बंगाल की हिंसा को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का अपने आवास पर सांकेतिक धरना

बंगाल में हिंसा के खिलाफ अपने घर पर धरना दे रहे यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह.

Lucknow News: यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी समर्थकों के साथ हो रही लगातार हिंसा के खिलाफ विरोध जताया. आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी के संरक्षण में ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की जा रही है.

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लखनऊ. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (Bengal Elections) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली शानदार जीत के बाद बीजेपी समर्थकों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. इसे लेकर बीजेपी ने पूरे देश में टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर पूरे देश के साथ उत्तर प्रदेश में आज बीजेपी नेताओं ने धरना देकर विरोध दर्ज कराया. राजधानी लखनऊ में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने घर में ही धरना दिया.

स्वतंत्र देव सिंह ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी समर्थकों के साथ हो रही लगातार हिंसा के खिलाफ विरोध जताया. साथ ही आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद ममता बनर्जी के संरक्षण में ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, उपद्रवियों व गुंडों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ये बर्ताव किया जा रहा है. वहां लगातार हिंसा, मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याएं की जा रही हैं.



अयोध्या में एक दिन के उपवास पर बैठे संत परमहंस दास

वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भड़की हिंसा पर अयोध्या के संत परमहंस दास दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उपवास पर बैठ गए हैं. अयोध्या में तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने एक दिवसीय उपवास रख सत्याग्रह कर राष्ट्रपति से बंगाल में घुसपैठिए और रोहंगिया की नागरिकता समाप्त करने के साथ चुनाव रद्द करने की मांग की है. महंत परमहंस दास ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी पश्चिम बंगाल में हिंसा कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन की भी करेंगे.

महंत परमहंस दास ने कहा कि लोकतंत्र में जनता स्वतंत्र है. किसी को भी मतदान कर सकती है. किसी का भी प्रचार कर सकती है. किसी का भी झंडा लगा सकती है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के जीतने के बाद से ही हिंसा चालू हुई. एक भय का माहौल बना दिया गया. परमहंस दास ने इसको संविधान की हत्या माना है और कहा कि यह अमर्यादित है.

महंत परमहंस दास ने यह मांग की है कि संविधान की रक्षा के लिए पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए. साथ ही जिन लोगों का घर जलाया गया है, उन्हें मकान दिया जाना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की है.