यूपी में 12 जुलाई से पहले होंगे पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव, 20 जून के बाद अधिसूचना

12 जुलाई से पहले होंगे पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव (सांकेतिक फोटो

UP Panchayat Chunav: जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पदों के चुनाव में प्रमुख दलों के निर्वाचित सदस्यों से अलावा निर्दलियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. इस विजयी सदस्यों में निर्दलियों की संख्या ही सर्वाधिक है इसलिए उनका रुझान ही अध्यक्षों के चुनाव को प्रभावित करेगा.

  • Share this:
लखनऊ. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद योगी सरकार (Yogi Government) ने बड़ा फैसला लिया गया है. उत्तर प्रदेश में अब ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव 12 जुलाई से पहले कराए जाएंगे. जबकि 20 जून के बाद अधिसूचना जारी हो सकती है. इससे पहले पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 15 से 20 मई के बीच होने थे, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इन्हें टाल दिया गया था.

बता दें कि यूपी में 75 जिला पंचायत अध्यक्षों और 826 ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव होना है. नवनिर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे. वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों को चुनने के लिए मतदान करेंगे. जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए प्रमुख दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे गए थे. पंचायत चुनाव चूंकि पार्टी सिंबल से नहीं लड़ा जाता है इस कारण विजेता सदस्यों को लेकर दलीय दावों में एकरूपता हो पाना आसान नहीं है.

निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका अहम
जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पदों के चुनाव में प्रमुख दलों के निर्वाचित सदस्यों से अलावा निर्दलियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. इस विजयी सदस्यों में निर्दलियों की संख्या ही सर्वाधिक है इसलिए उनका रुझान ही अध्यक्षों के चुनाव को प्रभावित करेगा. निर्दलियों का समर्थन जुटाने के अलावा बागियों का रोल भी महत्वपूर्ण होता है. जाहिर है कि जोड़तोड़ वाले इस चुनाव में सत्ता का दखल निर्णायक होता गया. धनबल और बाहुबल भी चुनावी समीकरण बनाते बिगाड़ते हैं.

24 घंटे में सिर्फ 1,000 नए केस
यूपी में लगातार 36वें दिन कोरोना के मामलों में कमी आई है. पिछले 24 घंटे में सिर्फ 1,000 नए केस सामने आए है. अब प्रदेश में 20,000 से कम सक्रिय केस रह गए है. सक्रिय केसों की कुल संख्या 19,431 रह गई है. जबकि 24 घंटे में कुल 3.09 लाख टेस्ट हुए हैं. 5 करोड़ से ज्यादा टेस्ट करने वाला यूपी अकेला राज्य है. उधर रिकवरी रेट 97.6 प्रतिशत है. अब पॉजिटिविटी रेट 0.3 प्रतिशत रह गई हैं.