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UP Chunav: योगी सरकार के ब्राह्मण मंत्रियों से क्यों मिले BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा, क्या सौंपी जिम्मेदारी?

UP Chunav: योगी सरकार के ब्राह्मण मंत्रियों से क्यों मिले BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा, क्या सौंपी जिम्मेदारी?

BJP के ब्राह्मण मंत्री और नेताओं ने की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात

BJP के ब्राह्मण मंत्री और नेताओं ने की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात

Brahmin Politics in UP Assembly Elections: यूपी में ब्राह्मण वोटरों की संख्या 8-10 फीसदी मानी जाती है. योगी सरकार में शुरुआती कुछ घटनाओं के बाद से ही ये सवाल उठाये जा रहे थे कि ब्राह्मण मतदाता सरकार से नाराज हैं. इसे साधने के लिए न सिर्फ जितिन प्रसाद को यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया, बल्कि मोदी सरकार में अजय मिश्रा टेनी को गृह राज्य मंत्री पद से भी नवाजा गया.

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लखनऊ. आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ बीजेपी ब्राह्मणों (Brahmin Voters) को साधने की कवायद में जुट गई है. इसी क्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली में यूपी के कई कद्दावर नेताओं से मुलाकात की. खास बात ये रही कि सभी के सभी नेता ब्राह्मण समुदाय से थे. मिलने वाले नेताओं में कई यूपी सरकार के मंत्री और कई पूर्व मंत्री मंत्री शामिल रहे. सभी ने जेपी नड्डा को भगवान परशुराम की फोटो भी भेट की है. मीटिंग से निकलने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा ने न्यूज़ 18 को बताया कि हम लोगों ने एक मांग मांग पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को सौंपा है. लगभग 80 अलग-अलग ब्राह्मण समुदाय के संगठनों ने कई मुद्दों पर सरकार से कुछ चाहा है. वही मांग पत्र हमने सौंपा है। हम यह भी मैसेज देना चाहते हैं कि पूरी ब्राह्मण बिरादरी योगी आदित्यनाथ की सरकार के साथ है और चुनाव में जी-जान से जुटी रहेगी.

जिन नेताओं ने जेपी नड्डा से मुलाकात की है, उनमें कानून मंत्री बृजेश पाठक, बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी, आनन्द स्वरूप शुक्ला, शिव प्रताप शुक्ला, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और पूर्व केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री महेश शर्मा शामिल हैं. इसके अलावा पार्टी के पदाधिकारी अभिजात मिश्रा भी इनके साथ जेपी नड्डा से मिले. चुनावी दौर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से ब्राह्मण मंत्रियों की मुलाकात अहम मानी जा रही है. हालांकि देखने वाली बात ये भी है कि मंत्रियों के इस दल में जितिन प्रसाद शामिल नहीं थे. उन्हें हाल ही में यूपी सरकार ने कैबिनेट मंत्री बनाया था. उनके मंत्री बनाये जाने के बाद से ये बात कही जा रही थी कि ब्राह्मण वोटों को समेटने के लिए जितिन को उपकृत किया गया है. जितिन प्रसाद के बारे में पता चला कि वह जन विश्वास यात्रा में व्यस्तता के कारण दिल्ली नहीं जा सके.

ब्राह्मण वोटरों की संख्या 8-10 फीसदी

बता दें कि यूपी में ब्राह्मण वोटरों की संख्या 8-10 फीसदी मानी जाती है. योगी सरकार में शुरुआती कुछ घटनाओं के बाद से ही ये सवाल उठाये जा रहे थे कि ब्राह्मण मतदाता सरकार से नाराज हैं. इसे साधने के लिए न सिर्फ जितिन प्रसाद को यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया, बल्कि मोदी सरकार में अजय मिश्रा टेनी को गृह राज्य मंत्री पद से भी नवाजा गया. बता दें कि ब्राह्मण वोटरों को लुभाने के लिए सपा, बसपा और कांग्रेस ने भरपूर प्रयास किये हैं. सपा ने तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे भगवान परशुराम की बड़ी प्रतिमा भी लगाई है. इसके अलावा बसपा ने ब्राह्मण सम्मेलन पूरे राज्य में किये हैं. कांग्रेस भी अपने पुराने वोट बैंक को लुभाने के लिए जी-जान से जुटी है.

योगी सरकार में 10 मंत्री ब्राह्मण समुदाय से

बता दें कि यूपी के चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान से भी रविवार को कुछ ब्राह्मण मंत्रियों ने दिल्ली में मुलाकात की थी. उनसे मिलने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी गये थे. हालांकि जेपी नड्डा से मुलाकात की जो फोटो आयी है, उसमें दिनेश शर्मा नजर नहीं आ रहे हैं. ब्राह्मण समुदाय की योगी सरकार से नाराजगी की चाहे जितनी बातें कही जायें, लेकिन, सरकार ने उनकी संख्या बल के अनुपात से ज्यादा ही कैबिनेट में कुर्सियां दी हैं. योगी सरकार में 60 मंत्रियों में से 10 ब्राह्मण समुदाय से हैं. मौजूदा सरकार में डॉ दिनेश शर्मा, बृजेश पाठक, श्रीकांत शर्मा, रामनरेश अग्निहोत्री, डॉ. नीलकंठ तिवारी, सतीश चंद्र द्विवेदी, अनिल शर्मा, आनंद स्वरूप शुक्ला, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय और जितिन प्रसाद मंत्री हैं. सपा की ही तरह बीजेपी ने भी ब्राह्मण समुदाय के हृदय नारायण दीक्षित को विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी है.

Tags: UP Assembly Election, UP Brahmin Voters, Uttar Pradesh Elections

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