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UP Chunav: BJP के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनीं गोरखपुर मंडल की 22 सीटें, जानिए कैसी होगी 2022 की तस्वीर

UP Chunav: BJP के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनीं गोरखपुर मंडल की 22 सीटें, जानिए कैसी होगी 2022 की तस्वीर

सीएम योगी का गृह मंडल होने की वजह से पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर है. (फाइल फोटो)

सीएम योगी का गृह मंडल होने की वजह से पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर है. (फाइल फोटो)

UP Politics in 2022 Election: दरअसल, गोरखपुर मंडल में सीटवार मुस्लिम-यादव, निषाद, सैंथवार, ब्राह्मण, पाल व ठाकुर जैसे जातीय समीकरण भी हैं, जो हर एक सीट पर असर दिखाते हैं. वहीं यूपी की राजनीति में ब्राह्मणों का वर्चस्व हमेशा से रहा है. प्रदेश में करीब 13 फीसदी ब्राह्मण आबादी है. कई विधानसभा सीटों पर 20 फीसदी से अधिक वोटर ब्राह्मण हैं. ऐसे में हर पार्टी की नजर इस वोट बैंक पर टिकी है.

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लखनऊ/गोरखपुर. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election) का बिगुल बज गया है. हर राजनीतिक पार्टियां 2017 विधानसभा चुनाव की कमियों को दूर करने में जुट गई हैं. किसी भी हाल में प्रदेश में अधिक से अधिक सीट हासिल करने के लिए भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस पार्टी जोर शोर से कैंपेन में लग गई हैं. अगर बात 2017 के विधानसभा चुनाव की करें तो गोरखपुर मंडल की 28 सीटों में से 23 पर बीजेपी का कब्जा रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का गृह मंडल होने की वजह से पार्टी और सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर है.

उधर, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया दावा करते हैं कि गोरखपुर मंडल में 28 सीटें है और 2022 के चुनाव में 28 की 28 सीटों पर सपा का कब्जा होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को शून्य सीट मिलेगी. वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि, गोरखपुर में पिपराइच के चीनी मिल से लेकर फर्टिलाइजर कारखाने शुरू हो चुके हैं. सरकार ने दोनों का काम करा दिया है. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में दिमागी बुखार से दशकों से मर रहे बच्चों की सुध लेने वाला कोई नहीं था. आज गोरखपुर में एम्स शुरू हो चुका है. त्रिपाठी ने कहा कि गोरखपुर की पूरी तस्वीर बदल गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से इस बार भारतीय जनता पार्टी गोरखपुर मंडल ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल में कब्जा जमाएगी.

सीएम योगी की प्रतिष्ठा
मामले में लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार रतन मणि लाल ने कहा कि गोरखपुर से 1998 से लेकर पांच बार सांसद रहे सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर में अपना प्रभाव बनाए रखना उनकी प्रतिष्ठा का प्रश्न है. उनके इसी प्रभाव की वजह से पूर्वांचल की कई सीटों पर भी बीजेपी का दबदबा बना रहा है. लाल ने कहा,” इस विधानसभा चुनाव मे योगी के लिए दबाव और चुनौती दोनों ही ज्यादा हैं क्योंकि वे मुख्यमंत्री भी हैं.” एक तो पिछले चुनाव का प्रदर्शन दोहराना उनसे अपेक्षित होगा, और दूसरे, गोरखपुर मंडल में विपक्षी दल भी अपना प्रभाव जातिगत रूप से बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मे योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के लिए मजबूत प्रदर्शन करना एक बड़ी चुनौती है.

जानिए जातीय समीकरण
दरअसल, गोरखपुर मंडल में सीटवार मुस्लिम-यादव, निषाद, सैंथवार, ब्राह्मण, पाल व ठाकुर जैसे जातीय समीकरण भी हैं, जो हर एक सीट पर असर दिखाते हैं. वहीं यूपी की राजनीति में ब्राह्मणों का वर्चस्व हमेशा से रहा है. प्रदेश में करीब 13 फीसदी ब्राह्मण आबादी है. कई विधानसभा सीटों पर 20 फीसदी से अधिक वोटर ब्राह्मण हैं. ऐसे में हर पार्टी की नजर इस वोट बैंक पर टिकी है.

Tags: Akhilesh yadav, Bjp government, CM Yogi, Gorakhpur news, Samajwadi party, UP Chunav 2022, UP Election 2022, UP news, Yogi government, गोरखपुर, लखनऊ

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