बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की 8 मुस्लिम बहुल सीटों में से 4 पर किया कब्जा

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बीजेपी ने यूपी में 62 सीटें हासिल की हैं, जबकि उसकी सहयोगी अपना दल ने अपनी दोनों सीटें जीती हैं.

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सपा-बसपा के साथ आ जाने के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया है. जब विपक्षी महागठबंधन बना था, तब ऐसे दावे किए जा रहे थे कि बीजेपी को यूपी से बड़ा नुकसान होने जा रहा है लेकिन नतीजे बिल्कुल उलट आए. बीजेपी ने यूपी में 62 सीटें हासिल की हैं जबकि उसकी सहयोगी अपना दल ने अपनी दोनों सीटें जीती हैं. लेकिन इस जीत के बीच यूपी के कुछ मुस्लिम प्रभाव वाले इलाके ऐसे हैं जहां से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. हालांकि कई ऐसे भी मुस्लिम वोटर्स के प्रभाव वाली सीटें हैं ,जहां बीजेपी को सफलता मिली है. कुछ ऐसे हैं आंकड़े-

लखनऊ ( राजनाथ सिंह, बीजेपी )

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सामान्य तौर पर बीजेपी की सीट मानी जाती है. बीते कई लोकसभा चुनावों में इस सीट पर पार्टी का एकछत्र राज रहा है. ये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भी सीट है. इस सीट पर करीब 26 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. इस बार यहां गृहमंत्री राजनाथ सिंह दोबारा बीजेपी उम्मीदवार थे. वो 2014 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं. राजनाथ सिंह को इस चुनाव में कुल 627881 वोट मिले. वहीं उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी महागठबंधन प्रत्याशी पूनम सिन्हा को 285724 वोटों से संतोष करना पड़ा.



रामपुर ( आजम खान, समाजवादी पार्टी )
यूपी का रामपुर सीट समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का गढ़ मानी जाती है. इस लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिम जनसंख्या करीब 50 प्रतिशत है. बीजेपी की उम्मीदवार जया प्रदा इस सीट से सांसद रह चुकी हैं लेकिन तब समाजवादी प्रत्याशी के रूप में जीती थीं. इस बार के चुनाव में आजम खान को 559177 वोट हासिल हुए. वहीं जया प्रदा को 449180 वोटों के साथ हार का मुंह देखना पड़ा.



सहारनपुर ( हाजी फजलुर्रहमान, बीएसपी )

पश्चिम यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट मुस्लिम प्रभाव वाली मानी जाती है. यहां पर मुस्लिम आबादी करीब 41 प्रतिशत है. बीते लोकसभा चुनाव में यहां से बीजेपी के टिकट पर जीते राघव लखनपाल इस बार चुनाव हार गए हैं. उन्हें महागठबंधन की ओर से चुनाव लड़ रहे बीएसपी प्रत्याशी हाजी फजलुर्रहमान ने हराया. बीएसपी को यहां 514139 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर बीजेपी के राघव लखनपाल रहे. राघव को 491722 वोट मिले. तीसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद रहे. इमरान को 207068 वोट मिले. इमरान यूपी में कांग्रेस के उन नेताओं में से हैं जिन्होंने अपनी जमानत बचाने में सफलता पाई है. मसूद के अलावा कानपुर से कांग्रेस उम्मीदवार श्री प्रकाश जायसवाल ने भी अपनी जमानत बचाई है.

मुरादाबाद ( एस.टी. हसन, समाजवादी पार्टी )

मुरादाबाद सीट भी यूपी की मुस्लिम प्रभाव वाली सीट है. यहां पर मुस्लिम आबादी करीब 47 प्रतिशत के आस-पास है. यहां पर मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और महागठबंधन के बीच था. बीजेपी की तरफ से कुंवर सर्वेश सिंह, महागठबंधन की तरफ से एस.टी. हसन और कांग्रेस की तरफ से इमरान प्रतापगढ़ी चुनाव लड़ रहे थे. जीत महागठबंधन प्रत्याशी एस.टी. हसन की हुई है. उन्हें 649416 वोट हासिल हुए. जबकि बीजेपी के सर्वेश सिंह को 551538 वोट मिले. कांग्रेस के युवा नेता इमरान प्रतापगढ़ी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके. उन्हें 59198 वोट हासिल हुए.

अमरोहा ( कुंवर दानिश अली, बीएसपी )

यूपी की अमरोहा सीट राज्य की सबसे ज्यादा मुस्लिम जनसंख्या वाली सीटों में शुमार होती है. इस सीट पर महागठबंधन प्रत्याशी कुंवर दानिश अली की जीत हुई है. उन्हें 601082 वोट मिले जबकि बीजेपी उम्मीदवार कंवर सिंह तंवर को 537834 वोट मिले.

मेरठ ( राजेंद्र अग्रवाल, बीजेपी ) 

मेरठ सीट पर भी अच्छी-खासी तादाद मुस्लिम मतदाताओं की है. इस सीट पर कुल मुस्लिम जनसंख्या तीस प्रतिशत से अधिक है. इस सीट पर मुकाबला बीजेपी के राजेंद्र अग्रवाल और महागठबंधन प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी के बीच था. यहां हुए नजदीकी मुकाबले में बीजेपी ने महागठबंधन को हरा दिया है. राजेंद्र अग्रवाल को 586184 वोट मिले और हाजी याकूब को 581455 वोट मिले.

मुजफ्फरनगर ( संजीव बालियान, बीजेपी)

2013 में हुए दंगों के बाद से यूपी का मुजफ्फनगर जिला चर्चा के केंद्र में रहता है. इस जिले में मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में रहती है. यहां मुस्लिम आबादी करीब चालीस प्रतिशत है. इस सीट पर मुख्य मुकाबला चौधरी अजित सिंह और बीजेपी के संजीव बालियान के बीच था. बेहद नजदीकी मुकाबले में संजीव बालियान ने चौधरी अजित सिंह को मात दी. संजीव को 573780 वोट मिले जबकि अजित सिंह को 567254 वोटों से संतोष करना पड़ा.

संजीव बालियान


कैराना ( प्रदीप कुमार, बीजेपी )

कैराना लोकसभा सीट पर 2018 में हुए उपचुनाव को बीजेपी सरकार के खिलाफ एक लहर के तौर पर देखा गया था. तब महागठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह को हराया था. ये इलाका भी मुस्लिम प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिना जाता है. यहां पर मुस्लिम आबादी करीब तीस प्रतिशत है. इस बार के लोकसभा चुनाव में तबस्सुम हसन को हार का सामना करना पड़ा है. बीजेपी के प्रदीप कुमार ने उन्हें हराया है. प्रदीप कुमार को 566961 वोट मिले जबकि तबस्सुम हसन को 474801 वोट हासिल हुए.

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