सवाल पूछने वाले पत्रकारों पर लगातार हमले कर रही योगी सरकार: प्रियंका गांधी

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 12, 2019, 8:24 PM IST
सवाल पूछने वाले पत्रकारों पर लगातार हमले कर रही योगी सरकार: प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने लिखा है-पत्रकार केवल आंख पर पट्टी बांध कर वाहवाही के लिए नहीं होते. उनका काम होता है जनता के मुद्दों पर खबरें बनाना और सरकार से जवाब लेना.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Aditya nath Government) पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ट्वीट किया है. उन्होंने इस ट्वीट में पत्रकारों पर प्रदेश में लगातार होती कार्रवाई के खिलाफ योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Aditya nath Government) पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने ट्वीट किया है. उन्होंने इस ट्वीट में पत्रकारों पर प्रदेश में लगातार होती कार्रवाई के खिलाफ योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है. प्रियंका गांधी ने लिखा है-पत्रकार केवल आंख पर पट्टी बांध कर वाहवाही के लिए नहीं होते. उनका काम होता है जनता के मुद्दों पर खबरें बनाना और सरकार से जवाब लेना. लेकिन उप्र भाजपा सरकार ऐसे पत्रकारों पर लगातार हमला बोल रही है. क्या भाजपा को आम जनता के मुद्दों का डर सता रहा है?

प्रियंका गांधी का ये ट्वीट यूपी में कई पत्रकारों की गिरफ्तारियों के बाद आया है. बीते सोमवार को आजमगढ़ की एक अदालत ने एक पत्रकार की गिरफ्तारी के मामले में जांच के आदेश दिए हैं. दरअसल उस पत्रकार पर आरोप है कि उसने स्कूल में सफाई करते कुछ बच्चों की तस्वीरें ले ली थीं. इसके अलावा एक दूसरे मामले में बीते 7 सितंबर को पांच पत्रकारों के खिलाफ इसलिए मामला दर्ज कर लिया गया क्योंकि उन्होंने दलित परिवार को हैंडपंप से पानी न लेने देने की खबर प्रकाशित की थी.



बीते 2 सितंबर को पुलिस ने मिर्जापुर के एक पत्रकार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था. उस पत्रकार पर सरकार की छवि खराब करने का आरोप है. उस पत्रकार ने मिड डे बच्चों का नमक-रोटी खाते हुए वीडियो बना लिया था. इस वीडियो के बाद योगी सरकार मीडिया के निशाने पर भी आ गई थी.

दिल्ली से हुई थी पत्रकार की अवैध गिरफ्तारी
गौरतलब है कि कुछ समय पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी पर भी सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. इसके प्रशांत की पत्नी तरफ से डाली गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी और उन्हें तत्काल जेल से छोड़ने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 'किसी की राय अलग-अलग हो सकती है, उन्हें (प्रशांत) शायद वह ट्वीट नहीं करना चाहिए था, लेकिन बस इस आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता. किसी को एक ट्वीट के चलते 11 दिन तक जेल में नहीं रख सकते हैं.'

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First published: September 12, 2019, 8:14 PM IST
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