कानपुर शेल्टर होम केस: यूपी सरकार ने प्रोबेशन ऑफिसर अजीत कुमार को किया सस्पेंड
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कानपुर शेल्टर होम केस: यूपी सरकार ने प्रोबेशन ऑफिसर अजीत कुमार को किया सस्पेंड
यूपी सरकार का बड़ा फैसला.(सांकेतिक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश के कानपुर शेल्टर होम केस (Kanpur Shelter Home case) मामले पर योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर शेल्टर होम केस (Kanpur Shelter Home case) मामले पर योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने प्रोबेशन ऑफिसर (Probation Officer) अजीत कुमार को सस्पेंड कर दिया है. सरकार का मानना है कि अजीत कुमार अपने  कर्तव्यों के निर्वहन में असफल रहे और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत सूचना का मुकाबला सही तौर पर करने में सक्ष्म नहीं रहे. इस वजह से सरकार ने ये बड़ा कदम उठाया है. बता दें कि कानपुर शेल्टर होम केस को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) द्वारा किए गए कमेट के बाद उत्तर प्रदेश कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. आयोग ने नोटिस में  प्रियंका गांधी से  कानपुर आश्रय गृह मामले के बारे में अपने फेसबुक पोस्ट पर  शुद्धिपत्र (corrigendum) जारी करने के लिए कहा. नोटिस में साफ कहा गया है कि, अगर समय पर जवाब पेश नहीं किया गया तो कार्रवाई की जा सकती है.

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित महिला संवासिनी गृह में एक के बाद एक 7 युवतियों के गर्भवती पाए जाने और 57 के कोरोना संक्रमित (COVID-19 Positive) होने का मामला सामने आया था. शेल्टर होम की बच्चियों के गर्भवती और कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस भेजा था. आयोग ने सूबे के  मुख्य सचिव और डीजीपी से इस मामले में जवाब मांगा गया था. इसके अलावा इस मामले में राज्य महिला आयोग ने भी कानपुर डीएम से रिपोर्ट मांगी थी.

एसएसपी ने कही थी ये बात



कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी. ने सोमवार को जानकारी दी थी कि बालिका संरक्षण गृह में लाए जाने के समय ही ये बच्चियां गर्भवती थीं. इनमें से 5 संवासिनी आगरा, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज और कानपुर की हैं. एसएसपी ने बताया था कि कन्नौज और आगरा से लाई गई दो संवासिनी रेस्क्यू के समय ही गर्भवती पाई गई थीं. इन्हें पिछले साल दिसंबर में लाया गया था. संरक्षण के समय से ही इन दोनों के प्रेग्नेंट होने का रिकॉर्ड है. इधर, एसएसपी के बयान देने के बाद कानपुर डीएम ने ट्वीट कर शेल्टर होम मामले में गलत सूचना फैलाने वालों को चेतावनी भी दी थी.
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अलेश यादव ने की थी कार्रवाई की मांग

स्वरूप नगर स्थित राजकीय बालिका सुधार गृह की 7 नाबालिग लड़कियों के प्रेग्नेंट होने के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की थी. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट करके कहा था कि कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह से आई ख़बर से उप्र में आक्रोश फैल गया है.  कुछ नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का गंभीर खुलासा हुआ है. इनमें 57 कोरोना से व एक एड्स से भी ग्रसित पाई गयी है, इनका तत्काल इलाज हो. उन्होंने कहा कि सरकार शारीरिक शोषण करनेवालों के ख़िलाफ़ तुरंत जांच बैठाएं.
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