ऑक्सीजन प्लांट के मालिक बोल रहे, प्राइवेट अस्पतालों को ऑक्सीजन देने से रोका गया है: BJP MP

लखनऊ में मोहनलालगंज सांसद बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.

लखनऊ में मोहनलालगंज सांसद बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.

Lucknow News: लखनऊ में मोहनलालगंज से बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने कहा कि जब मैंने ड्रग इंस्पेक्टर से बात की तो उन्होंने कहा कि मैंने किसी को मना नहीं किया. उन्होंने पूछा कि ऑक्सीजन प्लांट के मालिकों को अगर मना नहीं किया गया तो फिर गैस क्यों नहीं मिल रही?

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2021, 12:14 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है. हालत यह है कि मोहनलालगंज से खुद बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने ही ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा है. कौशल किशोर ने कहा है कि प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों का हाल बेहाल है. कुछ की मौतें भी हो रही हैं. ऑक्सीजन प्लांट के कुछ मालिकों ने उन्हें बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर ने प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन देने पर रोक लगा रखी है. मालिकों ने बताया कि उनसे कहा गया है कि केवल सरकारी अस्पतालों में ही ऑक्सीजन सप्लाई करें, प्राइवेट अस्पतालों में ना दें.

बीजेपी सांसद ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीज मर रहे हैं तो मरने दे. यह बात ऑक्सीजन गैस प्लांट के दो मालिकों ने मुझे बताई है. इसके अलावा सैकड़ों लोग मुझे रोज फोन करके ऑक्सीजन की डिमांड कर रहे हैं. प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों को अस्पताल के मालिक अस्पताल से भगा रहे हैं.

अगर मना नहीं किया है तो ऑक्सीजन मिल क्यों नहीं रही?: सांसद

कौशल किशोर ने कहा कि जब मैंने ड्रग इंस्पेक्टर से पूछा तो उन्होंने कहा कि मैंने किसी को मना नहीं किया. ऑक्सीजन प्लांट के मालिकों को अगर मना नहीं किया गया तो फिर गैस क्यों नहीं मिल रही? प्लांट मालिकों से मेरा आग्रह है कि प्राइवेट अस्पतालों और आम लोगों को जिनके मरीज घर में क्वारंटाइन है, उनको ऑक्सीजन दें. ऑक्सीजन की सप्लाई डिमांड के अनुसार पूरी करें, लोगों की जान बचाएं. अगर कोई आप पर दबाव डालता है तो जिलाधिकारी और मुझे सूचित करें.
मेयो के बाद चंदन अस्पताल में भी ऑक्सीजन कुछ घंटे की बची

मेयो अस्पताल के बाद चंदन अस्पताल में भी आक्सीजन सप्लाई करने में अपनी मजबूरी ज़ाहिर करते हुए यह कहा गया है कि फ़िलहाल अस्पताल में 110 मरीज़ों को आक्सीजन दिया जा रहा है, लेकिन अब आक्सीजन सप्लाई करने वाली संस्थाएं उन्हें सप्लाई देने से मना कर रही हैं और अब उनके पास सिर्फ 4 घंटे की ऑक्सीजन ही बची है.चंदन अस्पताल में फिलहाल 158 मरीज भर्ती है, जिसमें 110 मरीज़ ऐसे हैं जिन्हें ऑक्सीजन दी जा रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब उनके लिए आगे मरीजों का इलाज कर पाना संभव नहीं हो पाएगा. जिसको लेकर उन्होंने सरकार से गुजारिश की है कि सरकार जल्द आक्सीजन की समस्या को दूर करे.

बुधवार को मेयाे ने चिपका दिया था नोटस



बुधवार को मेयो अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी का नोटिस चिपका दिया गया था. इसके बाद ऑक्सीजन पर चल रहे मरीजों की जान आफत में आ गई. अस्पताल प्रबंधन की तरफ से तीमारदारों से अपने मरीज़ों को दूसरे अस्पतालों में ले जाने को कहा गया. मेयो अस्पताल की तरफ से सीएमओ को चिट्ठी भी लिखी गई. इसमें ऑक्सीजन की कमी को लेकर जल्द से जल्द सप्लाई देने की मांग की गई. मेयो अस्पताल ही नहीं शहर के दूसरे अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की किल्लत जानलेवा स्थिति तक पहुंच गई. लखनऊ के गोमतीनगर वास्तुखंड के मेकवेल अस्पताल में भी ऑक्सीजन की दिक्कत हो गई.
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