केंद्रीय नेतृत्व को चुनौती है BJP शासित राज्यों में ट्रैफिक के नए नियमों का विरोध: अखिलेश यादव

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 12, 2019, 4:12 PM IST
केंद्रीय नेतृत्व को चुनौती है BJP शासित राज्यों में ट्रैफिक के नए नियमों का विरोध: अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी शासित राज्यों द्वारा ट्रैफिक के नए नियमों के विरोध को आधार बनाकर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर हमला किया है.

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गुरुवार को ट्वीट (Tweet) कर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) के नए नियमों के विरोध का मुद्दा उठाया.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गुरुवार को ट्वीट (Tweet) कर बीजेपी शासित राज्यों द्वारा ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) के नए नियमों के विरोध का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों के इस कदम को केंद्रीय नेतृत्व के लिए चुनौती करार दिया. अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है, “भाजपा शासित राज्यों द्वारा चालान के नये नियमों को न मानना दर्शाता है कि ये सच में कितने जनविरोधी व दमनकारी हैं. तभी तो उन राज्यों की इतनी हिम्मत हुई कि वो “सख़्त फ़ैसले”लेने वाले तथाकथित “निर्णायक नेतृत्व”को चुनौती दे सकें. ये भाजपा में ‘अतिकेंद्रीकरण’के विरोध की शुरुआत है."

इससे पहले अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था, "भाजपा सरकार द्वारा लागू 'ट्रैफिक टैररिज्म' के कारण नोएडा में वाहन चैकिंग के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हार्ट अटैक से मृत्यु बेहद दुखद घटना है. मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना! भाजपा शासित गुजरात ने इन प्रताड़नाकारी नियमों को नकार दिया है, उप्र सरकार भी उत्पीड़न बंद करे."

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का ट्वीट


UP में भी ट्रैफिक नियम तोड़ने पर घट सकती है जुर्माने की दरें

बता दें 1 सितंबर से देश भर में लागू हुए न्यू मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act 2019) को लेकर बीजेपी (BJP) शासित प्रदेश भी बैकफुट पर हैं. गुजरात और उत्तराखंड के बाद अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 में निर्धारित जुर्माने की राशि कम करने पर विचार हो रहा है. सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार जुर्माने में संशोधन की तैयारी में है. इस संबंध में जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव लाने की तैयारी है. मिल रही जानकारी के मुताबिक ट्रैफिक नियम तोड़ने पर उन अपराधों की जुर्माने की दर कम हो सकती है, जो शासनीय श्रेणी के हैं.

जून में हुए संशोधन के आधार पर ही वसूला जा रहा जुर्माना

दरअसल नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत राज्य सरकारों को शासनीय श्रेणी में जुर्माने को कम करने का अधिकार मिला हुआ है. हालांकि यूपी में अभी भी शासनीय अपराधों के लिए पुराने दर पर ही जुर्माना वसूला जा रहा है. जून 2019 में योगी सरकार ने मोटर यान नियमवाली 1988 की धरा 200 को संशोधित किया था. इसके तहत बिना हेलमेट, बिना नंबर प्लेट, और बगैर ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने जैसे मामलों में जुर्माने की राशि में वृद्धि की गई थी.
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First published: September 12, 2019, 4:12 PM IST
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