1,97,188 किमी और 2012 से 2017 तक 2,13,146 किमी था.

15,286 किमी नई सड़कों का व 925 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण

124 लांग ब्रिज, 54 रेल फ्लाइओवर का अप्रोच मार्ग पूरा, एंव 355 स्माल ब्रिजेस का निर्माण प्रगति पर

तहसील मुख्यालयों व ब्लॉक मुख्यालयों को दो लेन सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य प्रगति पर

प्रदेश की सीमा से लिंक होने वाली राष्ट्रीय सीमा व अंतरराष्ट्रीय सीमा से लिंक होने वाली 82 सड़को के लिए 1759 करोड़ रुपये की लागत से 929 किमी लंबाई का कार्य प्रगति पर.

10 महानगर, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजना

नोएडा में एशिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी का निर्माण प्रस्तावित

कोरोना काल खंड में 56 हजार करोड़ा का विदेश निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ

पीएम सड़क योजना में 7007 किमी सड़क का निर्माण

स्वास्थ्य क्षेत्र में योगी सरकार ने किए ऐतिहासिक काम

59 जनपदों में न्यूनतम 1 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील

16 जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के स्थापना की प्रक्रिया शुरू

गोरखपुर, रायबरेली एम्स के संचालन

महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर का निर्माण शुरू

पीएम जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में 6 करोड़ 47 लाख लोगों को बीमा कवर

42.19 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवर

लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण शुरू

6 नए सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल ब्लॉक की स्थापना

गोरखपुर, भदोही में वेटरनरी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण

प्रदेश भर में 4470 एम्बुलेंस संचालित

नियमित/संविदा पर 9512 चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती

चिकित्सकों की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई

NIRF की इंडिया रैंकिंग में SGPGI 5वे, बीएचयू 7वें, केजीएमयू 9वें, AMU 15वें स्थान पर

UP JEECUP Counselling 2021: यूपी जेईई के दूसरे राउंड के शुरू हुए रजिस्‍ट्रेशन, च्‍वाइस फिलिंग में रखें इन बातों का ध्यान

UP JEECUP Counselling 2021: यूपी जेईई के दूसरे राउंड के रजिस्‍ट्रेशन शुरू हो गए हैं

UP JEECUP Counselling 2021: भ्यर्थी अपने जिले में ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट का वेरिफिकेशन सभी जिलों में स्थापित सहायता केंद्रों पर किया जाएगा. 18 सितंबर को यूपी जेईई के लिए दूसरे राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 16:09 IST
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नई दिल्ली. UP JEECUP Counselling 2021: उत्तर प्रदेश संयुक्त पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2021 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब प्रदेश भर के जिलों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है. आज यानी 18 सितंबर को यूपी जेईई के लिए दूसरे राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाले अभ्यर्थियों की सीट अलॉटमेंट लिस्‍ट 20 सितंबर को जारी कर दी जाएगी. उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic पर उपलब्ध जानकारी के माध्यम से अपना रजिस्‍ट्रेशन पूरा करना होगा.

बता दें कि अभ्यर्थी अपने जिले में ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट का वेरिफिकेशन सभी जिलों में स्थापित सहायता केंद्रों पर किया जाएगा. आवेदन के दौरान सबसे आवश्यक बात यह है कि अभ्यर्थी ध्यानपूर्वक च्‍वाइस फिलिंग के लिए विकल्प चुने क्योंकि चुने गए विकल्पों के आधार पर ही सीट अलॉटमेंट किया जाएगा.

UP JEECUP Counselling Round: इन स्टेप्स से करें रजिस्ट्रेशन

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic.in पर विजिट करें.
  • यहां होमपेज पर दिख रहे कैंडिडेट लॉगिन लिंक पर जाएं.
  • लॉगिन के लिए एक नया पेज खुलेगा.
  • यहां नये पेज पर लॉग-इन करने के लिए रोल नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन डालें.
  • इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर कॉलेज विकल्प चुनें.
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें और इसका एक प्रिंट ले लें.

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बता दें कि 14 सितंबर से ग्रेजुएट पॉलिटेक्निक कार्यक्रमों में एडमिशन के लिए पहले दौर की काउंसलिंग शुरू हुई थी. जिसके लिए सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जा चुकी है. वहीं दूसरे राउंड के लिए सीट अलॉटमेंट लिस्ट 20 सितंबर को जारी की जाएगी. इसी प्रकारी दूसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने का बाद 23 सितंबर को तीसरे राउंड के लिए सीट अलॉलमेंट लिस्ट जारी की जाएगी. काउंसलिंग निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवार को विकल्प का चयन करते समय 3000 रुपये की फीस जमा करनी होगी. निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, दूसरे राउंड के माध्यम से अलॉटेड सीट लॉक करने की लास्‍ट डेट 22 सितंबर है. तीसरे राउंड का नया रजिस्‍ट्रेशन, रजिस्‍ट्रेशन फीस का भुगतान और अन्य प्रक्रियाएं 21 सितंबर से शुरू होंगी.

BJP है पिछड़ा वर्ग की दुश्मन, साढ़े 4 साल में केवल हमारे काम का फीता काटा: अखिलेश यादव

UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को पिछड़ा वर्ग का दुश्मन बताया है.  (File pic)

UP News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा कि देश में जब 2.5 करोड़ प्रतिदिन वैक्सीन लगाने के क्षमता है तो रोज़ लगती क्यों नहीं? इस दशहरा तक रावण के साथ कोरोना को जलाकर खत्म करने की योजना पर काम करना चाहिए.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को लखनऊ में कहा कि देश में जब 2.5 करोड़ प्रतिदिन वैक्सीन (Vaccine) लगाने के क्षमता है तो रोज़ लगती क्यों नहीं? इस दशहरा (Dussehra) तक रावण के साथ कोरोना (COVID-19) को जलाकर खत्म करने की योजना पर काम करना चाहिए. बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन पर अखिलेश ने कहा कि बीजेपी पिछड़ों की दुश्मन है.

उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

वहीं बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को अखिलेश यादव ने दिखावा बताते हुए पिछड़ों की दुश्मन बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ों की कभी नहीं रही. इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि पत्रकार जानते हैं कि आने वाले समय मे भविष्य का रास्ता कहां से निकलेगा? लखनऊ नवाबों का शहर है और यहां हर क्षेत्र में नवाब हैं. पत्रकारिता को तथ्यों से जोड़कर आप जिम्मेदारी से काम करते हैं. आज पूरा का पूरा कम्युनिकेशन का दौर बदल गया है. स्मार्ट फोन की वजह से हर व्यक्ति पत्रकार बन गया है. प्रिंट का रेवेन्यू नीचे और डिजिटल का रेवेन्यू ऊपर जा रहा है.

लखनऊ के विकास तो बहुत हुआ लेकिन विकास पर राजनीति नहीं हो रही है. विकास हमें जोड़ता है. अगर इकॉनमी पर बात होगी तो यूपी की जनता के सामने बहुत कठिन समय है. पत्रकारिता मजबूत है तो हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा. इस बार यूपी में जनता हमें 400 सीटें भी जिता सकती है.

UP सरकार के साढ़े 4 साल पर ताबड़तोड़ प्रेस कांफ्रेंस, CM योगी लखनऊ और मंत्री जिलों में गिनाएंगे काम

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को सरकार के साढ़े 4 साल के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे. (File Photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ 19 सितम्बर को खुद लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 14:34 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल 19 सितम्बर को पूरा कर रही है. यूपी विधानसभा चुनाव-2022 (UP Assembly Election-2022) की तैयारियों में लगी बीजेपी ने इसे बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की है. दरअसल सरकार की मंशा है कि उसके किए गए काम की जानकारी प्रदेश के हर नागरिक को हो. इसी को देखते हुए बीजेपी सरकार ने अपनी उपलब्धियां बताने के लिए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. 19 सितम्बर को सीएम योगी आदित्यनाथ खुद लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

इस बार आजादी के अमृत महोत्सव की तर्ज पर सरकार साढ़े 4 साल का काम काज – विकास की लहर, हर गांव, हर शहर होगा नारा.

लखनऊ के अलावा मंत्री सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बताएंगे. दोपहर 1 बजे प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी.

जानिए कौन माननीय किस जिले में करेगा प्रेस कांफ्रेंस

केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी- महाराजगंज

केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान- मुजफ्फरनगर

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल- आगरा

सांसद संगम लाल गुप्ता- प्रतापगढ़

सांसद अरुण सागर- शाहजहांपुर

सांसद अजय कुमार मिश्रा- लखीमपुर

सांसद प्रवीण निषाद- संत कबीर नगर

एमएलसी विद्यासागर सोनकर- रायबरेली

सांसद रामशंकर कठेरिया- इटावा

सांसद वरुण गांधी- पीलीभीत

सांसद उपेंद्र रावत- बाराबंकी

सांसद जयप्रकाश निषाद- अंबेडकरनगर

सांसद महेश शर्मा- गौतम बुद्ध नगर

सांसद संतोष कुमार गंगवार- बरेली

सांसद चंद्र सेन जादौन- फिरोजाबाद

सांसद विजय दुबे- कुशीनगर

राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम- मुरादाबाद

सांसद सुब्रत पाठक- कन्नौज

सांसद अक्षयवरलाल गोंड- बहराइच

सांसद अनुराग शर्मा- झांसी

मंत्री गुलाब देवी- अमरोहा

मंत्री उदय भान सिंह- मैनपुरी

मंत्री मनोहर लाल कोरी- बलरामपुर

सांसद सुरेंद्र नागर- आजमगढ़

सांसद विजयपाल तोमर- मेरठ

सांसद साक्षी महाराज- उन्नाव

सांसद सत्यदेव पचौरी- कानपुर

इनपुट: अनामिका सिंह/अजीत सिंह

Lucknow university UGET 2021 Result: लखनऊ विवि की अंडरग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा का की मेरिट लिस्ट जारी

Lucknow university Result : लखनऊ विवि की प्रवेश परीक्षा अगस्त में हुई थी.

Lucknow university UGET 2021 Result : लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंडरग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट 2021 का रिजल्ट जारी कर दिया है. भ्यर्थियों को अब कटऑफ के अनुसार काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 14:30 IST
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नई दिल्ली. Lucknow university UGET 2021 Result : लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए हुई प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है. यह अब लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है. अभ्यर्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर चेक कर सकते हैं. लखनऊ विवि ने प्रवेश परीक्षा के स्कोर कॉर्ड के साथ कट ऑफ भी जारी कर दिया है. विभिन्न अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा अगस्त में हुई थी. प्रवेश परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों को अब कटऑफ के अनुसार काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा.

लखनऊ विवि के नोटिस के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय 12वीं के मार्क्स दर्ज नहीं किए थे उनको रैंक यूजीईटी 2021 और 10वीं के मार्क्स के आधार पर आवंटित की जाएगी. अभ्यर्थियों के लिए ध्यान देने वाली बात यह भी है कि वेरीफिकेशन के समय डॉक्यूमेंट्स वैलिड नहीं होंगे तो चयन रद्द कर दिया जाएगा.

लखनऊ विवि प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट ऐसे चेक करें
– सबसे पहले लखनऊ विवि की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर जाएं
– अब एक विंडो UG Courses 2021 Provisional Merit List’ पॉप अप होगा
– इस विंडो पर क्लिक करें
– अब एक नए पेज पर रिडायरेक्ट कर दिया जाएगा
– यहां अपना कोर्स सेलेक्ट करें
– एक पीडीएफ फाइल ओपन होगी
– इसमें अपना नाम और रोल नंबर सर्च करें
– इसके लिए CTRL+F शॉर्टकट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं

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सीएम योगी ने विपक्षियों पर साधा निशाना, कहा- राम मंदिर निर्माण होने से कुछ लोगों का राजनीतिक धंधा हो गया बंद

UP: भारत का डीएनए एक है इसलिए पूरा देश भी एक (File photo)

UP Politics: सीएम योगी ने कहा कि आज देश मे जीवन के सभी क्षेत्रों में परिवर्तन देखने को मिल रहा है. गोरक्षपीठ शैव परंपरा की पीठ है लेकिन वैष्णव परम्परा के श्रीराम मंदिर निर्माण में भी गोरक्षपीठ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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गोरखपुर. गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्यनाथ के श्रद्धांजलि समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने विपक्षियों पर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि मोदी आए है जिसके कारण अयोध्या में राम मंदिर से संबंधित 500 साल के विवाद का समाधान हो गया. यही तो इनको समस्या थी. विवाद की आड़ में लोगों के खाने-कमाने का जो जरिया बंद हो गया और भारत को अपमानित करने का जो धंधा था वह बंद हो गया इसलिए उन्हें कैसे अच्छा लगेगा. सीएम योगी शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि पर आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का शुभारंभ कर रहे थे.

योगी ने कहा कि हर भारतीय वेद रामायण उपनिषद महाभारत के बारे में जानता है. इनमें वर्णित कथाएं और प्रसंग पढ़ने से हर भारतीय को अपने इतिहास को जानने की आवश्यकता नहीं पड़ती. हमारे वेद इस धरती के प्रति श्रद्धा का भाव बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं. आज़ादी के पहले और बाद में जो बातें पढ़ाई गईं उसमें अंग्रेजों और वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से बताया कि हम आर्य बाहर से आये हैं. वामपंथी इतिहासकारों ने इस तरह के काले अध्याय को डालकर जो कुत्सित प्रयास किया उसका देश ने लंबे समय तक परिणाम भोगा.

राम मंदिर के सहारे सीएम योगी ने विपक्षियों पर साधा निशाना

राम मंदिर के सहारे सीएम योगी ने विपक्षियों पर साधा निशाना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राममंदिर निर्माण में आ रही समस्या हल होने से कुछ लोगों का राजनीति का धंधा बंद हो गया. एक कालखंड ऐसा था कि अयोध्या में विवाद खड़ा कर दिया गया कि अयोध्या में राम मंदिर है कि विवादित ढांचा. नई डीएनए थ्योरी में पता चला है कि पूरे भारत का डीएनए एक है और इसीलिए भारत एक है. दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में समाप्त हो चुकी हैं पर भारत में फल फूल रही हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज देश मे जीवन के सभी क्षेत्रों में परिवर्तन देखने को मिल रहा है. गोरक्षपीठ शैव परंपरा की पीठ है लेकिन वैष्णव परम्परा के श्रीराम मंदिर निर्माण में भी गोरक्षपीठ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सरकार के भरोसे जो समाज रहता है वो स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर नहीं बन सकता.

Explained: यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव और SP को क्यों हैं 'नेताजी' की जरूरत? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

UP Election 2022: सपा मुख्यालय में इन दिनों लगातार देखे जा रहे हैं पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव. (फाइल फोटो)

आपके लिए इसका मतलब: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बेटा अखिलेश यादव और भाई शिवपाल सिंह यादव के बीच के मनमुटाव को खत्म कराने में जुटे हैं सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव. पार्टी की चुनावी रणनीति को धार देने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिशें भी जारी.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 14:22 IST
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लखनऊ. समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में यहां लंबी कतार में खड़े पार्टी कार्यकर्ताओं के चेहरे खुशी से उस वक्त चमक उठे जब पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव अपनी कार से उतरे. लाल समाजवादी टोपी सिर पर धारण किए और पारम्परिक धोती-कुर्ता पहने मुलायम ने इंतजार में खड़े कार्यकर्ताओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. पूर्व मुख्यमंत्री एवं देश के पूर्व रक्षा मंत्री का नियमित मुख्यालय आना और कार्यकर्ताओं से बात करना यह साबित करने के लिए काफी है कि मुलायम चुनावी समां में बंधने को तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं. वह न केवल आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार कर रहे हैं, बल्कि पुत्र अखिलेश यादव और भाई शिवपाल यादव के बीच बढ़ती खाई को पाटने का प्रयास कर रहे हैं. सपा अगले साल एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सके, इसके लिए पार्टी के संरक्षक बुजुर्ग नेता की सक्रियता इन्हीं कारणों से दिखने लगी है.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘नेताजी’ के नाम से मशहूर मुलायम काफी समय तक अस्वस्थ रहे, बावजूद इसके वे इन दिनों सपा मुख्यालय में काफी समय दे रहे हैं. खासकर शिवपाल तथा अखिलेश के बीच दूरी मिटाने के प्रयास पर उनका जोर ज्यादा है. इसके अलावा युवाओं, महिला मतदाताओं का रुझान पार्टी की ओर बढ़े, इस पर भी उनका तवज्जो है. उन्होंने कहा है कि यदि आवश्यकता हुई तो वह खराब स्वास्थ्य एवं उम्र संबंधी मसलों के बावजूद पार्टी के लिए यूपी चुनाव प्रचार भी करेंगे. सपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि मुलायम इन दिनों जितना सामने सक्रिय नजर आ रहे हैं उतने ही पर्दे के पीछे भी सक्रिय हैं.

शानदार रहा है मुलायम का सफर

पार्टी नेताओं द्वारा ‘धरती पुत्र’ कहे जाने वाले मुलायम सिंह अपनी नौजवानी के दिनों में कुश्ती लड़ा करते थे. बाद में वह शिक्षक बन गए. पहली बार उन्होंने 1967 में जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनकर आए थे, जिसका प्रतिनिधित्व अब उनके भाई शिवपाल कर रहे हैं. इस सीट से मुलायम सिंह ने कई बार चुनावी बाजी जीती है. जनता पार्टी के शासनकाल में वे प्रदेश के सहकारिता मंत्री भी बने थे. पार्टी सूत्रों ने कहा कि जब मुलायम अपने राजनीतिक उठान पर थे, तब कई कांग्रेसी नेता उन्हें ‘कल का छोकरा’ कहा करते थे. लेकिन उनमें से कोई नहीं जानता था कि यही ‘छोकरा’ एक दिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश का रक्षा मंत्री बनेगा.

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UP Politics: अखिलेश और शिवपाल यादव को करीब लाने की कवायद में जुटे हैं मुलायम सिंह यादव. (फाइल)

खतरे को भांप चुके हैं मुलायम

यह मायने नहीं रखता कि पार्टी कार्यकर्ता या नेता क्या कह रहे हैं, लेकिन पर्यवेक्षकों की मानें तो मुलायम ने खतरे को भांप लिया है. इसीलिए वह आगामी चुनाव से पहले अखिलेश यादव और अपने भाई शिवपाल के बीच का वैर समाप्त कराना चाहते हैं. विशेषज्ञों की मानें तो इससे समाजवादी पार्टी क्लिन स्विप नहीं कर पाएगी, लेकिन इसका असर पार्टी के प्रदर्शन पर जरूर दिखेगा. राजनीतिक कमेंटेटर रतन मणि लाल ने कहा, ‘उम्र के इस पड़ाव पर मुलायम की सबसे बड़ी उपलब्धि अपने बेटे अखिलेश और भाई शिवपाल को एक मंच पर एक साथ खड़ा करना होगा.’

कोशिश को अंजाम देने में जुटे मुलायम

उन्होंने कहा कि नेताजी की पाठशाला अब अपने घर की ओर चली है, क्योंकि वह जानते हैं कि शिवपाल यादव भी चुनाव में बेहतर परिणाम हासिल नहीं कर पा रहे हैं और अखिलेश भी वांछित सफलता हासिल करने में फिसड्डी साबित हुए हैं. ऐसे में मुलायम सिंह का जोर दोनों को एक साथ करके सपा में नई जान फूंकने का है. यूपी की सियासत को जाननेवाले इस बात पर खासा ध्यान लगाए बैठे हैं कि मुलायम की यह आजमाइश कितनी कारगर साबित होती है. खासकर बीजेपी के खिलाफ समाजवादी पार्टी को फिर से मुकाबले में लाने और चुनावी जीत दिलाने में उनके योगदान पर देशभर की निगाहें टिकी हैं.

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UP रोडवेज की अंतर्राज्यीय स्कैनिया लग्जरी बस सेवाएं बंद, हजारों यात्री परेशान

UP: यूपी रोडवेज ने स्कैनिया लग्जरी बसों के साथ अनुबंध खत्म कर दिया है. (File Photo)

UP News: लखनऊ में यूपीएसआरटीसी के रीजनल मैनेजर पीके बोस ने बताया कि अभी तक कुल 28 स्कैनिया और वॉल्वो बसों का संचालन किया जा रहा था. इसमें 23 स्कैनिया बसों का संचालन रोक दिया गया है. वहीं 5 वॉल्वो बसें पूर्व की तरह चल रही हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग से बड़ी खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि लगातार घाटे के चलते उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की अनुबंधित अंतरराज्यीय स्कैनिया एसी बसों की सेवाएं बंद कर दी गई हैं. सिर्फ 5 लग्जरी वॉल्वो बस ही चल रही हैं. यूपीएसआरटीसी ने स्कैनिया बस कंपनी से घाटे के चलते अनुबंध खत्म कर दिया है. बताया जा रहा है कि अब नई शर्तों के साथ जल्द अनुबंध की तैयारी है. उधर यूपीएसआरटीसी के अचानक आए इस फैसले से हजारों यात्रियों के आगे बड़ा संकट खड़ा हो गया है. दीपावली को लेकर हर साल पहले ही बसें कम पड़ती थीं, अब लोगों को चिंता है कि और बसें कम होने से वह अपने घर कैसे पहुंच पाएंगे.

उधर इस संबंध में लखनऊ में यूपीएसआरटीसी के रीजनल मैनेजर पीके बोस ने बताया कि अभी तक कुल 28 स्कैनिया और वॉल्वो बसों का संचालन किया जा रहा था. इसमें 23 स्कैनिया बसों का संचालन रोक दिया गया है. वहीं 5 वॉल्वो बसें पूर्व की तरह चल रही हैं. उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले हमारी कोशिश है कि बसें फिर से शुरू हों. ऐसे में अगर स्कैनिया बसों के संचालक हमसे संपर्क करेंगे तो नई शर्तों के साथ अनुबंध किया जाएगा. वहीं अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या करेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि तब दीपावली के लिए जनरथ बसों की सेवाएं ली जाएंगी.

बता दें अब स्कैनिया बसों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नो बस सर्विस दिखने लगा है. जानकारी के अनुसार इन बसों के संचालन से यूपीएसआरटीसी को घाटा हो रहा था. इसी वजह से इन लग्जरी बसों का अनुबंध 31 अगस्त 2021 को खत्म कर दिया गया. अब नई शर्तों के साथ बस सेवाएं बहाल हो पाएंगीं लेकिन इसमें कितन समय लगेगा, इसका उत्तर किसी अफसर के पास नहीं है. फिलहाल यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है.

बता दें लखनऊ से सात राज्यों के बीच बसें चलती थीं, इनमें सबसे ज्यादा दिल्ली, फिर राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा का रूट शामिल था. पीके बोस ने बताया कि लखनऊ से रोजाना 2000 से ज्यादा यात्री गैर राज्यों के बीच बसों से सफर करते थे.

UPPSC Recruitment 2021: UPPSC ने निकाली बंपर भर्तियां, लाखों की सैलरी पाने का मौका

UPPSC Recruitment 2021: आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2021 है

UPPSC Recruitment 2021: भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2021 है. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार पदों पर चयन के लिए उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा देनी होगी. जो इस परीक्षा में उत्तीर्ण होंगें हैं, वे इंटरव्यू में बैठ सकेंगे.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 13:09 IST
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नई दिल्ली. UPPSC Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, (UPPSC) ने तकनीकी शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है. जिसके अनुसार प्रधानाचार्य, लेक्चरर और अन्य के 1370 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक उम्मीदवार UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2021 है. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार पदों पर चयन के लिए उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा देनी होगी. जो इस परीक्षा में उत्तीर्ण होंगें हैं, वे इंटरव्यू में बैठ सकेंगे. जो कि इस भर्ती प्रक्रिया अंतिम राउंड है. महत्वपूर्ण तिथियों, वैकेंसी डिटेल और आवेदन कैसे करें इसकी डिटेल नीचे दी जा रही है.

UPPSC Recruitment 2021: वैकेंसी डिटेल
प्राचार्य- 13 पद
लेक्चरर मैकेनिकल इंजीनियरिंग- 238 पद
लेक्चरर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग- 213 पद
लेक्चरर सिविल इंजीनियरिंग- 125 पद
लेक्चरर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग- 145 पद
लेक्चरर केमिकल इंजीनियरिंग- 47 पद
लेक्चरर कंप्यूटर- 132 पद
लेक्चरर पेंट टेक्नोलॉजी- 11 पद
लेक्चरर टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी- 36 पद
लेक्चरर टेक्सटाइल डिजाइन- 5 पद
लेक्चरर टेक्सटाइल डिजाइन मुद्रण- 8 पद
लेक्चरर कालीन टेक्नोलॉजी- 12 पद
लेक्चरर लेदर टेक्नोलॉजी- 6 पद
लेक्चरर प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी- 2 पद
लेक्चरर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग- 1 पद
लेक्चरर डेयरी इंजीनियरिंग- 7 पद
लेक्चरर आर्किटेक्ट- 1 पद
लेक्चरर ऑटो इंजीनियरिंग- 5 पद
लेक्चरर टेक्सटाइल केमिकल साइंस- 3 पद
लेक्चरर टेक्सटाइल इंजीनियरिंग- 6 पद
लेक्चरर फार्मेसी- 25 पद
लेक्चरर इंस्ट्रुमेंटेशन एंड कॉन्ट्रो- 5 पद
लेक्चरर इंटीरियर डिजाइनिंग- 3 पद
लेक्चरर शूज टेक्नोलॉजी- 2 पद
लेक्चरर केमिकल रबड़ और प्लास्टिक- 1 पद
लेक्चरर (गैर-इंजीनियरिंग) पद- 215 पद
लेबोरेटरी अधीक्षक- 16 पद
लाइब्रेरियन- 87 पद वेतन

UPPSC Recruitment 2021: वेतन
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार प्रिंसिपल पदों नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों को 1,31,400 रुपये वेतन दिया जाएगा. इसके अलावा 9A श्रेणी के पदों पर नियुक्त उम्मीदवारों को 56,100 रुपये और लेवल 10 की श्रेणी में नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों को 57,700 रुपये का वेतन प्रतिमाह दिया जाएगा. उम्मीदवार भर्ती के लिए विस्तृत डिटेल अधिसूचना में देख सकते हैं.

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UP चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा कदम, डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र होगी 70 वर्ष

UP: योगी सरकार डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र को लेकर बड़ा फैसला करने जा रही है. (File Photo- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ)

UP News: यूपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हमें ज्यादा अनुभव वाले डॉक्टरों की आवश्यकता है. डॉक्टर रिटायरमेंट के बाद अपना कोई प्राइवेट क्लीनिक खोलें, इससे बेहतर है कि वह अपनी सेवाएं हमें ही दें.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव-2022 (UP Assembly Election 2022) से पहले प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) बड़ा फैसला करने जा रही है. योगी सरकार डाक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र (Doctor’s Retirement Age) बढ़ाने जा रही है. दरअसल योगी सरकार ने कोरोना और अन्य बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फैसला करने की तैयारी की है. जिसके तहत डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष की जाएगी.

जानकारी के अनुसार इस निर्णय से संबंधित प्रस्ताव पर जल्द ही योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मुहर लगाई जाएगी. उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने न्यूज 18 से EXCLUSIVE बयान में कहा है कि हमें ज्यादा अनुभव वाले डॉक्टरों की आवश्यकता है. डॉक्टर रिटायरमेंट के बाद अपना कोई प्राइवेट क्लीनिक खोलें, इससे बेहतर है कि वह अपनी सेवाएं हमें ही दें. इसको देखते हुए हमने प्रस्ताव तैयार किया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर अपनी सहमति भी दे दी है. जल्द ही इसे कैबिनेट से मंजूरी दी जाएगी.

विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं: सुरेश खन्ना

वहीं सरकार के कार्यकाल के संबंध में वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में अब तक लोक संकल्प पत्र का हर वादा पूरा किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमने वो काम किये हैं, जो सोचना भी सपा और बसपा के लिए मुश्किल था. कोरोना को लेकर अभी राज्यों के हालात बेहद बुरे हैं लेकिन यूपी जैसे बड़े राज्य में आज 35 से ज्यादा ऐसे जिले हैं, जो कोरोना से मुक्त हो चुके हैं. यहां तक कि वैक्सीनेशन के मामले में भी हमने बाकि राज्यों को पीछे छोड़ दिया. आज यूपी में 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी वैक्सीन की पहली डोज ले चुकी है. इस सरकार में जितने मेडिकल कॉलेज खोले गये वो किसी सरकार में नही खोले गये हैं. विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं है.

सुरेश खन्ना ने आगामी चुनाव को लकर कहा कि विपक्ष के पास फिलहाल कोई मुद्दा नहीं है. वो सिर्फ किसानों को भड़काकर अपनी दुकान चलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनकी दाल नहीं गलने वाली है. जनता ने हम पर जो भरोसा किया था, हम उनसे खरे उतरे हैं.

Sitapur News: देवर ने भाभी की गर्दन पर चाकू से वार कर उतारा मौत के घाट, सामने आई बड़ी वजह

Sitapur News:  देवर ने की भाभी की हत्या (File photo)

UP Crime News: सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी देवर को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है.

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सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) जिले में शुक्रवार रात देवर ने भाभी की निर्मम हत्या (Murder) कर दी. उसने अपनी भाभी की गर्दन पर सब्जी काटने वाले चाकू से वार कर मौत के घात उतार दिया. सनसनीखेज वारदात के बाद गांव में हड़कंप मच गया. आरोपी देवर घटना के बाद मौके से भाग गया. सूचना पाकर सीओ सिटी सहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है.

सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी देवर को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. हत्या की यह सनसनी खेज वारदात रामकोट इलाके के इंदरौली की है. बताते है कि मृतका सुमन का देर रात खाना बनाते समय अपने देवर शंकर से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा की शंकर ने अपनी भाभी सुमन पर चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए. जिससे सुमन की मौके पर ही मौत हो गई. सुमन को मरा हुआ देख देवर शंकर मौके से भाग गया. हत्या की इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.

पति की मौत के बाद देवर संग रहने लगी थी सुमन
दरअसल, सुमन के पति सेवक राम की करीब चार साल पहले मौत हो गई थी. जिसके बाद सुमन अपने देवर के साथ बतौर पत्नी रहने लगी थी. सुमन गांव के बाहर मकान बनाकर रह रही थी. इससे पहले आरोपी शंकर चोरी के एक मामले में जमानत पर जेल से छूटकर वापस आया था. सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घटना खाना बनाने के दौरान हुए विवाद को लेकर ही हुई प्रतीत होती है. बावजूद इसके पुलिस अन्य बिंदुओं की भी पड़ताल कर रही है.

UP Board Exams: 10वीं और 12वीं की इम्‍प्रूवमेंट परीक्षा आज से, कैमरे की निगरानी में हो रहा एग्‍जाम

UP Board Exam :  जो छात्र अपने रिजल्‍ट से संतुष्‍ट नहीं हैं, वह इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

UP Board improvement Exams 2021: 10वीं की यूपी बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षाएं 4 अक्टूबर तक चलेंगी, वहीं 12वीं की परीक्षाएं 6 अक्टूबर को खत्म होंगी. परीक्षा की अवधि दो घंटे है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 10:59 IST
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज से कक्षा 10वीं और 12वीं की इम्‍प्रूमेंट परीक्षा शुरू कर रही. यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा उन छात्रों के लिए है, जो अपने वैकल्पिक मूल्यांकन मानदंड से प्राप्त परिणाम से संतुष्‍ट नहीं हैं और जिन्‍हें लगता है कि उनका रिजल्‍ट और बेहतर हो सकता है.

क्‍लास 10 की यूपी बोर्ड सुधार परीक्षा (Class 10 UP Board improvement exams) 4 अक्टूबर तक चलेगी. जबकि कक्षा 12 की परीक्षा (Class 12 UP Board improvement exams) 6 अक्टूबर को समाप्त होगी. दोनों एग्‍जाम की अवधि दो घंटे है.

बोर्ड परीक्षा का आयोजन कैमरे की निगरानी में हो रहा है. परीक्षा हॉल में छात्रों के बीच दूरी रखी गई है. सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरा ध्‍यान रखा गया है.

UPMSP ने 31 जुलाई को कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए हैं. यूपी बोर्ड 10वीं के परिणाम का कुल पास प्रतिशत 99.53 फीसदी रहा, जबकि यूपी इंटर कक्षा 12वीं में यह 97.88% था.

इम्‍प्रूवमेंट परीक्षा देने के बाद जो अंक आएगा, उसे फाइनल माना जाएगा. उत्‍तर प्रदेश बोर्ड (Uttar Pradesh board), कुछ चुने हुए केंद्रों पर परीक्षा (UPMSP improvement exams) आयोजित कर रहा है. हालांकि सरकार की तरफ से जारी आदेश के अनुसार बारिश के कारण राज्‍य के सभी शैक्षणिक संस्‍थान अगले दो दिनों तक बंद ही रहेंगे. लेकिन जिन स्‍कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उन्‍हें खोला जाएगा.

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Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव (File photo)

Prayagraj News: इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी.

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प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को प्रयागराज में शाहरुख (Shahrukh) नाम के संदिग्ध ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है. लेकिन पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लेने से मना कर दिया. शाहरुख ही वह शख्स है जिसके पोल्ट्री फॉर्म से एटीएस और दिल्ली पुलिस को आईईडी बरामद हुआ था. शाहरुख का दावा है कि आईईडी उसे एक दिन पहले ही गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जीशान ने रखने के लिए दिया था. अगले दिन जीशान की निशानदेही पर एटीएस और दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर शाहरुख के पोल्ट्री फार्म से ही आईईडी बरामद की थी. बरामद आईईडी को बम डिस्पोजल स्क्वायड के जरिए डिस्पोज किया गया था.

खुद थाने पहुंचा शाहरुख
शाहरुख ने कल रात फेसबुक लाइव कर खुद को बेगुनाह बताया और कोतवाली थाने में जाकर सरेंडर करने की बात कही. चौक इलाके से किए गए लाइव में वह चलते हुए कोतवाली थाने तक गया है. फेसबुक लाइव में शाहरुख ने दावा किया है कि वह खुद की बेगुनाही साबित करने के लिए पुलिस के सामने पेश हो रहा है. उसने बताया कि जिस दिन उसके पोल्ट्री फार्म से आईईडी बरामद हुई थी एटीएस अफसरों ने उसे फोन किया था. फोन पर वक्त दिए जाने के बावजूद डर की वजह से वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया था.

शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार
इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी. बहरहाल, शाहरुख का जिस तरीके का कनेक्शन सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है. इसी हफ्ते हुई छापेमारी में शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार हुए हैं. ओसामा की गिरफ्तारी दिल्ली में और आमिर बेग की गिरफ्तारी लखनऊ से हुई है. जबकि शाहरुख के करीबी जीशान कमर की गिरफ्तारी प्रयागराज से हुई है.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

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